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जंतर-मंतर पर पाबंदी के बाद कनॉट प्लेस में छात्रों का विरोध प्रदर्शन

जंतर-मंतर पर पाबंदी के बाद भी नहीं रुके छात्र: कनॉट प्लेस पहुंचा संग्राम, चुनाव आयोग और पुलिस के खिलाफ लेफ्ट-NSUI का हल्ला बोल


Zamini Hakikat: मतदाता सूची विवाद और मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग को लेकर चल रहा विरोध प्रदर्शन अब दिल्ली के दिल 'कनॉट प्लेस' (Connaught Place) तक पहुंच गया है। दिल्ली पुलिस द्वारा जंतर-मंतर पर सख्त पाबंदी लगाने और उसे आधिकारिक प्रोटेस्ट साइट से हटाने के फैसले ने इस सियासी संग्राम को एक नया मोड़ दे दिया है।

'द फ़ेडरल देश' के खास कार्यक्रम 'ज़मीनी हकीकत' की ताज़ा रिपोर्ट के अनुसार, पुलिस की इस कार्रवाई के खिलाफ और चुनाव आयोग के विरोध में छात्र संगठनों ने आज राजधानी की सड़कों पर उतरकर अपनी आवाज़ बुलंद की।

1. जंतर-मंतर पर 'नो-एंट्री', दिल्ली पुलिस के खिलाफ आक्रोश

दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा और कानून-व्यवस्था का हवाला देते हुए जंतर-मंतर पर किसी भी तरह के धरने-प्रदर्शन पर रोक लगा दी है। पुलिस की इस सख्त घेराबंदी और जंतर-मंतर को प्रोटेस्ट साइट की सूची से हटाने के फैसले का विपक्षी दलों और छात्र संगठनों द्वारा कड़ा विरोध किया जा रहा है। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि पुलिस की इस कार्रवाई के ज़रिए उनके लोकतांत्रिक अधिकारों को दबाने का प्रयास किया जा रहा है।

2. कनॉट प्लेस बना नया धरना स्थल

जंतर-मंतर पर रास्ते बंद होने के बाद, वामपंथी (Left) छात्र संगठनों और कांग्रेस की छात्र इकाई एनएसयूआई (NSUI) के कार्यकर्ताओं ने कनॉट प्लेस का रुख किया। अलग-अलग समय पर कनॉट प्लेस पहुंचकर इन युवा कार्यकर्ताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और उनके तत्काल इस्तीफे की मांग को दोहराया।

सरकार और चुनाव आयोग के खिलाफ शुरू हुआ यह आंदोलन अब सीधे तौर पर दिल्ली पुलिस की कार्यप्रणाली के विरोध में भी तब्दील होता दिख रहा है। जंतर-मंतर पर पाबंदी के बाद छात्रों का कनॉट प्लेस पहुंचना इस बात का संकेत है कि प्रदर्शनकारी पीछे हटने के मूड में नहीं हैं। सार्वजनिक स्थलों पर पुलिस की सख्ती और छात्रों के इस रुख से राजधानी में गतिरोध आगे भी जारी रहने की संभावना है।

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