
‘दीदी के 10 वादे’ बनाम BJP का संकल्प पत्र, जानें- दोनों में क्या है फर्क
बंगाल 2026 चुनाव में TMC और BJP दोनों अपने अपने घोषणापत्र के जरिए जनता के बीच हैं। यहां नजर डालेंगे कि दोनों के मैनिफेस्टो एक दूसरे से किस तरह अलग हैं।
पश्चिम बंगाल 2026 के हाई-स्टेक विधानसभा चुनाव की ओर बढ़ रहा है, जहां ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस (TMC) और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के बीच मुकाबला केवल राजनीतिक नहीं, बल्कि वैचारिक भी बन गया है। यह चुनाव जहां एक तरफ टीएमसी के लिए खास है तो बीजेपी यह बताना चाहती है कि बंगाल की जनता अपने राज्य को भगवा रंग में रंगने के लिए तैयार है। जहां टीएमसी ने पिछले महीने घोषणापत्र जारी किया था। अब बीजेपी ने भी संकल्प पत्र को जारी किया है।
'भरोसा बनाम दीदी के 10 वादे'
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह संकल्प पत्र पेश करते हुए कहा कि राज्य के लिए हमारे पास नई विकास दृष्टि है। उन्होंने रवींद्रनाथ टैगोर की प्रसिद्ध पंक्ति जहां मन भयमुक्त हो और मस्तक ऊंचा हो का जिक्र करते कहा कि भाजपा बंगाल का विकास भरोसा के आधार पर आगे बढ़ाएगी।दूसरी ओर, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के नेतृत्व में ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस ने पिछले महीने अपना घोषणापत्र जारी किया था, जिसे “दीदी के 10 वादे” के रूप में प्रस्तुत किया गया। टीएमसी ने इसे जनता-केंद्रित रोडमैप बताते हुए कहा कि यह केंद्र के बढ़ते हस्तक्षेप का जवाब और बंगाल की पहचान की रक्षा का प्रयास है। इस तरह दोनों पार्टियों के घोषणापत्र राज्य में “निरंतरता बनाम परिवर्तन” की सीधी राजनीतिक टक्कर को दर्शाते हैं।
ममता बनर्जी के वादे
महिलाओं के लिए मासिक सहायता बढ़ाकर सामान्य वर्ग हेतु 1,500 रुपए और आरक्षित वर्ग हेतु 1,700 रुपए करने का प्रस्ताव
बेरोजगार युवाओं (21–40 वर्ष) के लिए ‘बांग्लार युवा साथी’ योजना के तहत 1,500 रुपए मासिक भत्ता, नौकरी मिलने तक
हर परिवार को पक्का (कंक्रीट) घर उपलब्ध कराने की योजना
किसानों के लिए 30,000 करोड़ रुपए का कृषि बजट, भूमिहीन किसानों के लिए विशेष सहायता पैकेज
प्रशासनिक सुधार के तहत 7 नए जिलों के गठन और शहरी निकायों के विस्तार की योजना
वरिष्ठ नागरिकों की पेंशन जारी रखने के साथ अधिक लाभार्थियों को शामिल करने का प्रस्ताव
हर घर तक पाइप्ड पीने का पानी पहुंचाने का लक्ष्य
बेहतर बंदरगाह, सड़क और वर्ल्ड ट्रेड सेंटर के माध्यम से बंगाल को पूर्वी भारत का व्यापारिक केंद्र बनाने की योजना
ब्लॉक और नगर स्तर पर स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार, घर-घर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने का लक्ष्य
राज्य के सभी सरकारी स्कूलों के बुनियादी ढांचे का आधुनिकीकरण
बीजेपी का संकल्प पत्र- महिलाओं पर खास जोर
गरीब महिलाओं को हर महीने 3000 रुपए की आर्थिक सहायता देने का वादा
महिला स्वास्थ्य के लिए निःशुल्क टीकाकरण और कैंसर स्क्रीनिंग की सुविधा देने की योजना
संस्थागत प्रसव (डिलीवरी) को बढ़ावा देने और सुरक्षित मातृत्व सुनिश्चित करने का वादा
पुलिस सहित सभी सरकारी नौकरियों में महिलाओं को 33% आरक्षण देने की घोषणा
राज्य में 75 लाख ‘लखपति दीदी’ बनाने का लक्ष्य
हर मंडल में महिला थाना स्थापित करने की योजना
महिलाओं के लिए राज्य की बसों में मुफ्त यात्रा सुविधा देने का प्रस्ताव
संदेशखाली जैसे मामलों की जांच सेवानिवृत्त महिला जज से कराने की घोषणा
'दीदी' के 10 वादे बनाम बीजेपी का संकल्प पत्र
भाजपा ने अपने घोषणापत्र में स्पष्ट किया है कि यदि वह सत्ता में आती है तो छह महीने के भीतर पश्चिम बंगाल में समान नागरिक संहिता (UCC) लागू किया जाएगा। वहीं टीएमसी के घोषणापत्र में इस मुद्दे का कोई उल्लेख नहीं किया गया है।
भाजपा ने कर्मचारियों और पेंशनधारकों के लिए भी बड़े वादे किए हैं। पार्टी ने कहा है कि सरकारी कर्मचारियों को महंगाई भत्ता (DA) दिया जाएगा और 7वें वेतन आयोग की सिफारिशें 45 दिनों के भीतर लागू की जाएंगी। इसके अलावा हर महीने की 1 से 5 तारीख के बीच महिलाओं के बैंक खातों में 3000 रुपये ट्रांसफर करने का वादा किया गया है। पार्टी ने सिंडिकेट राज और कट मनी संस्कृति को समाप्त करने का भी संकल्प लिया है।
लक्ष्मी भंडार बनाम दुर्गा सुरक्षा स्क्वॉड
टीएमसी अपनी प्रमुख योजना ‘लक्ष्मी भंडार’ के विस्तार पर भरोसा कर रही है। इसके तहत मासिक सहायता बढ़ाकर सामान्य वर्ग की महिलाओं के लिए 1500 रुपये और एससी/एसटी लाभार्थियों के लिए 1700 रुपये करने का प्रस्ताव है। पार्टी लगातार कैश ट्रांसफर मॉडल को आगे बढ़ा रही है।
इसके जवाब में भाजपा ने महिलाओं के लिए 3000 रुपये मासिक सहायता के साथ-साथ 33 प्रतिशत आरक्षण, महिला पुलिस बटालियन और दुर्गा सुरक्षा स्क्वॉड जैसी योजनाओं की घोषणा की है।
‘बांग्लार युवा साथी’ बनाम एक करोड़ नौकरी
युवाओं के लिए भी दोनों दलों में प्रतिस्पर्धा तेज है। टीएमसी ने ‘बांग्लार युवा साथी’ योजना के तहत बेरोजगार युवाओं को 1500 रुपये मासिक सहायता देने का प्रस्ताव रखा है। वहीं भाजपा ने एक करोड़ नौकरियों और स्वरोजगार के अवसर देने, पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया लागू करने और आंदोलनरत शिक्षकों के मुद्दों के समाधान का वादा किया है। इसके अलावा बंगाल के थिएटर उद्योग के लिए एक विशेष संस्थान बनाने की भी योजना है।

