
नेपाल बाढ़: मौतों का आंकड़ा 579 हुआ; 1900 लापता, ईशा फाउंडेशन के 77 गायब
नेपाल-तिब्बत जलप्रलय में मौतों की संख्या बढ़कर 579 हुई। 1924 लोग लापता। ईशा फाउंडेशन के 77 श्रद्धालु गैर-संपर्क योग्य। त्रिशूली में बारिश से रेस्क्यू ऑपरेशन रोका गया।
Nepal Flash Flood: नेपाल और तिब्बत सीमा क्षेत्र में आई विनाशकारी बाढ़ के बाद स्थिति लगातार गंभीर बनी हुई है। ताज़ा आंकड़ों के अनुसार, मृतकों की संख्या बढ़कर 579 तक पहुंच गई है। भोटेकोशी नदी (Bhotekoshi River) के जलस्तर में दोबारा आई तेजी और कीचड़युक्त पानी के बहाव से एक बार फिर से बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है, जिसके चलते राहत और बचाव कार्य में कई बाधाएं आ रही हैं।
राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण एवं प्रबंधन प्राधिकरण (NDRRMA) ने भोटेकोशी और त्रिशूली नदी के तटीय क्षेत्रों में मौजूद राहत दलों और स्थानीय नागरिकों को तुरंत सुरक्षित स्थानों पर जाने की चेतावनी जारी की है। इस बीच, त्रिशूली क्षेत्र में हो रही मूसलाधार बारिश और खराब मौसम के कारण हेलीकॉप्टर सेवाओं के साथ-साथ रेस्क्यू ऑपरेशन को भी रोक दिया गया है।
मौतों का आंकड़ा और तबाही का दायरा
नेपाल पुलिस की ओर से जारी रिपोर्ट के मुताबिक, देश के 8 प्रमुख जिलों से अब तक 579 शव बरामद किए जा चुके हैं, जबकि चीन के नियंत्रण वाले तिब्बत के ग्यारोंग काउंटी में भी 5 से अधिक लोगों की मौत हुई है।
चितवन: 233 शव बरामद
नवलपरासी पूर्व: 154 शव बरामद
गोरखा: 46 शव बरामद
धादिंग: 40 शव बरामद
नुवाकोट: 37 शव बरामद
तनहुं: 30 शव बरामद
नवलपरासी पश्चिम: 27 शव बरामद
रसुवा: 12 शव बरामद
1,900 से अधिक लापता, हजारों का रेस्क्यू
जलप्रलय के बाद से 1,924 लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं। इनमें 517 विदेशी पर्यटक, 86 सुरक्षाकर्मी, 127 नेपाली नागरिक और कई जलविद्युत परियोजनाओं में काम करने वाले स्थानीय मजदूर शामिल हैं।
अब तक कुल 4,451 लोगों को सुरक्षित निकाला जा चुका है। इसमें विभिन्न हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट्स की सुरंगों में फंसे 191 मजदूर और 129 विदेशी नागरिक शामिल हैं। काठमांडू के अस्पतालों में 100 से अधिक घायलों का इलाज चल रहा है, जहां परिजन अपनों की तलाश में भटक रहे हैं।
320 भारतीय नागरिक संपर्क से बाहर, ईशा फाउंडेशन का दल भी लापता
नेपाल में फंसे भारतीयों को लेकर स्थिति चिंताजनक बनी हुई है:
84 भारतीयों का बचाव: बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों से 84 भारतीय नागरिकों को सुरक्षित निकाला गया है, जिनमें से तमिलनाडु के 21 नागरिक स्वदेश लौट चुके हैं।
320 भारतीय लापता: लगभग 320 भारतीय नागरिक या तो लापता हैं या उनसे संपर्क नहीं हो पा रहा है।
ईशा फाउंडेशन के 77 तीर्थयात्री गायब: आध्यात्मिक संगठन 'ईशा फाउंडेशन' के 77 तीर्थयात्रियों के दल का पिछले दो दिनों से कोई सुराग नहीं मिल पाया है। यह दल नेपाल-चीन सीमा के पास स्थित इलाके में था। बचाव दल ज़मीन पर खोजबीन कर रहे हैं, लेकिन मौसम की खराबी के कारण प्रगति धीमी है।
भारत ने भेजी राहत सामग्री की तीसरी खेप
आपदा की इस संकटपूर्ण घड़ी में भारत ने नेपाल की सहायता के लिए कदम बढ़ाए हैं। भारत सरकार की ओर से तीसरी विशेष राहत उड़ान काठमांडू भेजी गई है। इस खेप में 10 टन आवश्यक राहत सामग्री के साथ 11 सदस्यों वाली विशेष मेडिकल और टनल रेस्क्यू (सुरंग बचाव) टीम शामिल है, जो धरातल पर स्थानीय टीमों के साथ मिलकर बचाव अभियान में जुटी है।
Next Story

