
ओवैसी बोले ममता ने मुस्लिमों को 'वोट की गाय' समझा
'ममता ने ही बंगाल में बढ़ाई भाजपा की ताकत'; ओवैसी ने टीएमसी के 'बी टीम' वाले आरोपों पर किया पलटवार, 9 सीटों पर अकेले चुनाव लड़ेगी AIMIM।
West Bengal Elections : पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के बीच एआईएमआईएम (AIMIM) प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर अब तक का सबसे बड़ा हमला बोला है। एनडीटीवी को दिए एक विशेष साक्षात्कार में ओवैसी ने आरोप लगाया कि ममता बनर्जी ने मुस्लिमों के साथ 'यूज़ एंड थ्रो' यानी 'इस्तेमाल करो और फेंको' की नीति अपनाई है। उन्होंने टीएमसी पर निशाना साधते हुए कहा कि ममता बनर्जी ने मुस्लिमों को केवल 'दुधारू गाय और भैंस' की तरह समझा है, जिनका इस्तेमाल सिर्फ वोट के लिए किया जाता है और बाद में उन्हें दरकिनार कर दिया जाता है। ओवैसी ने ममता बनर्जी को बंगाल में भाजपा को मजबूत करने का जिम्मेदार ठहराते हुए उनके पुराने रिकॉर्ड पर भी सवाल उठाए।
ममता ने ही भाजपा को किया मजबूत: ओवैसी
अक्सर भाजपा की 'बी टीम' कहे जाने के आरोपों पर पलटवार करते हुए ओवैसी ने ऐतिहासिक तथ्यों का हवाला दिया। उन्होंने कहा, "ममता बनर्जी ही हैं जिन्होंने बंगाल में भाजपा की स्थिति को मजबूत किया है। 1977 में भाजपा के पास केवल चार विधायक थे।" उन्होंने याद दिलाया कि 1998 और 1999 में तृणमूल कांग्रेस ने ही भाजपा की पहली संसदीय जीत का रास्ता साफ किया था। ओवैसी ने तीखा सवाल किया कि जब पूरा देश गुजरात दंगों की आलोचना कर रहा था, तब ममता बनर्जी केंद्र सरकार में बिना विभाग की मंत्री के रूप में क्यों शामिल हुई थीं?
ओवैसी ने बंगाल के मुस्लिमों की स्थिति पर सवाल उठाते हुए पूछा कि मुख्यमंत्री ने उनके लिए आर्थिक क्षेत्र क्यों नहीं बनाए? उन्होंने आरोप लगाया कि टीएमसी मुसलमानों को केवल चुनावी संसाधन मानती है, उनके विकास के लिए कोई ठोस काम नहीं किया गया है।
हुमायूं कबीर से टूटा गठबंधन
हुमायूं कबीर के साथ अपने गठबंधन पर बात करते हुए ओवैसी के लहजे में कड़वाहट साफ दिखी। उन्होंने बताया कि अब उनका हुमायूं कबीर से कोई संबंध नहीं है। ओवैसी ने तंज कसते हुए कहा, "हुमायूं अब दावा कर रहे हैं कि वह तृणमूल के साथ खड़े हैं। उन्होंने मुझे 'लैला' जैसी स्थिति में छोड़ दिया है।"
गौरतलब है कि पिछले हफ्ते एक 'स्टिंग वीडियो' सामने आने के बाद ओवैसी ने 'आम जनता उन्नयन पार्टी' से गठबंधन तोड़ दिया था। इस वीडियो में हुमायूं कबीर कथित तौर पर भाजपा के वरिष्ठ नेताओं से अपने संबंधों की बात कर रहे थे। हालांकि, कबीर ने इस वीडियो को एआई द्वारा बनाया गया फर्जी वीडियो करार दिया था। इस धोखे के बाद ओवैसी ने स्पष्ट किया कि अब वे भविष्य में किसी भी पार्टी के साथ गठबंधन नहीं करेंगे और स्वतंत्र रूप से चुनाव लड़ेंगे।
बंगाल की 9 सीटों पर स्वतंत्र दावेदारी
एआईएमआईएम ने अब बंगाल की 9 सीटों पर अकेले चुनाव लड़ने का फैसला किया है। ये सीटें मुख्य रूप से मुस्लिम बहुल क्षेत्रों जैसे मालदा, मुर्शिदाबाद, बीरभूम और आसनसोल में स्थित हैं। पार्टी का उद्देश्य इन क्षेत्रों में अपनी पकड़ मजबूत करना है।
बता दें कि 2021 के विधानसभा चुनाव में ओवैसी की पार्टी ने 6 सीटों पर चुनाव लड़ा था, लेकिन उन्हें 5 प्रतिशत से भी कम वोट शेयर मिला था। इस बार ओवैसी 'अकेले चलो' की नीति पर काम कर रहे हैं। उनका यह कदम बंगाल की राजनीति में त्रिकोणीय संघर्ष की स्थिति पैदा कर सकता है, जिससे टीएमसी के पारंपरिक मुस्लिम वोट बैंक में सेंध लगने की संभावना जताई जा रही है।
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