
राहुल गांधी की केरल में महिला मुख्यमंत्री की ख्वाहिश, लेकिन आंकड़े क्यों नहीं दे रहे साथ?
केरल विधानसभा में महिलाओं की मौजूदगी लंबे समय से सीमित रही है। वर्तमान में 140 सदस्यों में केवल 12 महिला विधायक हैं,
केरल विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने राज्य में महिला मुख्यमंत्री बनने की इच्छा जताकर एक नई राजनीतिक बहस छेड़ दी है। हालांकि, जमीनी हकीकत और चुनावी आंकड़े इस दावे से अलग तस्वीर पेश कर रहे हैं।
कोट्टायम के पुत्तुपल्ली में चुनाव प्रचार के दौरान राहुल गांधी साइकिल यात्रा करते नजर आए। उनके साथ कांग्रेस विधायक और उम्मीदवार ओमान चांडीभी मौजूद थे। इसी दौरान एक जनसभा को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि कांग्रेस उस दिन का इंतजार कर रही है जब केरल में एक महिला मुख्यमंत्री बनेगी।
उन्होंने महिलाओं के सशक्तिकरण और उनके सपनों को पूरा करने की बात दोहराते हुए केरल की महिलाओं के सेवाभाव की भी सराहना की।
आंकड़े दिखाते हैं अलग तस्वीर
राहुल गांधी के बयान के बीच चुनावी आंकड़े महिलाओं की सीमित भागीदारी की ओर इशारा करते हैं। केरल की 140 विधानसभा सीटों पर कुल 457 उम्मीदवार मैदान में हैं, जिनमें सिर्फ 54 महिलाएं हैं—यानी करीब 10.5 प्रतिशत।
कांग्रेस ने 92 उम्मीदवारों में से केवल 9 महिलाओं को टिकट दिया है। वहीं, भाजपा ने 11 और एनडीए गठबंधन ने कुल 14 महिलाओं को मैदान में उतारा है। सत्ताधारी एलडीएफ ने 13 और विपक्षी यूडीएफ ने 12 महिला उम्मीदवारों को मौका दिया है।
कांग्रेस के भीतर भी उठे सवाल
महिलाओं को सीमित टिकट दिए जाने को लेकर कांग्रेस के भीतर भी असंतोष देखने को मिला। पार्टी प्रवक्ता शमा मोहम्मद ने इस मुद्दे पर सवाल उठाए और महिला प्रतिनिधित्व बढ़ाने की जरूरत बताई।
महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी बढ़ाने को लेकर कांग्रेस पहले भी प्रयास कर चुकी है। 2022 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में प्रियंका गांधी वाड्रा के नेतृत्व में “लड़की हूं, लड़ सकती हूं” अभियान चलाया गया था। हालांकि, बाद के चुनावों में यह रणनीति ज्यादा प्रभावी नहीं दिखी।
विधानसभा में भी कम प्रतिनिधित्व
केरल विधानसभा में महिलाओं की मौजूदगी लंबे समय से सीमित रही है। वर्तमान में 140 सदस्यों में केवल 12 महिला विधायक हैं, जबकि 2016–2021 के कार्यकाल में यह संख्या 8 थी। अब तक का सबसे अधिक आंकड़ा 1996–2001 के दौरान 14 महिला विधायकों का रहा है।
महिला वोटर ज्यादा, लेकिन सत्ता से दूरी
चुनाव आयोग के आंकड़ों के मुताबिक, केरल में 1.39 करोड़ महिला मतदाता हैं, जो पुरुष मतदाताओं (1.32 करोड़) से अधिक हैं। इसके बावजूद सत्ता की राजनीति में महिलाओं की हिस्सेदारी कम बनी हुई है।
राहुल गांधी का महिला मुख्यमंत्री वाला बयान एक मजबूत राजनीतिक संदेश जरूर देता है, लेकिन मौजूदा चुनावी समीकरण और उम्मीदवारों के आंकड़े बताते हैं कि यह लक्ष्य अभी दूर नजर आता है। फिलहाल, सबकी नजर चुनावी नतीजों और आने वाले राजनीतिक रुझानों पर टिकी है।

