चाकू लेकर पहुंची संदिग्ध महिला, ममता बनर्जी पर हमले की कोशिश, कालीघाट पूजा पंडाल में सुरक्षा चूक!
x

चाकू लेकर पहुंची संदिग्ध महिला, ममता बनर्जी पर हमले की कोशिश, कालीघाट पूजा पंडाल में सुरक्षा चूक!

ममता बनर्जी जब कालीघाट में एक दुर्गा पूजा पंडाल का उद्घाटन करने जा रही थीं, तभी एक अज्ञात युवती ने उनके सुरक्षा घेरे को तोड़कर उनकी साड़ी खींचने की कोशिश की।


पश्चिम बंगाल की राजनीति और सुरक्षा महकमे से एक बेहद चौंकाने वाली और सनसनीखेज खबर सामने आई है। तृणमूल कांग्रेस (TMC) की प्रमुख और राज्य की कद्दावर नेता ममता बनर्जी पर कोलकाता के ऐतिहासिक कालीघाट इलाके में कथित रूप से हमले की कोशिश की गई है। यह पूरी घटना उस समय घटी जब ममता बनर्जी शारदीय नवरात्र और दुर्गा पूजा के पावन अवसर पर एक पूजा पंडाल का उद्घाटन करने के लिए जा रही थीं। इस घटना के बाद से ही पूरे पश्चिम बंगाल में हड़कंप मच गया है और वीवीआईपी सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

पूजा पंडाल के उद्घाटन के दौरान कैसे हुआ हादसा?

तृणमूल कांग्रेस के नेताओं और प्रत्यक्षदर्शियों द्वारा दिए गए बयानों के अनुसार, ममता बनर्जी अपने कालीघाट स्थित आवास के पास ही आयोजित एक स्थानीय दुर्गा पूजा पंडाल का उद्घाटन करने निकली थीं। उनके आसपास समर्थकों की भारी भीड़ मौजूद थी और लोग उनका स्वागत कर रहे थे। इसी दौरान भीड़ का फायदा उठाकर एक अज्ञात युवती अचानक सुरक्षा घेरे को तोड़ते हुए ममता बनर्जी के बेहद करीब पहुंच गई। आरोप है कि उस युवती ने आक्रामक रुख अपनाते हुए ममता बनर्जी की साड़ी खींचने की कोशिश की और उनके करीब जाने का प्रयास किया।

सुरक्षाकर्मियों और कार्यकर्ताओं की मुस्तैदी से टला बड़ा हादसा

घटना के घटते ही वहां मौजूद सुरक्षाकर्मियों, पुलिस बल और टीएमसी कार्यकर्ताओं में हड़कंप मच गया। सुरक्षा बलों और पार्टी कार्यकर्ताओं ने बिना एक पल गंवाए बेहद मुस्तैदी दिखाई और संदिग्ध युवती को तुरंत दबोच लिया। जब महिला सुरक्षाकर्मियों ने युवती की तलाशी ली, तो जो सच्चाई सामने आई उसने सभी के होश उड़ा दिए। प्राथमिक जांच में युवती के पास से एक धारदार चाकू बरामद किया गया, जिसे उसने अपनी साड़ी में छिपाकर रखा हुआ था।

संदिग्ध महिला के पास से चाकू बरामद, पुलिस पूछताछ में जुटी

संदिग्ध युवती के पास से चाकू बरामद होने के बाद इस घटना की गंभीरता कई गुना बढ़ गई है। टीएमसी नेताओं का सीधा आरोप है कि यह केवल एक सामान्य सुरक्षा चूक नहीं है, बल्कि टीएमसी प्रमुख की जान को नुकसान पहुंचाने की एक सुनियोजित साजिश भी हो सकती है। अगर वहां मौजूद कार्यकर्ताओं और सुरक्षाकर्मियों ने तुरंत मुस्तैदी न दिखाई होती, तो पूजा के इस पावन पर्व के दौरान कोई बड़ी और अनहोनी घटना घट सकती थी।

Read More
Next Story