लंच से बस की छत तक: चुनाव आयोग के खिलाफ राहुल का 'हल्ला बोल'
मतदाता सूची में गड़बड़ी के खिलाफ इंडिया गठबंधन का बस मार्च; राहुल गांधी और खड़गे ने उठाई ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और पारदर्शी चुनाव की मांग।
Zamini Hakikat: 'द फ़ेडरल देश' के खास कार्यक्रम 'ज़मीनी हकीकत' में आज हम बात कर रहे हैं चुनाव आयोग और 'स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन' (SIR) प्रक्रिया को लेकर विपक्षी दलों के प्रदर्शन की। इंडिया गठबंधन के तमाम सांसद और नेता आज एक बार फिर मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों और 'वोट चोरी' का आरोप लगाते हुए सड़कों पर उतरे हैं। इस प्रदर्शन की अगुवाई मुख्य रूप से कांग्रेस कर रही है, जिसमें लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे शामिल हैं।
आइए, इस ग्राउंड रिपोर्ट के माध्यम से जानते हैं कि आज के इस प्रदर्शन में क्या कुछ ख़ास रहा।
1. लंच डिप्लोमेसी से बस मार्च तक का सफर
आज दोपहर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने जनपथ स्थित 'सागर रत्ना' रेस्टोरेंट में इंडिया गठबंधन के सांसदों को लंच पर आमंत्रित किया था। लंच के बाद यह तय हुआ कि सभी सांसद जंतर-मंतर की ओर पैदल मार्च करेंगे।
रेस्टोरेंट से जंतर-मंतर की दूरी बहुत कम थी, लेकिन पुलिस को इस संभावित मार्च की पूर्व सूचना मिल गई थी। दिल्ली पुलिस ने एहतियातन इलाके को बैरिकेड कर दिया और भारी पुलिस बल तैनात कर दिया। जैसे ही सांसद बाहर आए, पुलिस ने सुरक्षा और कानून-व्यवस्था का हवाला देते हुए उन्हें बसों में बैठा दिया, जिसके बाद यह पैदल मार्च एक 'बस मार्च' में तब्दील हो गया।
2. बस के अंदर और छत पर प्रदर्शन
'ज़मीनी हकीकत' की टीम ने देखा कि जिस बस में नेता सवार थे, उसकी अगली सीट पर मल्लिकार्जुन खड़गे और उनके ठीक बगल में राहुल गांधी बैठे थे, जबकि पीछे प्रियंका गांधी मौजूद थीं।
सांसदों की एकजुटता: बस में रेणुका चौधरी और मनोज झा (आरजेडी) सहित कई अन्य दलों के सांसद भी सवार थे।
बैनर और नारे: अंदर बैठे सांसदों के हाथों में 'रिमूव ज्ञानेश कुमार', 'प्रोटेक्ट द इलेक्शन कमीशन', 'फ्री ईसीआई, फेयर इलेक्शंस' और 'इलेक्शन कमीशन नॉट बीजेपी कमीशन' जैसे प्लेकार्ड्स थे।
छत पर नेताओं का जमावड़ा: विंडसर पैलेस (ली मेरिडियन गोलचक्कर) के पास पहुंचते-पहुंचते इमरान प्रतापगढ़ी, दीपेंद्र हुड्डा, राजा वड़िंग और इमरान मसूद जैसे नेता बस की छत पर चढ़ गए और वहां से नारेबाज़ी करने लगे।
3. नेताओं और समर्थकों की क्या हैं मांगें?
प्रदर्शन में शामिल नेताओं और समर्थकों की मांगें मुख्य रूप से चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता को लेकर हैं:
ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा: नेताओं का आरोप है कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के नेतृत्व में बड़े पैमाने पर 'वोट चोरी' हुई है और 13 करोड़ लोगों के नाम लिस्ट से डिलीट किए गए हैं। वे उनके इस्तीफे की मांग कर रहे हैं।
पारदर्शी चुनाव और ईवीएम पर सवाल: गुरमेहर कौर जैसी युवा कार्यकर्ताओं ने एसआईआर प्रक्रिया को रद्द करने और बैलेट पेपर से चुनाव कराने की मांग दोहराई।
आरजेडी सांसद मनोज झा की टिप्पणी: सांसद मनोज झा ने कहा कि जनादेश सबसे महत्वपूर्ण होता है और वोट देने के अधिकार पर हमला लोकतंत्र पर हमला है। उन्होंने चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता की आवश्यकता पर ज़ोर दिया।
4. राहुल गांधी और प्रियंका गांधी पर एफआईआर
रिपोर्टर ने जानकारी दी कि कल (बीते दिन) आकाशवाणी भवन में बिना अनुमति प्रवेश करने और वहां धरने पर बैठने को लेकर राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के खिलाफ दिल्ली पुलिस ने एफआईआर दर्ज की है। कल शाम पुलिस ने उन्हें हिरासत में लेकर किंग्सवे कैंप (पुलिस लाइन) भेजा था और कुछ समय बाद छोड़ दिया था।
राजनीतिक टकराव के आसार
यह प्रदर्शन ऐसे समय में हो रहा है जब एक तरफ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन में 25 साल पूरे होने का जश्न मनाया जा रहा है, और दूसरी तरफ विपक्ष चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठा रहा है। इंडिया गठबंधन के नेताओं ने स्पष्ट कर दिया है कि जब तक उनकी मांगें नहीं मानी जातीं, उनका यह विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा। पुलिस बस मार्च को आगे ले जा रही है और फिलहाल यह देखना बाकी है कि इन सांसदों को कहां ले जाया जाता है।
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