
जमुई के बाद अब समस्तीपुर! नाबालिग से सरेराह बदसलूकी, वीडियो वायरल
घटना का वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि दो अन्य की तलाश जारी है।
बिहार के समस्तीपुर जिले में एक किशोरी और उसके साथ मौजूद युवक के साथ कथित उत्पीड़न का मामला सामने आया है। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक मामले में दो अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है। यह मामला ऐसे समय सामने आया है, जब कुछ दिन पहले जमुई जिले में भी एक नाबालिग छात्रा और उसके साथ मौजूद किशोर के साथ कथित मारपीट और यौन उत्पीड़न का वीडियो वायरल हुआ था।
समस्तीपुर में क्या हुआ?
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, समस्तीपुर की घटना का वीडियो बुधवार शाम सामने आया। वीडियो में कुछ लोग एक किशोरी और उसके साथ मौजूद युवक को घेरते दिखाई देते हैं। आरोप है कि किशोरी के साथ अभद्र व्यवहार और यौन उत्पीड़न किया गया। वीडियो में किशोरी खुद को आरोपियों से छुड़ाने की कोशिश करती दिखाई देती है। आरोपियों पर आपत्तिजनक टिप्पणियां और इशारे करने का भी आरोप है।
चार आरोपी गिरफ्तार, दो की तलाश
पुलिस के अनुसार घटना समस्तीपुर के कर्पूरी ग्राम थाना क्षेत्र में जगत सिंह बांध बाइपास रोड के पास हुई। मामले की जानकारी वीडियो सामने आने के बाद पुलिस तक पहुंची। इसके बाद आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी की कार्रवाई शुरू की गई। समस्तीपुर के पुलिस अधीक्षक अरविंद प्रताप सिंह के मुताबिक चार लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि दो अन्य की तलाश जारी है।
जमुई में भी सामने आया था ऐसा मामला
इससे पहले जमुई जिले में 19 सितंबर की शाम एक नाबालिग छात्रा और उसके साथ मौजूद किशोर को कुछ लोगों ने कथित तौर पर रास्ते में रोक लिया था। पुलिस के मुताबिक दोनों स्थानीय पर्यटन स्थल मवारा हिल से दोपहिया वाहन पर लौट रहे थे। आरोप है कि समूह ने पहले उन्हें रोककर पूछताछ की और इसके बाद किशोर के साथ मारपीट तथा छात्रा के साथ यौन उत्पीड़न किया। घटना का वीडियो भी रिकॉर्ड किया गया, जो बाद में सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।
जमुई पुलिस ने वीडियो का स्वतः संज्ञान लिया था क्योंकि शुरुआत में पीड़ितों की ओर से शिकायत दर्ज नहीं कराई गई थी। वाहन के रजिस्ट्रेशन नंबर की मदद से पुलिस पीड़ितों तक पहुंची। मामले की जांच के लिए विशेष जांच टीम (SIT) बनाई गई और POCSO Act तथा भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया। बाद में इस मामले में पांच आरोपियों की गिरफ्तारी की जानकारी दी गई।

