
हवाई ईंधन के दामों में उछाल से महंगा हुआ हवाई सफर, ईरान युद्ध लंबा खींचा तो और कटेगी जेब
कच्चे तेल की कीमतों में उछाल जारी रही तो एटीएफ और महंगा होगा जिसके चलते हवाई किराये में और बढ़ोतरी देखी जा सकती है.
अमेरिका इजरायल के ईरान पर हमले के चलते क्रूड ऑयल की कीमतें आसमान पर जा पहुंची है. कच्चे तेल के महंगे होने के चलते हवाई ईंधन महंगा होता जा रहा है. ऐसे में लागत बढ़ने के चलते एयरलाइंस ने घरेलू हो या फिर इंटरनेशनल दोनों ही रूट्स के उड़ानों के फ्यूल सरचार्ज में बढ़ोतरी कर दी है. दरअसल एयरलाइंस के ऑपरेशन कॉस्ट है 40 फीसदी खर्च हवाई ईंधन के मद में जाता है जो कि लगातार महंगा हो रहा है. ATF के महंगे होने के चलते ही एयरलाइंस हवाई किरायों में फ्यूल सरचार्ज बढ़ाने के दाम पर महंगा कर रहे हैं.
महंगा हुआ हवाई सफर
ईरान युद्ध के चलते इंटरनेशनल रूट्स पर बढ़े हवाई किरायों पर नजर डालें तो 16 मार्च के लिए अबू धाबी से दिल्ली का किराया 33000 से 53000 रुपये के बीच है. जबकि दिल्ली से अबू धाबी या दुबई का किराया 17000 से लेकर 61,000 रुपये प्रति व्यक्ति है. सामान्य दिनों में दिल्ली से लंदन का किराया 32000 से 40000 रुपये तक पड़ता है. लेकिन ईरान युद्ध के बाद हवाई किरायों में जोरदार उछाल देखने को मिला है. 16 मार्च के लिए दिल्ली से लंदन का हवाई किराया 44000 रुपये से लेकर 2.96 लाख रुपये तक में मिल रहा है. जबकि 23 मार्च की तारीख की बुकिंग कराने पर 63000 रुपये से लेकर 2.23 लाख रुपये देने होंगे. 18 मार्च को दिल्ली से स्विट्जरलैंड के ज्यूरिख का किराया इकोनॉमी क्लास के लिए 1.51 लाख और बिजनेस क्लास के लिए 4.67 लाख रुपये किराया देना होगा. स्टिक ट्रेवल के चेयरमैन सुभाष गोयल ने द फेडरल देश को बताया कि, कच्चे तेल के दामों में बढ़ोतरी जारी रही तो एटीएफ महंगा होगा जिससे एयर फेयर बढ़ सकता है.
एयरलाइंस ने बढ़ाया फ्यूल सरचार्ज
बहरहाल कच्चे तेल की कीमतों में उछाल जारी रही तो एटीएफ और महंगा होगा जिसके चलते हवाई किराये में और बढ़ोतरी देखी जा सकती है. इससे पहले एयर इंडिया ने 12 मार्च से फ्यूल सरचार्ज बढ़ा दिया था और इस बढ़ोतरी को तीन चरणों में लागू किया जा रहा है. पहले फेज में भारत और SAARC देशों के रूट पर एयरलाइंस ने 399 रुपये फ्यूल सरचार्ज लगाने का फैसला किया है. वेस्ट एशिया - मिडिल ईस्ट के लिए 10 डॉलर प्रति टिकट जबकि दक्षिण-पूर्व एशिया देशों के लिए जहां पहले 40 डॉलर फ्यूल सरचार्ज था उसे बढ़ाकर 60 डॉलर कर दिया गया है. जबकि अफ्रीका देशों के उड़ान के लिए 60 डॉलर की जगह 90 डॉलर फ्यूल सरचार्ज देना होगा.
दूसरे फेज में 18 मार्च से यूरोप के लिए फ्यूल सरचार्ज को 100 डॉलर से बढ़ाकर 125 डॉलर, नॉर्थ अमेरिका के लिए 150 डॉलर की जगह 200 डॉलर और ऑस्ट्रेलिया के लिए भी 150 डॉलर की 200 डॉलर फ्यूल सरचार्ज देना होगा. तीसरे फेज में एयर इंडिया हॉन्गकॉन्ग, जापान, दक्षिण कोरिया के लिए फ्यूल सरचार्ज की घोषणा करेगी.
IndiGo ने भी बढ़ाया फ्यूल सरचार्ज
एयर इंडिया के बाद IndiGo ने भी 14 मार्च से घरेलू और अंतरराष्ट्रीय दोनों रूट्स पर फ्यूल सरचार्ज बढ़ा दिया है. पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के कारण वैश्विक कच्चे तेल की कीमतें बढ़ गई हैं, जिसके चलते किराए में बढ़ोतरी की जा रही है.
एयरलाइन ने एक बयान में कहा, “मिडिल ईस्ट में जारी भू-राजनीतिक हालात के कारण ईंधन की कीमतों में तेज उछाल आया है. IATA के जेट फ्यूल मॉनिटर के मुताबिक इस क्षेत्र में ईंधन की कीमतों में 85% से अधिक की वृद्धि हुई है.” एयरलाइंस के ऑपरेशन में आने वाले खर्च में 40 फीसदी हिस्सा केवल एटीएफ का है.
ईरान युद्ध लंबा खींचा तो...
इंडिगो घरेलू और भारतीय उपमहाद्वीप के भीतर उड़ानों के लिए 425 रुपये का फ्यूल सरचार्ज वसूलेगी. मिडिल ईस्ट के लिए 900 रुपये, दक्षिण-पूर्व एशिया, चीन और अफ्रीका के लिए 1,800 रुपये और यूरोप के लिए 2,300 रुपये अतिरिक्त फ्यूल सरचार्ज के तौर पर वसूले जायेंगे. एयरलाइन ने कहा कि एविएशन टर्बाइन फ्यूल एयरलाइंस के खर्च का बड़ा हिस्सा होता है और तेल की कीमतों में अचानक बढ़ोतरी का सभी एयरलाइंस के खर्च और नेटवर्क पर सीधा असर पड़ेगा. एयर इंडिया और इंडिगो के बाद अकासा एयर ने भी फ्यूल सरचार्ज बढ़ाने का निर्णय किया है. जाहिर है अगर अमेरिका इजरायल और ईरान के बीच युद्ध खींचा को इसका खामियाजा हवाई यात्रयों को उठाना पड़ सकता है.

