पीएम मोदी-इशिबा की बुलेट ट्रेन यात्रा, भारत-जापान रिश्तों में नई रफ़्तार

पीएम नरेंद्र मोदी ने जापान में बुलेट ट्रेन यात्रा की और सेन्दई में सेमीकंडक्टर प्लांट का दौरा किया। भारत-जापान रिश्तों को नई दिशा देने वाले कई समझौते हुए।;

Update: 2025-08-30 06:04 GMT

30 अगस्त को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जापान के प्रधानमंत्री शिगेरु इशिबा के साथ टोक्यो से सेन्दई तक बुलेट ट्रेन (शिंकान्सेन) में सफ़र किया। दोनों नेताओं ने अपनी यात्रा की तस्वीरें सोशल मीडिया पर साझा कीं। मोदी ने पोस्ट किया “सेन्दई पहुंच गया। प्रधानमंत्री इशिबा के साथ शिंकान्सेन से इस शहर तक यात्रा की।

भारतीय ट्रेन ड्राइवरों से मुलाकात

बुलेट ट्रेन की यात्रा से पहले दोनों नेताओं ने ईस्ट जापान रेलवे कंपनी (JR East) में प्रशिक्षण ले रहे भारतीय ट्रेन ड्राइवरों से मुलाकात की। उन्हें नई ALFA-X ट्रेन भी दिखाई गई, जिसके बारे में रेलवे कंपनी के चेयरमैन ने विस्तार से जानकारी दी।



सेन्दई का दौरा

प्रधानमंत्री मोदी सेन्दई में बुलेट ट्रेन कोच बनाने वाली फैक्ट्री और एक सेमीकंडक्टर प्लांट सहित कई औद्योगिक इकाइयों का दौरा कर रहे हैं। नया सेमीकंडक्टर वेफ़र फैब्रिकेशन प्लांट ताइवान की पावरचिप सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग कॉर्पोरेशन (PSMC) द्वारा मियागी प्रीफेक्चर (सेन्दई के पास) में विकसित किया जा रहा है। यह जापान की चिप निर्माण क्षमता को पुनर्जीवित करने की सबसे बड़ी परियोजनाओं में से एक है। इसे SBI होल्डिंग्स और जापानी साझेदारों के सहयोग से संयुक्त उपक्रम जापान सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग कंपनी (JSMC) द्वारा बनाया जा रहा है।भारत और जापान सेमीकंडक्टर, क्लीन एनर्जी, क्रिटिकल मिनरल्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे क्षेत्रों में सहयोग को मज़बूती दे रहे हैं।

द्विपक्षीय रिश्तों को नया आयाम

प्रधानमंत्री मोदी का यह दो दिवसीय आधिकारिक दौरा भारत-जापान संबंधों को और गहरा बनाने की दिशा में अहम माना जा रहा है। उन्होंने टोक्यो में आयोजित 15वें भारत-जापान वार्षिक शिखर सम्मेलन में हिस्सा लिया और जापान के 16 प्रीफेक्चरों के गवर्नरों से भी मुलाकात की।

मोदी ने कहा कि राज्य और प्रीफेक्चर सहयोग भारत-जापान मित्रता का एक अहम स्तंभ है। यही वजह है कि कल 15वें वार्षिक शिखर सम्मेलन के दौरान इसके लिए एक अलग पहल शुरू की गई। उन्होंने यह भी जोड़ा कि व्यापार, नवाचार, उद्यमिता और स्टार्टअप्स जैसे भावी क्षेत्रों में सहयोग की असीम संभावनाएं मौजूद हैं।

साझा दृष्टि और सहयोग समझौते

भारत और जापान ने अगले दशक के लिए भारत-जापान संयुक्त दृष्टि: विशेष रणनीतिक और वैश्विक साझेदारी को आगे ले जाने के आठ दिशा-निर्देश नामक साझा दृष्टि पत्र अपनाया है। दोनों देशों ने सुरक्षा सहयोग पर संयुक्त घोषणा की है और चंद्रयान-5 मिशन के लिए एक समझौते पर भी हस्ताक्षर किए हैं, जिसके तहत दोनों देशों की अंतरिक्ष एजेंसियां चंद्रमा के ध्रुवीय क्षेत्रों का संयुक्त अन्वेषण करेंगी।

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