
असम में BJP का दांव : नई चेहरे और दलबदलू नेताओं को मौका, 88 उम्मीदवारों की सूची में दिग्गजों की छुट्टी
कई दिग्गज नेताओं का टिकट काटकर नए चेहरों और प्रद्युत बोरदोलोई जैसे कांग्रेस से आए नेताओं को मैदान में उतारकर बीजेपी अपने ही संगठन में असंतोष का जोखिम उठा रही है; एक मौजूदा विधायक ने इस्तीफा दे दिया।
नए चेहरों को मौका देने के लिए असम में बीजेपी ने एक चौंकाने वाला फैसला लिया है। पार्टी ने कई बड़े नेताओं और मौजूदा विधायकों को टिकट नहीं दिया और उनकी जगह दलबदल कर आए नेताओं तथा महिला उम्मीदवारों को जगह दी है।
भाजपा ने गुरुवार (19 मार्च) को 9 अप्रैल को होने वाले असम विधानसभा चुनाव के लिए 88 उम्मीदवारों की पहली सूची जारी की, जिसने कई दिग्गज नेताओं को चौंका दिया।
कई बड़े नेताओं का टिकट कटा
टिकट से वंचित किए गए नेताओं में कैबिनेट मंत्री नंदिता गोरलोसा, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सिधार्थ भट्टाचार्य, और उपाध्यक्ष नुमल मोमिन शामिल हैं।
इसके अलावा कई मौजूदा विधायकों के टिकट भी काटे गए, जिनमें प्रमोद बोरठाकुर, हेमंगा ठाकुरिया, बिद्या सिंह इंग्लेंग, दर सिंग रोंगहांग, रूपसिंग टेरोन, रामकृष्ण घोष, दिगंता घाटोवाल, दीपानयन चक्रवर्ती, अजय कुमार राय, गणेश लिम्बू और अमिया कुमार भुइयां शामिल हैं।मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा जलुकबाड़ी सीट से लगातार छठी बार चुनाव लड़ रहे हैं और वे ही इस चुनाव में पार्टी का मुख्य चेहरा बने हुए हैं।
कांग्रेस से आए नेताओं को टिकट
पार्टी ने कांग्रेस छोड़कर आए बड़े नेताओं जैसे प्रद्युत बोरदोलोई और भूपेन बोरा को टिकट दिया है। यह रणनीति विपक्ष को कमजोर कर लगातार तीसरी जीत हासिल करने की कोशिश के रूप में देखी जा रही है।
सबसे बड़ा सरप्राइज: प्रद्युत बोरदोलोई
सबसे बड़ा चौंकाने वाला नाम प्रद्युत बोरदोलोई का रहा, जिन्होंने एक दिन पहले ही कांग्रेस छोड़कर बीजेपी जॉइन की थी। उन्हें हाई-प्रोफाइल दिसपुर सीट से उम्मीदवार बनाया गया है।
नागांव लोकसभा सीट से दो बार जीत चुके बोरदोलोई ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को इस्तीफा देकर पार्टी छोड़ी थी।
नाराजगी और अंदरूनी विरोध
बोरदोलोई को टिकट देने की वजह से मौजूदा विधायक अतुल बोरा का टिकट कट गया, जिससे पार्टी में नाराजगी बढ़ गई है।
सूत्रों के मुताबिक, अतुल बोरा निर्दलीय चुनाव लड़ सकते हैं या कांग्रेस उम्मीदवार मीरा बोरठाकुर का समर्थन कर सकते हैं, जिससे वोट बंटने का खतरा है।
जयंत कुमार दास ने भी बीजेपी के खिलाफ नई पार्टी बनाने की धमकी दी है। सहयोगी दल असम गण परिषद (AGP) में भी सीट बंटवारे को लेकर असंतोष देखा जा रहा है।
महिलाओं को भी मौका
बीजेपी ने 88 उम्मीदवारों की सूची में 6 महिला उम्मीदवारों को शामिल किया है, जिनमें कैबिनेट मंत्री अजंता निओग भी शामिल हैं। अन्य महिला उम्मीदवारों में नीलिमा देवी, निसो तेरंगपी, रुपाली लांगथासा, माधवी दास और ज्योतिष्ना कलिता शामिल हैं।
विद्रोह की आहट
बीजेपी NDA गठबंधन के तहत 126 में से 88 सीटों पर चुनाव लड़ेगी। 26 सीटें AGP को और 15 सीटें BPF को दी गई हैं।
हालांकि, कई विधायकों के टिकट कटने से नाराजगी का खतरा है, लेकिन अभी तक बड़े स्तर पर बगावत नहीं दिखी है। फिर भी, धोलाई से विधायक निहार रंजन दास ने टिकट न मिलने पर पार्टी से इस्तीफा दे दिया है।
उन्होंने अपने इस्तीफे में लिखा कि उन्होंने ईमानदारी से पार्टी के लिए काम किया, लेकिन उनके योगदान को नजरअंदाज किया गया।
कुछ जगहों पर कार्यकर्ताओं में नाराजगी दिखी है—अभयापुरी में एक उम्मीदवार टिकट न मिलने पर रोता हुआ भी नजर आया। फिलहाल, पार्टी नेतृत्व को भरोसा है कि वह स्थिति को संभाल लेगा।

