‘डील’ वाले वीडियो से गरमाई राजनीति, AIMIM ने हुमायूं कबीर से तोड़ा गठबंधन
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पश्चिम बंगाल में एआईएमआईएम और हुमायूं कबीर की पार्टी पहले मिलकर चुनाव लड़ रहे थे। फोटो सौजन्य- PTI

‘डील’ वाले वीडियो से गरमाई राजनीति, AIMIM ने हुमायूं कबीर से तोड़ा गठबंधन

पश्चिम बंगाल में AIMIM ने हुमायूं कबीर की पार्टी से गठबंधन तोड़ अकेले चुनाव लड़ने का ऐलान किया है। इस ऐलान के बाद सियासी समीकरण बदलते हुए नजर आ रहे हैं।


पश्चिम बंगाल में चुनावी माहौल के बीच गठबंधनों का गणित तेजी से बदल रहा है। तृणमूल कांग्रेस से निष्कासन के बाद हुमायूं कबीर ने अपनी नई पार्टी बनाई थी और असदुद्दीन ओवैसी की अगुवाई वाली ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन के साथ गठबंधन कर चुनावी मैदान में उतरने की तैयारी की थी।लेकिन अब यह गठबंधन टूट चुका है। हजार करोड़ वाले डील का वीडियो वायरल होने के बाद AIMIM ने आधिकारिक तौर पर ऐलान किया है कि वह पश्चिम बंगाल में अकेले चुनाव लड़ेगी और भविष्य में किसी भी पार्टी के साथ गठबंधन नहीं करेगी।

क्यों टूटा गठबंधन?

AIMIM ने अपने बयान में कहा कि वह किसी भी ऐसे बयान से खुद को नहीं जोड़ सकती, जिसमें मुस्लिम समुदाय की निष्ठा और ईमानदारी पर सवाल उठाए जाएं। पार्टी का कहना है कि मौजूदा परिस्थितियों में हुमायूं कबीर की पार्टी के साथ गठबंधन जारी रखना संभव नहीं है।

इसके साथ ही AIMIM ने यह भी कहा कि पश्चिम बंगाल का मुस्लिम समुदाय देश के सबसे गरीब और उपेक्षित वर्गों में शामिल है। पार्टी ने परोक्ष रूप से तृणमूल कांग्रेस और वाम दलों पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि लंबे समय तक तथाकथित धर्मनिरपेक्ष शासन के बावजूद मुस्लिमों के लिए पर्याप्त काम नहीं किया गया।


AIMIM की रणनीति क्या है?

AIMIM ने साफ किया कि उसकी राजनीति का उद्देश्य हाशिए पर मौजूद समुदायों को एक स्वतंत्र और मजबूत राजनीतिक आवाज देना है। इसी सोच के तहत पार्टी ने पश्चिम बंगाल में अकेले चुनाव लड़ने का फैसला किया है।

वायरल वीडियो से बढ़ा विवाद

यह राजनीतिक विवाद एक वायरल वीडियो के सामने आने के बाद और गहरा गया। तृणमूल कांग्रेस द्वारा साझा किए गए वीडियो में हुमायूं कबीर कथित तौर पर बीजेपी के साथ बड़े आर्थिक सौदे और मुस्लिम मतदाताओं को प्रभावित करने की बात करते दिखाई दिए। इस वीडियो को लेकर यह भी दावा किया गया कि मुस्लिम वोटों को प्रभावित कर उन्हें बीजेपी की ओर मोड़ने की कोशिश हो रही है। इस मुद्दे पर फिरहाद हकीम ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर गंभीर आरोप लगाए।

हुमायूं कबीर का जवाब

इन आरोपों पर हुमायूं कबीर ने कड़ी प्रतिक्रिया दी और वीडियो को एआई जनरेटेड बताते हुए सभी आरोपों को खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि 2019 के बाद उनका किसी भी बीजेपी नेता से कोई संपर्क नहीं रहा है, जिनमें नरेंद्र मोदी और अमित शाह जैसे प्रमुख नेता शामिल हैं। कबीर ने ममता बनर्जी, अभिषेक बनर्जी, फिरहाद हकीम और कुणाल घोष के खिलाफ मानहानि का मामला दायर करने की भी बात कही है।

पश्चिम बंगाल की राजनीति में यह घटनाक्रम गठबंधन की अस्थिरता और बदलते समीकरणों को दर्शाता है। AIMIM का अकेले चुनाव लड़ने का फैसला आने वाले चुनावों में नए राजनीतिक समीकरण बना सकता है, जिससे मुकाबला और दिलचस्प होने की संभावना है।

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