सार्वजनिक जगहें ‘हाई रिस्क जोन’ नहीं बन सकतीं: दिल्ली में महिला सुरक्षा पर सुप्रीम कोर्ट सख्त
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सार्वजनिक जगहें ‘हाई रिस्क जोन’ नहीं बन सकतीं: दिल्ली में महिला सुरक्षा पर सुप्रीम कोर्ट सख्त

सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र और दिल्ली पुलिस से ऐसे प्रभावी कदम उठाने को कहा है, जिससे महिलाएं सार्वजनिक जगहों और सफर के दौरान खुद को सुरक्षित महसूस करें।


दिल्ली में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार और दिल्ली पुलिस को प्रभावी कदम उठाने को कहा है। अदालत ने साफ कहा कि राजधानी में हर महिला को सार्वजनिक जगहों और पब्लिक ट्रांसपोर्ट में सुरक्षित महसूस होना चाहिए।

जस्टिस जेबी पारदीवाला की अध्यक्षता वाली बेंच ने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि दिल्ली में कोई महिला रात 10 बजे सड़क पर चल रही हो या मेट्रो और सड़क मार्ग से सफर कर रही हो, उसे अपनी सुरक्षा को लेकर डर न लगे।

हाल की घटनियों पर स्वतः संज्ञान
सुप्रीम कोर्ट दिल्ली-NCR में महिलाओं और नाबालिगों के खिलाफ हाल में सामने आए यौन हिंसा के मामलों से जुड़े स्वतः संज्ञान मामले की सुनवाई कर रहा है।

अदालत ने 28 सितंबर को इन घटनाओं का संज्ञान लिया था। इनमें कालकाजी के पास आस्था कुंज पार्क में 17 साल की लड़की से कथित गैंगरेप, स्वरूप नगर में एक नाबालिग से कथित गैंगरेप और ग्रेटर नोएडा से दिल्ली आ रही बस में 16 साल की लड़की के कथित यौन उत्पीड़न का मामला शामिल है।

‘पार्क और सड़कें हाई रिस्क जोन नहीं बन सकते’
सुप्रीम कोर्ट ने इससे पहले टिप्पणी की थी कि पार्क, सड़क और बस जैसे सार्वजनिक स्थानों को महिलाओं के लिए “हाई रिस्क जोन” बनने की इजाजत नहीं दी जा सकती।

अदालत ने यह सवाल भी उठाया कि क्या 2012 के निर्भया कांड से जरूरी सबक लिए गए हैं। कोर्ट ने महिलाओं की सुरक्षा को संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत सम्मान और हिंसा के बिना जीवन जीने के अधिकार से भी जोड़ा है।

DDA के ऑडिट में क्या सामने आया?
आस्था कुंज की घटना के बाद दिल्ली के पार्कों में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर DDA ने ऑडिट कराया। इसके आंकड़े गंभीर तस्वीर पेश करते हैं।

DDA के नियंत्रण वाले 736 पार्कों में से सिर्फ 16 में CCTV कैमरे पाए गए। ऑडिट में 190 पार्कों को हाई-रिस्क कैटेगरी में रखा गया। 520 पार्कों में अतिरिक्त लाइटिंग की जरूरत बताई गई, जबकि 323 पार्कों में अतिरिक्त CCTV कैमरे लगाने की आवश्यकता सामने आई।

आस्था कुंज में बढ़ेगी निगरानी
ऑडिट में पार्कों की बाउंड्री, गेट, टॉयलेट और खाली पड़े ढांचों से जुड़ी सुरक्षा कमियां भी सामने आई हैं। आस्था कुंज में अब 30 से ज्यादा जगहों की पहचान CCTV कैमरे लगाने के लिए की गई है।

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