चुनावी वादों की हकीकत और शर्तों की सीढ़ी: दिल्ली में आयुष्मान योजना लागू, लेकिन...

दिल्ली की भाजपा सरकार ने केंद्र सरकार के साथ आयुष्मान कार्ड के लिए MOU साइन किया है, लेकिन अभी सभी के लिए ये कार्ड नहीं बनाया जा रहा है. इस बात कांग्रेस ने भाजपा सरकार को घेरा है.;

Update: 2025-04-05 15:38 GMT

Ayushman Card For Delhi: दिल्ली वालों को आखिरकार इंतजार के बाद आयुष्मान योजना की सौगात मिल ही गई, लेकिन जरा ठहरिए! इसमें भी ट्विस्ट है — और वो भी शर्तों वाला!

भाजपा ने जब चुनावी मंचों पर बड़े-बड़े वादों की झड़ी लगाई थी, तब हर दिल्लीवाले को लगा था कि अब स्वास्थ्य सेवाएं घर बैठे मिलेंगी। लेकिन अब जब उन वादों पर अमल शुरू हुआ है, तो सरकार ने “शर्तें लागू” का बोर्ड चुपके से चस्पा कर दिया है।


पहले सिर्फ 'अंत्योदय', फिर बाकी?

दिल्ली सरकार और केंद्र के बीच एमओयू पर साइन हो गया है और योजना शनिवार से लागू भी हो गई है। पहले चरण में एक लाख आयुष्मान कार्ड बनाए जाएंगे, लेकिन सिर्फ उन लोगों के लिए जिनके पास अंत्योदय अन्न योजना (AAY) कार्ड है। यानी बाकी लोगों को इंतजार की घड़ी अभी बाकी है।

अब सवाल ये उठ रहा है — जब चुनाव में 70 साल से ऊपर के बुज़ुर्गों को प्राथमिकता देने का वादा था, तो उन्हें लाइन में क्यों नहीं लाया गया? दिल्ली में करीब 4 लाख बुज़ुर्ग ऐसे हैं जो इस योजना की आस लगाए बैठे हैं, लेकिन फिलहाल उन्हें कोई "प्राथमिकता" नहीं मिली।

दस लाख का दावा, लेकिन इलाज अभी अधूरा

इस योजना के तहत दिल्ली वालों को मिलेगा 10 लाख रुपये का मेडिकल कवर — 5 लाख केंद्र से और 5 लाख राज्य से। कुल बजट तय हुआ है 2144 करोड़ रुपये का। सुनने में तो बड़ा सुनहरा लगता है, पर कांग्रेस ने इस पर सवाल उठाते हुए कहा — “इलाज की बात छोड़िए, अस्पतालों की हालत तो खुद इलाज मांग रही है!”

दिल्ली कांग्रेस अध्यक्ष देवेंद्र यादव का कहना है, “बीजेपी सिर्फ स्कीम का डंका बजा रही है, लेकिन जमीनी सच्चाई यह है कि अस्पतालों में डॉक्टर नहीं, दवाइयां नहीं, और ऑपरेशन थियेटर खुद बीमार पड़े हैं।”

राशन कार्ड की राजनीति

दिल्ली में फिलहाल दो तरह के राशन कार्ड चलते हैं — बीपीएल और अंत्योदय। आयुष्मान योजना की शुरुआत अंत्योदय कार्डधारकों से होने वाली है, जो सबसे गरीब तबके में आते हैं। ये बात समझ में आती है, लेकिन सवाल ये है कि बाकी लोगों का नंबर कब आएगा?




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