बोइंग 787 के फ्यूल स्विच में फिर खराबी की आशंका, एयर इंडिया में हड़कंप, एहितायतन ग्राउंड किया विमान
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एयर इंडिया ने कहा है कि इस घटना की जानकारी DGCA को दे दी गई है। (फाइल फोटो)

बोइंग 787 के फ्यूल स्विच में फिर खराबी की आशंका, एयर इंडिया में हड़कंप, एहितायतन ग्राउंड किया विमान

यह घटना जून 2025 में अहमदाबाद से लंदन जा रही फ्लाइट AI-171 के हादसे की याद दिलाती है, जिसमें 260 लोगों की मौत हुई थी।


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सोमवार को एयर इंडिया में तब हड़कंप मच गया, जब एक पायलट ने बोइंग 787-8 ड्रीमलाइनर के फ्यूल कंट्रोल स्विच में संभावित खराबी की आशंका जताई। इस मामले की सूचना DGCA को दी गई। एयर इंडिया ने फौरन हरकत में आते हुए ड्रीमलाइनर को ग्राउंड कर दिया।

यह विमान लंदन से बेंगलुरु तक फ्लाइट AI-132 का संचालन कर रहा था और सोमवार सुबह बेंगलुरु में सुरक्षित उतर गया। इस घटना के बाद बोइंग 787 का फ्यूल सिस्टम एक बार फिर से सवालों के घेरे में आ गया है।

इस घटना के सिलसिले में एयर इंडिया के एक बयान में कहा गया, “प्रारंभिक जानकारी मिलने के बाद हमने संबंधित विमान को ग्राउंड कर दिया है और पायलट की चिंताओं की प्राथमिकता के आधार पर जांच के लिए OEM (मूल उपकरण निर्माता) को शामिल किया गया है। इस मामले की जानकारी विमानन नियामक DGCA को दे दी गई है। DGCA के निर्देश के बाद एयर इंडिया ने अपने बेड़े में शामिल सभी बोइंग 787 विमानों के फ्यूल कंट्रोल स्विच की जांच की थी और उस दौरान कोई समस्या नहीं पाई गई थी।”

एयरलाइन ने यह भी कहा कि यात्रियों की सुरक्षा उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है।

अहमदाबाद हादसे से जुड़ी चिंताएं फिर सामने

यह घटना इसलिए अहम मानी जा रही है क्योंकि पिछले साल जून में दुर्घटनाग्रस्त हुए एयर इंडिया के ड्रीमलाइनर विमान के फ्यूल कंट्रोल स्विच के कामकाज को लेकर पहले से ही कुछ हलकों में सवाल उठते रहे हैं।

The Federal इस विषय पर पहले भी कई खोजी रिपोर्टें प्रकाशित कर चुका है।

भारत के सबसे भयावह विमान हादसों में से एक में, 12 जून 2025 को अहमदाबाद से उड़ान भरने के तुरंत बाद लंदन गैटविक जा रहा एयर इंडिया का बोइंग 787-8 विमान (फ्लाइट AI-171) दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। इस हादसे में 241 यात्रियों सहित कुल 260 लोगों की मौत हो गई थी। इस दुर्घटना की जांच एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) कर रहा है।

क्या कहती है शुरुआती रिपोर्ट

पिछले साल 12 जुलाई को जारी अपनी शुरुआती जांच रिपोर्ट में AAIB ने कहा था कि उड़ान भरने के तुरंत बाद, एक सेकंड के अंतराल में विमान के दोनों इंजनों की ईंधन आपूर्ति बंद हो गई, जिससे कॉकपिट में भ्रम की स्थिति पैदा हो गई।

रिपोर्ट में कहा गया,“कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डिंग में एक पायलट दूसरे से पूछता हुआ सुना गया कि उसने फ्यूल क्यों काटा। इस पर दूसरे पायलट ने जवाब दिया कि उसने ऐसा नहीं किया।”

DGCA का निर्देश

DGCA ने 14 जुलाई 2025 को एक निर्देश जारी किया था, जिसमें सभी एयरलाइनों को बोइंग 787 और बोइंग 737 विमानों के फ्यूल कंट्रोल स्विच के लॉकिंग मैकेनिज़्म की जांच करने को कहा गया था।

यह जांच 21 जुलाई तक पूरी करना अनिवार्य किया गया था, क्योंकि दुर्घटना रिपोर्ट में आशंका जताई गई थी कि टेकऑफ के तुरंत बाद विमान के फ्यूल स्विच कट-ऑफ स्थिति में चले गए थे।

एयर इंडिया की कार्रवाई

एयर इंडिया ने नियामक की तय समय-सीमा से पहले ही 12 जुलाई को स्वेच्छा से फ्यूल कंट्रोल स्विच की जांच शुरू कर दी थी।

एयरलाइन ने 22 जुलाई तक अपने सभी बोइंग 787 और बोइंग 737 विमानों की जांच पूरी कर ली थी। एयर इंडिया ने बताया कि इन जांचों के दौरान फ्यूल कंट्रोल स्विच के लॉकिंग मैकेनिज़्म में कोई खामी नहीं पाई गई और DGCA के निर्देशों के पालन की जानकारी बाद में नियामक को दे दी गई थी।

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