India AI Impact Summit 2026 : देश की राजधानी दिल्ली में 'इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026' का आयोजन होने वाला है। इस वैश्विक आयोजन से पहले दिल्ली के लग्जरी होटलों में कमरों की कीमतें आसमान छू रही हैं। समिट के दौरान फाइव स्टार होटलों का किराया एक लाख रुपये प्रति रात के पार जा चुका है। यह महत्वपूर्ण शिखर सम्मेलन 16 से 20 फरवरी तक प्रगति मैदान के भारत मंडपम में चलेगा। इस समिट में दुनिया भर के दिग्गज टेक्नोलॉजी लीडर्स और सरकारी अधिकारी शिरकत करेंगे। विदेशी मेहमानों की भारी संख्या को देखते हुए दिल्ली के लगभग सभी होटल पहले ही बुक हो चुके हैं। कमरों की भारी कमी और बढ़ती डिमांड के कारण होटल मनमाना किराया वसूल रहे हैं। यह स्थिति न केवल सेंट्रल दिल्ली बल्कि पूरे एनसीआर (NCR) क्षेत्र में बनी हुई है। दिल्ली के लग्जरी होटलों में रुकना अब आम लोगों के लिए एक सपने जैसा हो गया है।
होटलों के किरायों में रिकॉर्ड तोड़ बढ़ोतरी
राजधानी के प्रमुख होटलों में कीमतों का अंतर चौंकाने वाला है। बुकिंग वेबसाइट्स के आंकड़े बताते हैं कि कीमतों में 10 से 20 गुना तक इजाफा हुआ है। दी ओबेरॉय होटल में 11 फरवरी को कमरा 67.7 हजार रुपये में मिल रहा है। लेकिन समिट के दौरान यहाँ सबसे सस्ते कमरे की कीमत 6.45 लाख रुपये हो गई है। इसी तरह ताज पैलेस में सामान्य दिनों का किराया 19.5 हजार रुपये रहता है। 16 फरवरी के बाद वहां कमरा एक लाख रुपये प्रति रात में मिल रहा है। हयात रीजेंसी में भी कमरों के दाम 17 हजार से बढ़कर 1.03 लाख रुपये हो गए हैं। होटलों की यह बढ़ती कीमतें पर्यटन उद्योग में चर्चा का विषय बनी हुई हैं।
विदेशी मेहमानों की संख्या ने बढ़ाया दबाव
समिट में भाग लेने वाले डेलिगेट्स की संख्या बहुत अधिक है। इंडियन एसोसिएशन ऑफ टूर ऑपरेटर्स के मुताबिक इसमें 35 हजार विदेशी मेहमान आएंगे। बड़ी संख्या में स्पीकर्स और शोधकर्ता भी दिल्ली पहुंच रहे हैं। होटलों पर बढ़ते दबाव के कारण यह आर्थिक उछाल देखा जा रहा है। रवि गोसाईं के अनुसार यह समिट भारत को वैश्विक पहचान दिलाएगा। हालांकि मेहमानों के ठहरने के लिए होटलों पर काफी दबाव बना हुआ है। मांग और आपूर्ति के बीच बड़े अंतर ने कीमतों को बेलगाम कर दिया है।
पर्यटन मंत्रालय की भूमिका पर उठे सवाल
टूर ऑपरेटर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष राजीव मेहरा ने इस स्थिति पर चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि बड़े आयोजनों के समय होटल मनमानी कीमतें वसूलते हैं। उनके अनुसार केवल होटल ही नहीं बल्कि एयरलाइंस भी ऐसा करती हैं। इसका मुख्य कारण पर्यटन मंत्रालय द्वारा कीमतों की सीमा तय न करना है। बिना किसी रेगुलेशन के पर्यटक और डेलिगेट्स लूट का शिकार हो रहे हैं। भविष्य में ऐसे आयोजनों के लिए ठोस नीति बनाने की जरूरत है। इससे देश की छवि पर भी नकारात्मक असर पड़ सकता है।
समिट का वैश्विक महत्व और बड़ी भागीदारी
आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार अब तक 35 हजार से अधिक रजिस्ट्रेशन हो चुके हैं। इस समिट में 100 से ज्यादा देशों के प्रतिनिधि शामिल होंगे। कार्यक्रम में 15 से 20 देशों के शासनाध्यक्षों के आने की उम्मीद है। इसके अलावा 50 से अधिक विदेशी मंत्री और 40 वैश्विक कंपनियां हिस्सा लेंगी। लगभग 500 प्रमुख तकनीकी विशेषज्ञ और शोधकर्ता भी अपने विचार साझा करेंगे। इतनी बड़ी भागीदारी के कारण दिल्ली के सुरक्षा और बुनियादी ढांचे को भी चाक-चौबंद किया गया है। भारत मंडपम इस समय दुनिया के सबसे बड़े एआई विमर्श का केंद्र बनने जा रहा है।