तिलक वर्मा का रिटायर्ड आउट होना MI को पड़ा महंगा, क्या हैं इसके नियम
शुक्रवार को रोमांचक मैच में लखनऊ सुपर जायंट्स ने मुंबई इंडियंस को मात दी। लेकिन चर्चा में एमआई के तिलक वर्मा रहे जिन्हें रिटायर्ट आउट करार दिया गया।;
Tilak Varma Retired Out News: आईपीएल 2025 के एक हाईवोल्टेज मुकाबले में मुंबई इंडियंस को लखनऊ सुपर जायंट्स के हाथों हार का सामना करना पड़ा। इस मैच में सबकी नज़र तिलक वर्मा पर थी, जिन्होंने खुद को रिटायर्ड आउट कर दिया। वे रन नहीं बना पा रहे थे और 23 गेंदों पर 25 रन बनाकर मैदान छोड़ गए। यह फैसला टीम के लिए काफी महंगा साबित हुआ और मुंबई मैच हार गई।
आईपीएल में रिटायर्ड आउट की घटनाएं
रविचंद्रन अश्विन – पहला उदाहरण (आईपीएल 2022)
टीम: राजस्थान रॉयल्स
घटना: नंबर 6 पर बल्लेबाजी करते हुए अश्विन को 19वें ओवर में रिटायर्ड आउट किया गया।
बाद में आए बल्लेबाज: रियान पराग
परिणाम: निर्णय विवादास्पद था लेकिन टीम के लिए फायदेमंद साबित हुआ।
साई सुदर्शन – गुजरात टाइटंस (आईपीएल 2023)
स्ट्राइक रेट: लगभग 140
कारण: राशिद खान को स्ट्राइक देने के लिए खुद को रिटायर्ड आउट किया
परिणाम: राशिद ने पहली ही गेंद पर चौका मारा, गुजरात ने मुंबई के खिलाफ 233 रन बनाए।
अथर्व तायडे – पंजाब किंग्स (आईपीएल 2023)
मैच: बनाम दिल्ली कैपिटल्स
स्थिति: लक्ष्य था 124 रन, अंतिम 5 ओवर में चाहिए थे 71 रन
कारण: धीमी बल्लेबाज़ी के कारण उन्होंने खुद को रिटायर्ड आउट किया
परिणाम: टीम ने नया बल्लेबाज उतारा ताकि रन गति बढ़ाई जा सके।
तिलक वर्मा – मुंबई इंडियंस (आईपीएल 2025)
मैच: बनाम लखनऊ सुपर जायंट्स
स्कोर: 23 गेंदों पर 25 रन
परिणाम: रन बनाने में संघर्ष के चलते मैदान से बाहर चले गए, लेकिन टीम को इसका खामियाजा भुगतना पड़ा।
रिटायर्ड आउट का क्या है नियम
अगर कोई बल्लेबाज अंपायर की अनुमति के बिना पिच छोड़ता है और विरोधी कप्तान उसे दोबारा बल्लेबाजी की अनुमति नहीं देता, तो वह "रिटायर्ड आउट" माना जाता है।इसे आधिकारिक तौर पर आउट माना जाता है और बैटिंग एवरेज में जोड़ा जाता है।यदि अनुमति मिल जाती है, तो वह "रिटायर्ड हर्ट" माना जाता है और वह बाद में फिर बल्लेबाजी कर सकता है।
मुंबई इंडियंस के कोच ने क्या कहा
मुंबई इंडियंस के कोच महेला जयवर्धने ने लखनऊ के खिलाफ मैच के बाद तिलक वर्मा को रिटायर्ड आउट किए जाने पर सफाई दी। उन्होंने कहा कि यह फैसला पूरी तरह से सामरिक (टैक्टिकल) था।जयवर्धने ने कहा:"मुझे लगता है कि जब हमने विकेट गंवाया, तो तिलक ने हमारे लिए अच्छी बल्लेबाजी की और सूर्यकुमार यादव के साथ उनकी साझेदारी भी अच्छी रही। वह तेजी से रन बनाना चाहते थे, लेकिन वो ऐसा कर नहीं पा रहे थे।"
उन्होंने आगे कहा:"आखिरी कुछ ओवरों तक हमें उम्मीद थी, क्योंकि तिलक ने क्रीज़ पर समय बिताया था, जिससे उन्हें हिट्स लगाने में मदद मिल सकती थी। लेकिन आखिर में मुझे लगा कि टीम को किसी नए बल्लेबाज की जरूरत है।"जयवर्धने ने स्वीकार किया कि यह फैसला आसान नहीं था।"वह संघर्ष कर रहा था। जब क्रिकेट में ऐसा होता है, तो किसी बल्लेबाज को बाहर निकालना अच्छा नहीं लगता। लेकिन मुझे ऐसा करना पड़ा। यह उस समय एक सामरिक निर्णय था।"
इसका साफ मतलब यह है कि तिलक वर्मा क्रीज़ पर टिके हुए थे, लेकिन रन गति नहीं बढ़ा पा रहे थे। इसलिए टीम मैनेजमेंट ने उन्हें बाहर कर किसी और बल्लेबाज को मौका दिया जो तेजी से रन बना सके। यह निर्णय भले ही मुश्किल था, लेकिन टीम की ज़रूरत के हिसाब से जरूरी समझा गया।