गणेश प्रतिमा और सूखी नदी… आंध्र प्रदेश की इस तस्वीर ने खड़े किए बड़े सवाल
x

गणेश प्रतिमा और सूखी नदी… आंध्र प्रदेश की इस तस्वीर ने खड़े किए बड़े सवाल

कम बारिश और घटते जल स्रोतों के बीच आंध्र प्रदेश समेत दक्षिण भारत के कई हिस्सों में पानी को लेकर चिंता बढ़ रही है।


आंध्र प्रदेश के अनंतपुर जिले से सामने आई एक तस्वीर दक्षिण भारत में गहराते जल संकट की ओर ध्यान खींच रही है। जिले के पुट्लूर इलाके में चित्रावती नदी का तल सूखा पड़ा है। गणेश चतुर्थी के बाद विसर्जन के लिए पहुंचे श्रद्धालुओं को नदी में पानी नहीं मिला। रिपोर्ट के मुताबिक, ऐसे में गणेश प्रतिमाओं को सूखे नदी तल पर ही रखना पड़ा।

आंध्र प्रदेश में बारिश की कमी का असर
आंध्र प्रदेश के कई हिस्सों में कम बारिश के कारण पानी की उपलब्धता पर दबाव बढ़ा है। कम बारिश का असर नदियों, जलाशयों और तालाबों के जलस्तर के साथ भूजल के रिचार्ज पर भी पड़ता है।

प्रभावित इलाके में करीब 60 प्रतिशत बोरवेल सूखने की बात सामने आई है। इससे खेती और घरेलू जरूरतों के लिए उपलब्ध जल स्रोतों पर दबाव और बढ़ गया है।

ताजा मॉनसून की स्थिति भी चिंता बढ़ाती है। 19 सितंबर तक आंध्र प्रदेश में मौसमी बारिश सामान्य से करीब 43 प्रतिशत कम दर्ज की गई थी।

दक्षिण भारत में सूखे का बढ़ता खतरा
यह समस्या केवल अनंतपुर तक सीमित नहीं है। 1971 से 2022 तक के मौसम के आंकड़ों पर आधारित एक हालिया अध्ययन में दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में सूखे से जुड़ी चरम स्थितियों में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

यह अध्ययन जुलाई 2026 में International Journal of Climatology में प्रकाशित हुआ। इसमें IMD, अटरिया यूनिवर्सिटी और NCMRWF से जुड़े शोधकर्ताओं ने भारत में तापमान, बारिश, सूखे और गर्मी से जुड़े दीर्घकालिक बदलावों का अध्ययन किया है।

कर्नाटक और तेलंगाना भी जल संकट से प्रभावित
पड़ोसी कर्नाटक में भी सूखे की स्थिति गंभीर है। राज्य में पहले चरण में 101 तालुकों को सूखा प्रभावित घोषित किया गया, जबकि इसके बाद 24 और तालुक इस सूची में शामिल किए गए। सरकार अन्य इलाकों का भी आकलन कर रही है और 200 से ज्यादा तालुक सूखा प्रभावित सूची में आ सकते हैं।

तेलंगाना में भी मॉनसून की बारिश सामान्य से कम रही है। 1 जून से 16 सितंबर के बीच राज्य में करीब 536.6 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई, जबकि सामान्य बारिश 664.5 मिलीमीटर है। राज्य के 33 में से 19 जिलों में बारिश की कमी दर्ज की गई।

Read More
Next Story