
Jamui Case: नाबालिग से बदसलूकी मामले में बड़ा एक्शन, मुख्य आरोपी का हाफ एनकाउंटर
मामले में शुरुआत में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद मुख्य आरोपी समेत दो और लोगों की गिरफ्तारी हुई। इस तरह अब तक पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। पुलिस बाकी आरोपियों की तलाश कर रही है।
बिहार के जमुई में नाबालिग छात्रा के साथ कथित यौन उत्पीड़न और उसके साथ मौजूद नाबालिग छात्र के साथ मारपीट के मामले में पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है। पुलिस ने मामले के मुख्य आरोपी को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के मुताबिक, मुठभेड़ के दौरान आरोपी के पैर में गोली लगी। एक अन्य आरोपी को भी छापेमारी के दौरान पकड़ा गया है। इसके साथ ही मामले में अब तक पांच आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है।
वायरल वीडियो के बाद सामने आया मामला
पुलिस के अनुसार, घटना 19 सितंबर की शाम जमुई थाना क्षेत्र में हुई थी। घटना से जुड़ा वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामला सामने आया। वीडियो में कुछ लोग दो नाबालिगों को रोककर उनके साथ कथित तौर पर बदसलूकी करते दिखाई देते हैं। छात्रा के साथ कथित यौन उत्पीड़न किया गया, जबकि उसके साथ मौजूद छात्र से मारपीट और धक्का-मुक्की की गई। दोनों पीड़ित नाबालिग हैं, इसलिए उनकी पहचान और उनसे जुड़ी निजी जानकारी सार्वजनिक नहीं की जा रही है।
वीडियो और वाहन के नंबर से पीड़ितों तक पहुंची पुलिस
जमुई के एसपी विश्वजीत दयाल के मुताबिक, वायरल वीडियो और उसमें दिखाई दे रहे वाहन के रजिस्ट्रेशन नंबर की मदद से पुलिस पीड़ितों तक पहुंची। इसके बाद उनके बयान के आधार पर एफआईआर दर्ज की गई। पुलिस ने वीडियो की मदद से करीब सात संदिग्धों की पहचान की है।
मुख्य आरोपी समेत अब तक पांच गिरफ्तार
मामले में शुरुआत में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद मुख्य आरोपी समेत दो और लोगों की गिरफ्तारी हुई। इस तरह अब तक पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। पुलिस बाकी आरोपियों की तलाश कर रही है।
जांच के लिए SIT का गठन
मामले की जांच के लिए एसडीपीओ दीप्ति मोनाली के नेतृत्व में विशेष जांच टीम यानी SIT बनाई गई है। एफआईआर में POCSO Act और भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराएं लगाई गई हैं। पुलिस ने सोशल मीडिया से घटना का वीडियो हटवाने की प्रक्रिया भी शुरू की है, ताकि नाबालिग पीड़ितों की निजता सुरक्षित रखी जा सके।
राष्ट्रीय महिला आयोग ने लिया संज्ञान
राष्ट्रीय महिला आयोग ने भी मामले का स्वतः संज्ञान लिया है। आयोग ने बिहार के डीजीपी से आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करने, निष्पक्ष और समयबद्ध जांच कराने और पीड़ितों की सुरक्षा सुनिश्चित करने को कहा है।
फिलहाल SIT मामले की जांच कर रही है। बाकी आरोपियों की तलाश जारी है।

