
गुजरात जीत के बाद अमित शाह का राहुल पर हमला: 41 साल की हार का कारण भी क्या 'SIR' है?
अमित शाह ने कहा कि गुजरात में कांग्रेस पिछले 41 सालों से एक भी चुनाव नहीं जीत पाई है, तो क्या इसका कारण भी एसआईआर (SIR) है? उन्होंने EVM और SIR पर उठने वाले सवालों को खारिज करते हुए कहा कि ये स्थानीय चुनाव बैलेट पेपर से हुए थे।
गुजरात के स्थानीय निकाय चुनावों और विभिन्न राज्यों में हुए हालिया उपचुनावों के नतीजों ने एक बार फिर भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के जनाधार और संगठन की मजबूती को साबित कर दिया है। गुजरात में तीन नगरपालिकाओं और नगर निगमों की कुल 104 सीटों पर हुए चुनावों में बीजेपी ने एकतरफा प्रदर्शन करते हुए 90 सीटों पर कब्जा जमाया। विशेष रूप से गांधीनगर नगर निगम में, जो केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का संसदीय क्षेत्र भी है, बीजेपी ने 44 में से 38 सीटों पर ऐतिहासिक जीत दर्ज की। इस चुनाव में आम आदमी पार्टी (AAP) ने सभी 32 सीटों पर किस्मत आजमाई थी, लेकिन उसकी सभी सीटों पर जमानत जब्त हो गई। गुजरात के अलावा पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु और पुडुचेरी में हुए उपचुनावों में भी बीजेपी और एनडीए गठबंधन ने शानदार प्रदर्शन किया, जबकि कांग्रेस का सूपड़ा साफ हो गया।
'41 साल से गुजरात में हार रही कांग्रेस, क्या यह भी SIR का नतीजा?'
इन शानदार नतीजों के बाद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मीडिया को संबोधित करते हुए लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और कांग्रेस पार्टी पर तीखा हमला बोला। गृह मंत्री ने कहा कि कांग्रेस और राहुल गांधी अपनी लगातार हो रही हार से सबक लेने के बजाय बीजेपी की जीत को एसआईआर (SIR) का बहाना बनाकर खारिज करने की कोशिश करते हैं। शाह ने सीधा सवाल दागते हुए कहा कि कांग्रेस पार्टी गुजरात में पिछले 41 सालों से एक भी चुनाव नहीं जीत पाई है। उन्होंने आखिरी बार 1985 में चुनाव जीता था। इसके अलावा त्रिपुरा में 33 सालों से और पश्चिम बंगाल में 54 सालों से कांग्रेस सत्ता से बाहर है। शाह ने पूछा कि जब एसआईआर तो 2024 के बाद आया है, तो पिछले चार-पांच दशकों से कांग्रेस को मिल रही करारी हार के पीछे क्या वजह है? क्या यह भी एसआईआर का ही नतीजा है?
बैलेट पेपर से हुए चुनाव, EVM पर सवाल उठाने वालों को करारा जवाब
गृह मंत्री अमित शाह ने ईवीएम (EVM) और चुनावी प्रक्रिया पर सवाल उठाने वाले विपक्षी नेताओं के तर्कों को पूरी तरह से खारिज कर दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि गुजरात के ये निकाय चुनाव बैलेट पेपर (Ballot Paper) से कराए गए थे। इसके बावजूद जनता ने बीजेपी पर अपना अटूट विश्वास जताया और कांग्रेस व आम आदमी पार्टी का पूरी तरह से सफाया कर दिया। अमित शाह ने कहा कि इस नतीजे से विपक्ष का वह भ्रम पूरी तरह से ध्वस्त हो जाता है, जिसमें वे दावा करते हैं कि बीजेपी केवल ईवीएम की वजह से चुनाव जीतती है। उन्होंने कहा कि जनता का मूड बिल्कुल साफ है—देश के नागरिक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकास कार्यों और नीतियों के साथ मजबूती से खड़े हैं।
'SIR की आड़ में घुसपैठियों को बचा रहे हैं राहुल गांधी'
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान गृह मंत्री अमित शाह ने राहुल गांधी पर बेहद गंभीर आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी एसआईआर (SIR) का विरोध करने के नाम पर असल में अवैध घुसपैठियों को बचाने की रणनीति पर काम कर रहे हैं। शाह ने कहा कि देश की जनता राहुल गांधी की इस चालबाज़ी को बहुत अच्छी तरह समझ चुकी है और अब उनकी बातों में नहीं आने वाली। उन्होंने जोर देकर कहा कि देश का नागरिक किसी भी कीमत पर अपनी सुरक्षा और राष्ट्रीय हित से समझौता नहीं करेगा। एसआईआर की आड़ लेकर जनसांख्यिकी से खिलवाड़ करने वाले घुसपैठियों को संरक्षण देने का प्रयास कांग्रेस को भारी पड़ रहा है और जनता चुनाव दर चुनाव इसका माकूल जवाब दे रही है।
बनावटी मीडिया इवेंट्स और 8 हजार की भीड़ से नहीं बनती देश की आवाज
राहुल गांधी के अभियानों और राजनीतिक गतिविधियों पर निशाना साधते हुए गृह मंत्री ने कहा कि बनावटी मीडिया इवेंट्स और 'झूठ की गूंज' से देश की जनता का भरोसा कभी नहीं जीता जा सकता। अमित शाह ने कहा कि 14 राजनीतिक दलों के कार्यकर्ताओं को एक साथ इकट्ठा करके डेढ़ किलोमीटर के दायरे में सिर्फ आठ हजार लोगों की भीड़ जमा कर लेने से कोई नेता देश की आवाज नहीं बन जाता। उन्होंने कांग्रेस नेतृत्व को सलाह देते हुए कहा कि देश की असली आवाज केवल सोशल मीडिया या मीडिया इवेंट्स में नहीं, बल्कि दूर-दराज के गांवों, खेतों-खलिहानों, जंगलों, पहाड़ों और नदियों के किनारों पर बसने वाले आम नागरिकों के दिलों में गूंजती है। उत्तर प्रदेश, बिहार और तमिलनाडु जैसे बड़े राज्यों की जनता ने दशकों पहले ही कांग्रेस की नकारात्मक राजनीति को नकार दिया था।
'2029 के आम चुनाव में लगातार चौथी करारी हार के लिए तैयार रहें राहुल'
अपनी बात को पूरा करते हुए अमित शाह ने राहुल गांधी और कांग्रेस पार्टी को आत्मचिंतन करने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि विपक्ष को अपनी हार के कारणों को ईमानदारी से खंगालना चाहिए और जनता के बीच जाकर काम करना चाहिए। गृह मंत्री ने भविष्यवाणी करते हुए कहा कि राहुल गांधी और उनके सहयोगी दल 2029 के आम चुनावों में एक और करारी हार के लिए तैयार रहें। उन्होंने विश्वास जताया कि 2029 के लोकसभा चुनाव में एनडीए (NDA) भारी बहुमत के साथ दोबारा सरकार बनाएगी और कांग्रेस पार्टी को लगातार चौथी बार हार का सामना करना पड़ेगा। जनता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व पर पूरा भरोसा रखती है और नकारात्मक राजनीति करने वालों को बार-बार खारिज करती रहेगी।
