
हुमायूं कबीर ‘स्टिंग’ विवाद पर अमित शाह बोले: 20 साल विपक्ष में बैठना मंजूर, लेकिन समझौता नहीं
स्टिंग वीडियो का मजाक उड़ाते हुए केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि हुमायूं कबीर और भाजपा का संबंध दक्षिण ध्रुव और उत्तर ध्रुव जैसा है।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार (10 अप्रैल) को वायरल ‘स्टिंग वीडियो’ विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि भाजपा “20 साल तक विपक्ष में बैठना पसंद करेगी”, लेकिन उन लोगों के साथ गठबंधन नहीं करेगी जो “पश्चिम बंगाल में बाबरी मस्जिद बनाने” की बात करते हैं। उनके ये बयान तृणमूल कांग्रेस (TMC) और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के बीच नए राजनीतिक विवाद के बीच आए हैं।
यह विवाद उस समय शुरू हुआ जब आम जनता उन्नयन पार्टी (AJUP) के प्रमुख हुमायूं कबीर से जुड़ा एक कथित वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। कबीर, जिन्हें 2025 में मुर्शिदाबाद में अयोध्या शैली की मस्जिद बनाने के प्रयास के चलते टीएमसी से निष्कासित कर दिया गया था, कथित तौर पर इस वीडियो में यह कहते सुने गए कि उनका भाजपा के वरिष्ठ नेताओं से संपर्क है और आगामी चुनाव में टीएमसी को हराने के लिए 1,000 करोड़ रुपये की डील हुई है।
पश्चिम बंगाल में 23 और 29 अप्रैल को दो चरणों में चुनाव होने हैं, जहां टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी चौथी बार सत्ता में वापसी की कोशिश कर रही हैं।
वीडियो की सच्चाई पर सवाल
वीडियो की सत्यता को खारिज करते हुए अमित शाह ने कहा,“आप ममता जी की क्षमताओं से परिचित नहीं होंगे; वे ऐसे 2,000 वीडियो बना सकती हैं। हुमायूं कबीर और भाजपा का रिश्ता दक्षिण ध्रुव और उत्तर ध्रुव जैसा है। हम कभी साथ नहीं आ सकते।”
यह वीडियो टीएमसी के आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल से साझा किया गया था।
पश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी ने इसे फर्जी बताते हुए कहा कि यह संभवतः एआई से तैयार किया गया वीडियो है, जिसका मकसद भाजपा की छवि खराब करना है।
वहीं, राज्य के पूर्व भाजपा अध्यक्ष दिलीप घोष ने कबीर का मजाक उड़ाते हुए कहा कि वे 1,000 करोड़ तो दूर, 100 करोड़ के भी लायक नहीं हैं।
राज्य भाजपा अध्यक्ष सुकांत मजूमदार ने इस विवाद को “सस्ती नाटकीयता” बताया और कहा कि आगामी चुनाव भाजपा और टीएमसी के बीच सीधा मुकाबला होगा, जिसमें कोई “प्रॉक्सी खिलाड़ी” नहीं होगा।
AIMIM ने तोड़ा साथ
हुमायूं कबीर ने भी आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि यह वीडियो एआई से बनाया गया है और यदि टीएमसी इसके सबूत नहीं देती है तो वह मानहानि का मामला दर्ज करेंगे।
उन्होंने कहा,“यह तृणमूल का मुझे बदनाम करने का प्रयास है, क्योंकि उसे मुस्लिम वोट खोने का डर है। इस तरह का फर्जी वीडियो बनाकर समुदाय का अपमान किया गया है।”
विवाद के बाद ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM), जिसने कबीर की पार्टी को समर्थन दिया था, ने शुक्रवार को यह घोषणा की कि वह इस गठबंधन को खत्म कर रही है। पार्टी ने कहा कि इस तरह के बयानों से मुस्लिम समुदाय की विश्वसनीयता पर सवाल उठते हैं, जिससे वह असहज है।

