
राहुल गांधी को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत, PM मोदी से जुड़े मानहानि केस की सुनवाई पर रोक
राफेल सौदे पर 2018 में की गई टिप्पणियों को लेकर राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज मामले में शीर्ष अदालत ने महाराष्ट्र सरकार और शिकायतकर्ता से चार सप्ताह में जवाब मांगा है।
नई दिल्ली: कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ कथित आपत्तिजनक टिप्पणियों से जुड़े आपराधिक मानहानि मामले में शीर्ष अदालत ने मंगलवार (13 अक्टूबर) को निचली अदालत की कार्यवाही पर अंतरिम रोक लगा दी। अदालत ने महाराष्ट्र सरकार और शिकायतकर्ता से चार सप्ताह में जवाब मांगा है।
सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा?
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस अपरेश कुमार सिंह की पीठ ने राहुल गांधी की याचिका पर सुनवाई की। अदालत ने आदेश दिया कि अगली सुनवाई तक ट्रायल कोर्ट की कार्यवाही स्थगित रहेगी।
राहुल की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी पेश हुए। उन्होंने कहा कि संबंधित कानूनी सवालों पर सुप्रीम कोर्ट पहले ही फैसले दे चुका है। मामले की अगली सुनवाई चार सप्ताह बाद होगी।
क्या है पूरा विवाद?
मामला सितंबर 2018 में राफेल लड़ाकू विमान सौदे को लेकर राहुल गांधी की टिप्पणियों से जुड़ा है। राहुल ने प्रधानमंत्री मोदी के लिए 'कमांडर-इन-थीफ' और 'चोरों के सरदार' जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया था।
भाजपा सदस्य महेश श्रीश्रीमल ने मुंबई की अदालत में मानहानि की शिकायत दर्ज कराई। उनका आरोप था कि राहुल की टिप्पणियों से प्रधानमंत्री के साथ भाजपा कार्यकर्ताओं और समर्थकों की प्रतिष्ठा को भी नुकसान पहुंचा।
बॉम्बे हाईकोर्ट से लगा था झटका
मुंबई की गिरगांव मजिस्ट्रेट अदालत ने 28 अगस्त 2019 को राहुल गांधी के खिलाफ समन जारी किया था। राहुल ने इसे बॉम्बे हाईकोर्ट में चुनौती दी।
हालांकि, 8 सितंबर 2026 को हाईकोर्ट ने समन रद्द करने से इनकार कर दिया। अदालत ने माना कि शिकायतकर्ता के प्रभावित होने के सवाल का अंतिम निर्धारण सुनवाई के दौरान हो सकता है। हालांकि, राहुल को सुप्रीम कोर्ट जाने के लिए छह सप्ताह की राहत दी गई थी।
अब सुप्रीम कोर्ट ने निचली अदालत की कार्यवाही रोक दी है। हालांकि, मानहानि का मामला रद्द नहीं हुआ है। इस पर अंतिम फैसला आना बाकी है।
