DMK ने जारी किया घोषणापत्र: ₹8,000 ‘इलत्तारसी’ कूपन से AIADMK के फ्री फ्रिज वादे को चुनौती
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एम के स्टालिन ने रविवार को DMK का चुनावी घोषणापत्र पढ़ते हुए पेश किया | फोटो: X/ANI

DMK ने जारी किया घोषणापत्र: ₹8,000 ‘इलत्तारसी’ कूपन से AIADMK के फ्री फ्रिज वादे को चुनौती

पिछले चुनावों के दो बड़े वादे—NEET खत्म करना और पूर्ण शराबबंदी—इस बार शामिल नहीं किए गए।


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मुख्य विपक्षी पार्टी AIADMK के हाल ही में जारी घोषणापत्र को सीधी चुनौती देते हुए, DMK अध्यक्ष एम.के. स्टालिन ने रविवार (29 मार्च) को पार्टी मुख्यालय अरिवालयम में 2026 तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के लिए घोषणापत्र जारी किया।

घोषणापत्र में सबसे प्रमुख “इलत्तारसी कूपन” योजना रही, जिसके तहत लगभग 2 करोड़ गैर-आयकर देने वाली गृहिणियों को ₹8,000 के कूपन दिए जाएंगे, ताकि वे घरेलू उपकरण खरीद सकें या पुराने बदल सकें।

इस योजना के तहत लाभार्थी वॉशिंग मशीन, फ्रिज, मिक्सर-ग्राइंडर, ओवन, माइक्रोवेव या इंडक्शन स्टोव जैसे सामान खरीद या बदल सकते हैं। यह AIADMK के “हर परिवार को एक मुफ्त फ्रिज” वादे से कहीं अधिक व्यापक विकल्प देता है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि नकद की बजाय कूपन देने का कारण यह है:“अगर हम पैसा देंगे तो लोग इसे अन्य चीजों पर खर्च कर सकते हैं। कूपन यह सुनिश्चित करते हैं कि लाभ सही उद्देश्य तक पहुंचे और गृहिणियों का बोझ कम हो।”

उन्होंने पूरे घोषणापत्र को “सुपर स्टार” दस्तावेज बताया और दावा किया कि पार्टी 23 अप्रैल के चुनाव में 200 सीटें जीतेगी।

गृहिणियों के लिए सियासी जंग

24 मार्च को AIADMK महासचिव ई.के. पलानीस्वामी ने 297 बिंदुओं वाला घोषणापत्र जारी किया था, जिसमें हर राशन कार्डधारी परिवार को मुफ्त फ्रिज देने का वादा प्रमुख था।

AIADMK ने हर परिवार को ₹10,000 की एकमुश्त सहायता और “कुलम विलक्कु योजना” के तहत हर महीने ₹2,000 महिला मुखिया को देने का भी वादा किया है।

दोनों पार्टियां स्पष्ट रूप से महिलाओं और गृहिणियों को लक्ष्य बना रही हैं—जो तमिलनाडु की चुनावी राजनीति में “फ्रीबी वॉर” का हिस्सा बन गया है।

DMK घोषणापत्र की मुख्य बातें

महिलाओं और गृहिणियों के लिए

* 2 करोड़ गृहिणियों को ₹8,000 का इलत्तारसी कूपन

* “कलैग्नार मगलीर उरिमई थोगई” बढ़ाकर ₹2,000 प्रति माह

* महिलाओं के लिए मुफ्त बस यात्रा जारी

* 1,000 नए चाइल्ड केयर सेंटर

परिवार और स्वास्थ्य

* मुख्यमंत्री नाश्ता योजना को 8वीं कक्षा तक विस्तार

* मेडिकल बीमा ₹10 लाख तक

* 10 लाख नए पक्के घर

किसानों के लिए

* मुफ्त आधुनिक इलेक्ट्रिक पंप सेट

* धान की कीमत ₹3,500 प्रति क्विंटल

* गन्ना ₹4,500 प्रति टन

* दूध की कीमत ₹5 प्रति लीटर बढ़ाई जाएगी

युवा और शिक्षा

* 35 लाख मुफ्त लैपटॉप

* “नान मुदलवन” स्कीम के तहत ट्रेनिंग + ₹1,500 स्टाइपेंड

* 1.5 लाख सरकारी नौकरियां

* छात्र योजनाओं में सहायता बढ़ाई जाएगी

अन्य वादे

* पेंशन ₹2,000–₹2,500 तक

* 10,000 नई बसें

* ₹20,000 करोड़ औद्योगिक पैकेज

* 50 लाख रोजगार सृजन का लक्ष्य

‘फ्रिज बनाम कूपन’ बहस

सेवानिवृत्त IAS अधिकारी पी. बालाचंद्रन ने DMK की योजना को बेहतर बताते हुए कहा कि “₹8,000 में छोटा फ्रिज ही खरीदा जा सकता है, जबकि कूपन से लोग अपनी जरूरत के हिसाब से सामान चुन सकते हैं।”

DMK सांसद कनिमोझी ने कहा कि घोषणापत्र तैयार करने से पहले विशेषज्ञों से सलाह ली गई और केवल लागू होने योग्य वादों को शामिल किया गया है।

‘प्रतिस्पर्धी कल्याण’ की राजनीति

तमिलनाडु की राजनीति लंबे समय से “फ्रीबी मॉडल” पर आधारित रही है। एम करुणानिधि के 2006 के मुफ्त टीवी वादे ने इस परंपरा की शुरुआत की थी, जिसे बाद में जयललिता ने मिक्सर-ग्राइंडर, फैन और अन्य योजनाओं के जरिए आगे बढ़ाया।

PMK अध्यक्ष ए रामदॉस ने DMK पर हमला करते हुए कहा कि 2021 के 505 वादों में से 439 पूरे नहीं हुए। उन्होंने तंज कसते हुए कहा, “नई घोषणा की जरूरत नहीं थी, अधूरे वादों की सूची ही जारी कर देते।”

NEET और शराबबंदी का जिक्र नहीं

ध्यान देने वाली बात यह है कि इस बार घोषणापत्र में NEET खत्म करने और पूर्ण शराबबंदी जैसे बड़े वादे शामिल नहीं हैं, जो पहले चुनावों में अहम मुद्दे रहे थे।

राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, 23 अप्रैल को होने वाले चुनाव से पहले DMK और AIADMK के बीच महिलाओं के वोट के लिए कड़ी टक्कर है।

कूपन हो या फ्री फ्रिज—एक बात साफ है: तमिलनाडु चुनाव 2026 में असली लड़ाई “रसोई” के इर्द-गिर्द लड़ी जा रही है।

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