बंगाल चुनाव से पहले ED की बड़ी कार्रवाई, I-PAC सह-संस्थापक गिरफ्तार
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विनेश चंदेल को दिल्ली में देर शाम मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (PMLA) के प्रावधानों के तहत हिरासत में लिया गया। फोटो सौजन्य- X/@vinesh_chandel

बंगाल चुनाव से पहले ED की बड़ी कार्रवाई, I-PAC सह-संस्थापक गिरफ्तार

बंगाल चुनाव से पहले ED ने I-PAC सह-संस्थापक को कोयला घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग केस में गिरफ्तार किया है। टीएमसी ने इसे राजनीतिक प्रतिशोध बताया।


पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से कुछ हफ्ते पहले प्रवर्तन निदेशालय (Enforcement Directorate) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए राजनीतिक परामर्श कंपनी I-PAC के सह-संस्थापक और निदेशक विनेश चंदेल (Vinesh Chandel) को मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गिरफ्तार कर लिया। यह मामला कथित कोयला घोटाले से जुड़ा है।

अधिकारियों के अनुसार, चंदेल को धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत दिल्ली में देर शाम हिरासत में लिया गया। उन्हें विशेष अदालत में पेश किया जाएगा, जहां ED उनसे पूछताछ के लिए रिमांड की मांग करेगी।

I-PAC और राजनीतिक कनेक्शन

I-PAC, जिसे प्रतीक जैन (Pratik Jain) ने स्थापित किया था, 2021 से तृणमूल कांग्रेस (TMC) और पश्चिम बंगाल सरकार को चुनावी रणनीति संबंधी सेवाएं दे रही है। इस गिरफ्तारी के बाद राज्य की राजनीति में हलचल तेज हो गई है।

छापेमारी और विवाद

प्रवर्तन निदेशालय ने 2 अप्रैल को इस मामले में दिल्ली, बेंगलुरु और मुंबई समेत कई स्थानों पर छापेमारी की थी। इनमें I-PAC के एक अन्य सह-संस्थापक रिषि राज सिंह, पूर्व AAP संचार प्रभारी विजय नायर के ठिकाने भी शामिल थे।

इससे पहले 8 जनवरी को प्रवर्तन निदेशालय ने कोलकाता स्थित I-PAC कार्यालय और प्रतीक जैन के आवास पर भी छापा मारा था। उस दौरान ममता बनर्जी के वहां पहुंचने और दस्तावेज अपने साथ ले जाने को लेकर विवाद खड़ा हो गया था। ED ने आरोप लगाया था कि उसके सर्च ऑपरेशन में बाधा डाली गई, जबकि TMC ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि एजेंसी चुनावी रणनीति से जुड़े दस्तावेज जब्त करना चाहती थी।

कोयला घोटाला और जांच

यह मामला सीबीआई CBI) की नवंबर 2020 की FIR से जुड़ा है, जिसमें पश्चिम बंगाल के आसनसोल क्षेत्र में Eastern Coalfields Limited की खदानों से जुड़े कथित कोयला चोरी घोटाले का जिक्र है। ED के अनुसार, इस घोटाले से जुड़े हवाला नेटवर्क के जरिए करोड़ों रुपये I-PAC की कंपनी इंडियन पीएसी कंसल्टिंग प्राइवेट लिमिटेड तक पहुंचाए गए।

सुप्रीम कोर्ट में मामला

ED ने इस मामले में राज्य सरकार द्वारा कथित हस्तक्षेप को सत्ता के दुरुपयोग का मामला बताते हुए सुप्रीम कोर्ट से CBI जांच की मांग की है। यह मामला फिलहाल कोर्ट में लंबित है।

गिरफ्तारी पर राजनीतिक प्रतिक्रिया

टीएमसी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने इस गिरफ्तारी के समय पर सवाल उठाते हुए इसे चुनाव प्रक्रिया के लिए चिंता का विषय बताया। उन्होंने कहा कि चुनाव से ठीक पहले इस तरह की कार्रवाई लेवल प्लेइंग फील्ड की अवधारणा को कमजोर करती है। उन्होंने केंद्र सरकार और एजेंसियों पर डबल स्टैंडर्ड अपनाने का आरोप लगाया और कहा कि इससे लोकतांत्रिक संस्थाओं पर लोगों का भरोसा कमजोर होता है। साथ ही उन्होंने अमित शाह और केंद्र सरकार को चुनौती देते हुए कहा कि बंगाल दबाव में नहीं झुकेगा।

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