
कौन हैं कैप्टन स्मित मच्छर, जिनकी बहादुरी की दुनिया में हो रही चर्चा?
करीब 13 साल के उड़ान अनुभव वाले स्मित ने स्पाइसजेट से अपना लंबा पेशेवर सफर तय करते हुए 2022 में फ्लाईदुबई का दामन थामा था।
दुबई से तेल अवीव जा रहे फ्लाईदुबई के विमान में हुई गंभीर घटना के बाद भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छर चर्चा में हैं। विमान के कॉकपिट में टकराव के दौरान कैप्टन मच्छर घायल हो गए, जिसके बाद विमान को सऊदी अरब के तबूक की ओर मोड़कर सुरक्षित उतारा गया।
भारतीय दूतावास के मुताबिक कैप्टन मच्छर की हालत स्थिर है। वहीं घटना के पीछे की पूरी वजह और परिस्थितियों की जांच अभी जारी है।
कॉकपिट में आखिर हुआ क्या था?
फ्लाईदुबई ने पुष्टि की है कि विमान के कॉकपिट में टकराव की घटना हुई थी। इसके बाद विमान में मौजूद फ्लाईदुबई के दूसरे चालक दल के सदस्यों ने स्थिति संभाली और विमान को सऊदी अरब के तबूक में सुरक्षित उतारा गया।
इजराइली प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू ने दावा किया कि कैप्टन मच्छर पर सह-पायलट ने हमला किया था। रिपोर्टों के मुताबिक सह-पायलट को सऊदी अधिकारियों ने हिरासत में लिया है।
हालांकि इस घटना के पीछे मकसद क्या था, इसकी अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए इसे आतंकवादी हमला या विमान को गिराने की कोशिश बताना फिलहाल जल्दबाजी होगी।
कौन हैं कैप्टन स्मित मच्छर?
कैप्टन स्मित मच्छर भारत के अनुभवी व्यावसायिक पायलट हैं। उन्हें बोइंग 737 विमान उड़ाने का 13 साल से ज्यादा का अनुभव है। उनके पेशेवर विवरण के मुताबिक वह बोइंग 737 विमानों पर करीब 9,750 घंटे की उड़ान भर चुके हैं। इनमें बोइंग 737-800 और बोइंग 737 मैक्स जैसे विमान शामिल हैं।
स्पाइसजेट में करीब 11 साल का अनुभव
स्मित मच्छर ने जून 2011 में स्पाइसजेट में काम शुरू किया था और करीब 11 साल तक कंपनी से जुड़े रहे। इस दौरान वह वरिष्ठ विमान कमांडर बने। नवंबर 2020 में उन्हें नए पायलटों को उड़ान प्रशिक्षण देने वाले कैप्टन की जिम्मेदारी भी मिली। उनके पेशेवर विवरण के मुताबिक स्पाइसजेट में उन्होंने विमान के मुख्य पायलट के तौर पर 6,400 घंटे से ज्यादा की उड़ान भरी।
इसके अलावा उन्हें पायलटों को प्रशिक्षण देने, उनका मार्गदर्शन करने और उड़ान सुरक्षा मानकों से जुड़ी जिम्मेदारियों का भी अनुभव है।
2022 में फ्लाईदुबई से जुड़े
करीब 11 साल स्पाइसजेट में काम करने के बाद जून 2022 में स्मित मच्छर फ्लाईदुबई से जुड़े। उनके लंबे अनुभव को देखते हुए उन्हें सीधे कैप्टन के पद पर नियुक्त किया गया। यानी फ्लाईदुबई में शामिल होने से पहले ही उनके पास विमान की कमान संभालने का लंबा अनुभव था।
इंजीनियरिंग से पायलट बनने तक का सफर
दिलचस्प बात यह है कि स्मित मच्छर ने शुरुआत में पायलट बनने की योजना नहीं बनाई थी।
स्कूल की पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने अपने पारिवारिक कारोबार को ध्यान में रखते हुए टेक्सटाइल इंजीनियरिंग की पढ़ाई शुरू की। इसके बाद उन्होंने प्रबंधन की पढ़ाई भी की।
करीब 19 साल की उम्र में एक विमानन कार्यक्रम में हिस्सा लेने के बाद उनकी दिलचस्पी विमान उड़ाने में बढ़ी और उन्होंने पायलट बनने का फैसला किया।
इसके बाद उन्होंने न्यूजीलैंड में विमान उड़ाने का प्रशिक्षण लिया। एक पॉडकास्ट में उन्होंने बताया था कि उस समय उनकी उड़ान प्रशिक्षण पर करीब 16 से 17 लाख रुपये खर्च हुए थे।
फ्लाईदुबई की उड़ान में क्या थी जिम्मेदारी?
30 सितंबर को कैप्टन स्मित मच्छर फ्लाईदुबई की FZ1073 उड़ान के मुख्य पायलट थे। बोइंग 737 मैक्स 8 विमान दुबई से तेल अवीव जा रहा था। इसी दौरान कॉकपिट में टकराव की घटना हुई और कैप्टन मच्छर घायल हो गए। इसके बाद विमान को सऊदी अरब के तबूक की ओर मोड़ा गया।
रिपोर्टों के मुताबिक घायल होने के बावजूद कैप्टन मच्छर ने कॉकपिट का दरवाजा खोलने में मदद की। इसके बाद विमान में मौजूद दूसरे प्रशिक्षित पायलट और चालक दल के सदस्य स्थिति संभालने में कामयाब रहे और विमान को सुरक्षित उतारा गया।
पीएम मोदी ने बताया 'हीरो'
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कैप्टन स्मित मच्छर की भूमिका की सराहना करते हुए उन्हें 'हीरो'बताया है। इजराइली प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू ने भी उनकी भूमिका की तारीफ की है।
फिलहाल इतना साफ है कि विमान के कॉकपिट में गंभीर टकराव हुआ, कैप्टन स्मित मच्छर घायल हुए और विमान को सऊदी अरब में सुरक्षित उतारा गया। लेकिन घटना के पीछे असल मकसद क्या था और टकराव क्यों हुआ, इसकी जांच अभी जारी है। इसलिए जांच पूरी होने से पहले किसी मकसद को अंतिम तथ्य मानना सही नहीं होगा।
