x

10 अक्टूबर का संग्राम: दिल्ली की किलेबंदी, योगेंद्र बोले- डरी सरकार

जंतर-मंतर पर प्रदर्शन से पहले 37 नाकों पर नाकेबंदी; 15 जिलों में डिटेंशन सेंटर, योगेंद्र यादव ने कसा तंज- 'सरकार खुद कर रही भारत बंद'


Zamini Hakikat: 10 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर 'सिटीजन्स फॉर जस्टिस एंड पीस' (CJP) और विभिन्न संगठनों द्वारा प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन के मद्देनजर दिल्ली पुलिस ने राजधानी में व्यापक सुरक्षा घेरा तैयार किया है। दिल्ली पुलिस मुख्यालय में पुलिस आयुक्त अनुराग कुमार की अध्यक्षता में हुई उच्चस्तरीय बैठक में सुरक्षा की "चूक-रहित" (Fail-Safe) रणनीति को अंतिम रूप दिया गया। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जंतर-मंतर पर किसी भी तरह के धरने या सभा की अनुमति नहीं दी जाएगी। वहीं, दूसरी ओर सामाजिक व राजनीतिक कार्यकर्ता योगेंद्र यादव ने इन कड़े सुरक्षा प्रबंधों को लेकर सरकार पर तीखा हमला बोला है।

रणनीति में बड़ा बदलाव: रास्ते में ही रोके जाएंगे प्रदर्शनकारी

पूर्व के अनुभवों को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने अपनी रणनीति में बुनियादी फेरबदल किया है। इस बार प्रदर्शनकारियों को तय रास्तों से नई दिल्ली की सीमा तक आने देने के बजाय उनके गृह जिलों में ही रोक दिया जाएगा:

जिलेवार कंटेनमेंट: सभी 15 जिला पुलिस प्रमुखों को गश्त बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। प्रदर्शनकारियों को उनके जिले की सीमा में ही रोका जाएगा और निर्देश न मानने पर तुरंत हिरासत में लिया जाएगा।

15 जिलों में डिटेंशन सेंटर: नई दिल्ली इलाके पर अतिरिक्त दबाव से बचने के लिए राजधानी के सभी 15 जिलों में अलग-अलग डिटेंशन सेंटर स्थापित किए गए हैं।

होटलों और गेस्ट हाउसों पर पहरा: दिल्ली भर के होटलों व गेस्ट हाउसों की जांच की गई है। संचालकों को निर्देश दिए गए हैं कि प्रदर्शन के उद्देश्य से आने वाले संदिग्ध व्यक्तियों को कमरे न दें और तुरंत पुलिस को सूचना दें।

'एक स्थान, एक इकाई' और अग्रिम मोर्चे पर महिला बल

विभिन्न सुरक्षा इकाइयों के बीच समन्वय सुनिश्चित करने और किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए सामरिक कदम उठाए गए हैं:

37 ब्लॉकिंग पॉइंट्स: नई दिल्ली क्षेत्र में 37 नाके बनाए गए हैं। 'वन पॉइंट, वन यूनिट' फॉर्मूले के तहत प्रत्येक नाके की पूरी कमान किसी एक विशिष्ट इकाई या जिले को सौंपी गई है।

बॉडी-वॉर्न कैमरों से लैस महिला पुलिसकर्मी: खुफिया इनपुट के आधार पर अग्रिम मोर्चे पर महिला पुलिसकर्मियों की तैनाती की जाएगी, जो बॉडी-वॉर्न कैमरों से पूरी कार्रवाई की वीडियोग्राफी करेंगी। पुरुष पुलिस बल पीछे सहायता के लिए रहेगा।

लायजन अधिकारी: सभी संबंधित इकाइयों और बटालियनों के प्रमुखों को एक-एक लायजन अधिकारी नियुक्त करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि जमीनी स्तर पर सूचना का आदान-प्रदान सुचारू रहे। सुबह 11 बजे तक सभी बलों को निर्धारित असेंबली पॉइंट्स पर रिपोर्ट करने को कहा गया है।

योगेंद्र यादव का पलटवार: "राजा बेचैन है, सरकार की नैतिक हार"

दिल्ली पुलिस की इन तैयारियों पर स्वराज इंडिया के संस्थापक योगेंद्र यादव ने कड़ा तंज कसा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार प्रदर्शन को रोकने के लिए पूरी दिल्ली को ठप करने पर आमादा है।

योगेंद्र यादव ने कहा:

"खबर यह नहीं है कि प्रदर्शन को रोकने के लिए दिल्ली पुलिस के अलावा अर्धसैनिक बलों को उतारा गया है या मेट्रो स्टेशनों और ट्रेनों पर असर पड़ रहा है। असली खबर यह है कि पहले विपक्ष भारत बंद किया करता था, अब सरकार खुद भारत बंद कर रही है। देश भर से युवाओं और छात्रों के आने की खबर से सरकार असहज है। तोते की गर्दन पर हाथ पड़ा है, इसलिए राजा बेचैन है। प्रदर्शन शुरू होने के 24 घंटे पहले ही सरकार की नैतिक और राजनीतिक हार हो चुकी है।"

प्रशासन जहां राजधानी में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए हर स्तर पर मुस्तैदी का दावा कर रहा है, वहीं आयोजकों और विपक्षी आवाजों का कहना है कि लोकतांत्रिक विरोध को दबाने के लिए शक्ति का अत्यधिक प्रदर्शन किया जा रहा है।




Read More
Next Story