
खरगे के बयान पर सियासी घमासान, BJP ने EC और पुलिस में दर्ज कराई शिकायत
असम BJP ने इन बयानों को भड़काऊ और सामाजिक सौहार्द के लिए खतरा बताते हुए गुवाहाटी के वशिष्ठ पुलिस स्टेशन में FIR दर्ज कराई। यही नहीं, बीजेपी ने चुनाव आयोग के समक्ष औपचारिक शिकायत दी है।
असम विधानसभा चुनाव से ठीक पहले कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के एक बयान पर बड़ा राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। भाजपा ने इसे “हेट स्पीच” बताते हुए चुनाव आयोग और स्थानीय पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है।
क्या है पूरा मामला?
मंगलवार को चुनाव प्रचार के अंतिम दिन श्रीभूमि जिले के नीलमबाजार में एक रैली को संबोधित करते हुए खरगे ने BJP और RSS की विचारधारा को “जहरीला” बताया और उसकी तुलना “जहरीले सांप” से की।
इसके अलावा उन्होंने असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा को “अत्यधिक भ्रष्ट और अहंकारी” करार दिया।
BJP की कार्रवाई
असम BJP ने इन बयानों को भड़काऊ और सामाजिक सौहार्द के लिए खतरा बताते हुए गुवाहाटी के वशिष्ठ पुलिस स्टेशन में FIR दर्ज कराई। यही नहीं, बीजेपी ने चुनाव आयोग के समक्ष औपचारिक शिकायत दी है।
पार्टी के प्रवक्ता प्रांजल कलीता ने कहा कि कांग्रेस नेताओं के बयान “संवैधानिक मूल्यों और सभी धर्मों के सम्मान की भावना के खिलाफ” हैं।
BJP ने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि वह “सनातन संस्कृति को कमजोर करने” की कोशिश कर रही है और राजनीतिक लाभ के लिए विभाजनकारी बयान दे रही है। पार्टी ने कहा कि इस तरह की बयानबाजी असम की जनता पहले ही खारिज कर चुकी है।
माफी की मांग
पूर्व केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में खरगे के बयान को “अशोभनीय और आपत्तिजनक” बताया और उनसे माफी की मांग की। उन्होंने कांग्रेस नेतृत्व—सोनिया गांधी, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा भी इस मुद्दे पर अपना रुख स्पष्ट करने को कहा।
असम विधानसभा की 126 सीटों के लिए 9 अप्रैल को मतदान होना है, जबकि मतगणना 4 मई को होगी। ऐसे में यह विवाद चुनावी माहौल को और गरमा सकता है।

