
₹10 लाख तक कैश लेन-देन पर अब PAN जरूरी नहीं,1 अप्रैल से लागू होंगे इनकम टैक्स के नए नियम
'नए इनकम टैक्स एक्ट, 2025' के ड्राफ्ट नियमों में पैन कार्ड की अनिवार्यता से जुड़े बदलाव किए गए हैं। इसका मकसद छोटे ट्रांजेक्शन पर कागजी कार्रवाई कम करना है।
केंद्र सरकार नए इनकम टैक्स एक्ट के तहत पैन कार्ड से जुड़े नियमों में बड़े बदलाव करने जा रही है। प्रस्तावित नियमों का मकसद एक तरफ टैक्स निगरानी को मजबूत करना है, तो दूसरी तरफ छोटे कारोबारियों और आम करदाताओं को अनावश्यक अनुपालना से राहत देना है। कैश लेन-देन, होटल बिल, प्रॉपर्टी, वाहन खरीद, इंश्योरेंस और क्रिप्टो से जुड़े नियमों में अहम बदलाव प्रस्तावित किए गए हैं।
सालाना कैश ट्रांजेक्शन पर मिलेगी राहत
प्रस्ताव के मुताबिक, अब एक वित्तीय वर्ष में ₹10 लाख या उससे अधिक कैश जमा या निकासी पर ही पैन नंबर देना अनिवार्य होगा। मौजूदा व्यवस्था में बैंक या को-ऑपरेटिव बैंक में एक दिन में ₹50,000 से ज्यादा कैश जमा करने पर पैन देना पड़ता है। सरकार के इस कदम से छोटे व्यापारी, दुकानदार और आम खाताधारकों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
होटल, इवेंट और प्रॉपर्टी डील में बदली पैन की सीमा
होटल में ठहरने या अन्य सेवाओं के लिए पैन देने की सीमा को ₹50,000 से बढ़ाकर ₹1 लाख करने का प्रस्ताव है। यानी ₹1 लाख से कम के होटल बिल पर अब पैन की जरूरत नहीं होगी। यही नियम कन्वेंशन सेंटर और इवेंट मैनेजमेंट से जुड़े भुगतानों पर भी लागू होगा।
वहीं, प्रॉपर्टी की खरीद-बिक्री या गिफ्ट के मामलों में पैन की सीमा को ₹10 लाख से बढ़ाकर ₹20 लाख करने का प्रस्ताव रखा गया है।
महंगी बाइक और गाड़ियों पर पैन अनिवार्य
नए प्रस्ताव के तहत अगर कोई व्यक्ति ₹5 लाख से ज्यादा कीमत की मोटरसाइकिल या कोई भी मोटर व्हीकल खरीदता है, तो उसे पैन नंबर देना होगा। अभी तक टू-व्हीलर खरीदने पर पैन जरूरी नहीं था, जबकि चार पहिया वाहन की कीमत चाहे जितनी भी हो, पैन देना अनिवार्य था। नए नियमों में ₹5 लाख तक की गाड़ियों को इस दायरे से बाहर रखने की तैयारी है।
इंश्योरेंस में ‘अकाउंट-बेस्ड रिलेशनशिप’ होगी अनिवार्य
प्रस्तावित नियमों के अनुसार, किसी भी इंश्योरेंस कंपनी के साथ अकाउंट-बेस्ड रिलेशनशिप शुरू करने के लिए पैन देना अनिवार्य होगा। अब तक केवल ₹50,000 से ज्यादा के लाइफ इंश्योरेंस प्रीमियम पर ही पैन मांगा जाता था। अकाउंट-बेस्ड रिलेशनशिप का मतलब है कि पॉलिसी लेते समय ग्राहक का एक स्थायी प्रोफाइल या खाता तैयार किया जाएगा, ठीक बैंकिंग सिस्टम की तरह।
क्रिप्टो एक्सचेंज पर बढ़ेगी निगरानी
क्रिप्टोकरेंसी से जुड़े लेन-देन पर भी सरकार की नजर सख्त होने जा रही है। प्रस्ताव के मुताबिक, क्रिप्टो एक्सचेंजों को अब इनकम टैक्स विभाग के साथ ट्रांजेक्शन से जुड़ी जानकारी साझा करना अनिवार्य होगा। डिजिटल करेंसी को इलेक्ट्रॉनिक पेमेंट के रूप में मान्यता दी गई है।
कब से लागू होंगे नए नियम?
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा बजट 2026 में किए गए ऐलान के बाद केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT) ने इन प्रस्तावित नियमों पर जनता और संबंधित स्टेकहोल्डर्स से सुझाव मांगे हैं। मार्च के पहले सप्ताह तक नियमों को अंतिम रूप दिए जाने की संभावना है। इसके बाद 1 अप्रैल 2026 से नया इनकम टैक्स एक्ट और ये सभी बदलाव पूरे देश में लागू हो जाएंगे।

