भारत में 10 साल में 11 एयरलाइंस बाजार से बाहर, सरकार ने आर्थिक दबाव और विमानों की कमी को बताया वजह
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केंद्र सरकार के राज्यसभा में दिए बयान में एविएशन सेक्टर में हो रहे एकीकरण की ओर इशारा किया गया

भारत में 10 साल में 11 एयरलाइंस बाजार से बाहर, सरकार ने आर्थिक दबाव और विमानों की कमी को बताया वजह

एयर एशिया इंडिया (अब AIX Connect) का एयर इंडिया एक्सप्रेस में विलय हो चुका है, जबकि विस्तारा को एयर इंडिया में समाहित कर लिया गया है।


पिछले एक दशक में भारत के एविएशन बाजार से 11 एयरलाइंस बाहर हो चुकी हैं। सरकार ने सोमवार को संसद में यह जानकारी देते हुए कहा कि इसके पीछे मुख्य कारण आर्थिक दबाव, विमानों की कमी और आंतरिक समस्याएं हैं।

नागरिक उड्डयन राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल ने राज्यसभा में लिखित जवाब में बताया कि यह क्षेत्र डीरिगुलेटेड है और एयरलाइंस व्यावसायिक आधार पर संचालित होती हैं, जबकि सरकार उद्योग में संतुलन बनाए रखने पर ध्यान दे रही है।

उन्होंने कहा,"2016 के बाद से कुल 11 एयरलाइंस वित्तीय संकट, विमान उपलब्ध न होने और अन्य आंतरिक कारणों से बाजार से बाहर हो गई हैं। इसके अलावा AirAsia (India) Pvt. Ltd. (अब AIX Connect Pvt. Ltd.) का विलय Air India Express Ltd. में हो गया है और Tata SIA Airlines Ltd. (Vistara) का विलय Air India Ltd. में कर दिया गया है।"

सरकार ने बंद हो चुकी एयरलाइंस के नामों का विवरण नहीं दिया, लेकिन बयान में एविएशन सेक्टर में हो रहे एकीकरण (consolidation) की ओर इशारा किया गया।

बकाया राशि का मामला

मोहोल ने बंद हो चुकी एयरलाइंस से जुड़े बकाया पर भी जानकारी दी।

उन्होंने कहा, "किंगफिशर एयरलाइंस पर एयरपोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (AAI) का 380.51 करोड़ रुपये बकाया है और यह दावा बेंगलुरु में आधिकारिक लिक्विडेटर के पास दायर किया गया है।"

किंगफिशर एयरलाइंस ने 2012 में अपना संचालन बंद कर दिया था। उन्होंने आगे बताया कि TruJet पर AAI का 0.03 करोड़ रुपये बकाया है, जबकि Jet Airways और Go First पर कोई बकाया नहीं है।

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