
असम, केरल और पुडुचेरी में मतदान शुरू, सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम
असम, केरल और पुडुचेरी में विधानसभा चुनाव के लिए मतदान शुरू हो चुका है। कड़ी सुरक्षा और पुख्ता इंतजामों के बीच लाखों मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग कर रहे हैं।
असम, पुडुचेरी और केरल में आज विधानसभा चुनाव के लिए मतदान शुरू हो चुका है। तीनों राज्यों के प्रशासन ने शांतिपूर्ण एवं सुचारु मतदान सुनिश्चित करने के लिए पुख्ता इंतजाम किए हैं।
असम में विधानसभा की 126 सीटों के लिए 722 उम्मीदवार मैदान में हैं, जिनकी किस्मत का फैसला आज होने वाले मतदान में होगा। राज्य में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं और 1.5 लाख से अधिक सुरक्षा कर्मियों को तैनात किया गया है। अधिकारियों के अनुसार, 35 जिलों में कुल 31,940 मतदान केंद्र बनाए गए हैं और संवेदनशील केंद्रों पर माइक्रो-ऑब्जर्वर भी नियुक्त किए गए हैं। मुख्य निर्वाचन अधिकारी अनुराग गोयल ने बताया कि अधिकांश मतदान कर्मी पहले ही अपने-अपने केंद्रों के लिए रवाना हो चुके हैं, जबकि दूरदराज के इलाकों में तैनात कर्मियों को पहले ही भेज दिया गया था। असम में मतगणना 4 मई को होगी।
केरल में भी आज एक ही चरण में मतदान हो रहा है। राज्य में कुल 2.71 करोड़ मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। यह चुनाव एलडीएफ (LDF) के लगातार तीसरी बार सत्ता में लौटने के प्रयास, यूडीएफ (UDF) की वापसी की उम्मीदों और एनडीए (NDA) के राज्य में अपनी उपस्थिति दर्ज कराने की कोशिश के बीच एक अहम मुकाबला माना जा रहा है।
करीब एक महीने तक चले जोरदार चुनाव प्रचार के बाद केरल की सभी 140 विधानसभा सीटों पर शाम 6 बजे तक मतदान होगा। इस चुनाव में कुल 883 उम्मीदवार मैदान में हैं। निर्वाचन आयोग के अनुसार, राज्य में 1.32 करोड़ पुरुष, 1.39 करोड़ महिलाएं और 273 ट्रांसजेंडर मतदाता शामिल हैं। इसके अलावा 2.42 लाख से अधिक प्रवासी मतदाता भी इस चुनाव में हिस्सा ले रहे हैं।
पुडुचेरी में मुख्य निर्वाचन अधिकारी पी. जवाहर के अनुसार, करीब 9.50 लाख मतदाता 294 उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला करेंगे। मतदान सुबह 7 बजे से पुडुचेरी और इसके अंतर्गत आने वाले क्षेत्रों कराईकल, माहे और यानम—में शुरू हो गया है। इन सभी क्षेत्रों को मिलाकर कुल 30 विधानसभा सीटें हैं। केंद्र शासित प्रदेश में कुल 1,099 मतदान केंद्र बनाए गए हैं, जिनमें से 209 को संवेदनशील घोषित किया गया है।
मतदान प्रक्रिया को अधिक समावेशी और व्यवस्थित बनाने के लिए विशेष व्यवस्थाएं भी की गई हैं। 30 मतदान केंद्र पूरी तरह महिला कर्मचारियों द्वारा संचालित होंगे, जबकि 15 बूथों का संचालन युवा अधिकारी कर रहे हैं। इसके अलावा, दो मतदान केंद्र दिव्यांग कर्मचारियों के जिम्मे होंगे। इस बार 24,919 नए मतदाता भी जुड़े हैं। वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांग मतदाताओं की सहायता के लिए स्वयंसेवक तैनात रहेंगे, जो उन्हें मतदान केंद्र तक लाने और सुरक्षित घर वापस पहुंचाने में मदद करेंगे। साथ ही व्हीलचेयर की सुविधा भी उपलब्ध रहेगी।

