
PM पर टिप्पणी मामला: युवती पर Zero FIR दर्ज, CJP बोली- डराने की साजिश
Jantar Mantar PM Modi Row: जंतर-मंतर पर पीएम पर टिप्पणी करने वाली रुचिका सिंह पर नोएडा में Zero FIR दर्ज। CJP प्रवक्ता सौरव दास ने कार्रवाई को गलत बताया।
Jantar Mantar Protest: NEET धांधली को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए विरोध-प्रदर्शन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ कथित तौर पर अभद्र और आपत्तिजनक टिप्पणी करने का मामला अब कानूनी पचड़े में फंस गया है। जंतर-मंतर का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद नोएडा की रहने वाली युवती रुचिका सिंह के खिलाफ नोएडा के एक्सप्रेसवे थाने में ज़ीरो एफआईआर (Zero FIR) दर्ज की गई है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि युवती की टिप्पणी से प्रधानमंत्री के संवैधानिक पद की गरिमा को ठेस पहुंची है और यह बयान देश में जानबूझकर विद्वेष फैलाने व लोक शांति भंग करने की मंशा से दिया गया था।
भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं में मुकदमा, पुलिस जांच में जुटी
सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो का संज्ञान लेते हुए नोएडा पुलिस ने मामले में त्वरित कार्रवाई की है।
गंभीर धाराओं में केस दर्ज: पुलिस ने युवती के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 352 (शांति भंग करने के इरादे से अपमान), धारा 353(1) (सार्वजनिक उपद्रव फैलाने वाले बयान) और धारा 356(1) (मानहानि) के तहत मामला दर्ज कर लिया है।
जीरो एफआईआर के तहत कार्रवाई: चूंकि घटना दिल्ली के जंतर-मंतर क्षेत्र की है और आरोपी युवती नोएडा की निवासी है, इसलिए नोएडा में ज़ीरो एफआईआर दर्ज कर केस की डायरी संबंधित क्षेत्राधिकार वाले पुलिस थाने को ट्रांसफर की जा रही है।
'आपत्तिजनक भाषा पर क्रिमिनल केस बनाना गलत': CJP प्रवक्ता सौरव दास का पलटवार
रुचिका सिंह पर दर्ज हुई एफआईआर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के राष्ट्रीय प्रवक्ता सौरव दास की तीखी प्रतिक्रिया सामने आई है। उन्होंने पुलिस और प्रशासन द्वारा अपनाए गए इस रुख को पूरी तरह गैर-कानूनी और डराने वाला करार दिया।
मानहानि सिविल मामला, क्रिमिनल एक्शन निंदनीय: सौरव दास ने कहा, "बेशक अगर किसी ऐसी भाषा का इस्तेमाल हुआ है जो अपमानजनक है, तो प्रभावित व्यक्ति सिविल या आपराधिक मानहानि का केस दर्ज करा सकता है। लेकिन प्रदर्शनकारियों और युवाओं के खिलाफ इस तरह पूरे पुलिसिया और आपराधिक तंत्र को झोंक देना बेहद निंदनीय है। केवल आपत्तिजनक भाषा के आधार पर किसी को इस तरह डराया नहीं जाना चाहिए।"
युवाओं को सलाह और पुलिस को चेतावनी: CJP प्रवक्ता ने आगे कहा कि वे किसी भी अपमानजनक भाषा का समर्थन नहीं करते और नई पीढ़ी से अपील करते हैं कि वे अपने शब्दों के चयन को लेकर सतर्क रहें। हालांकि, उन्होंने पुलिस को चेतावनी देते हुए कहा कि वे राजनीतिक आकाओं के इशारे पर अपनी शक्तियों का दुरुपयोग न करें और देश में शांति बनाए रखें।
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