
'भारत टैक्सी' अमूल शैली जैसा मॉडल, अमित शाह बोले-ड्राइवरों को मालिक बनाने वाली योजना
केंद्रीय सहकारिता मंत्री अमित शाह ने बताया कि ड्राइवरों को मुनाफे का 80 प्रतिशत हिस्सा मिलेगा और वे सह-मालिक बन सकेंगे। इस पहल का उद्देश्य ड्राइवरों की आय की सुरक्षा करना और उन्हें कारोबार में हिस्सेदारी देना है।
ओला-उबर की टक्कर में लॉन्च की गई 'भारत टैक्सी' को लेकर सोमवार को केंद्रीय सहकारिता मंत्री अमित शाह ने दिल्ली-एनसीआर और गुजरात के कैब और ऑटो चालकों के साथ टाउन हॉल बैठक की। 'भारत टैक्सी' यह एक सहकारी राइड-हेलिंग प्लेटफॉर्म है, जो ड्राइवरों को मुनाफे में हिस्सेदारी और सेवा में स्वामित्व का अधिकार देने का वादा करता है।
टाउन हॉल बैठक में अमित शाह ने कहा कि यह प्लेटफॉर्म यात्रा किए गए किलोमीटर के आधार पर 80 प्रतिशत मुनाफा ड्राइवरों में बांटेगा, जबकि शेष 20 प्रतिशत सहकारी पूंजी निर्माण के लिए रखा जाएगा।
शाह ने बातचीत के दौरान कहा, “मैंने मौजूदा कंपनियों से पूछा कि क्या उन्होंने ड्राइवरों के लिए न्यूनतम आधार किराया तय किया है? उन्होंने कहा, नहीं। हम यह सुनिश्चित करेंगे कि आपकी न्यूनतम आय सुरक्षित रहे। उससे अधिक जो भी कमाई होगी, उसका लाभ भी आपको मिलना चाहिए।”
अमूल शैली का मॉडल
सहकारिता मंत्री अमित शाह ने भारत टैक्सी की संरचना की तुलना अमूल डेयरी सहकारी मॉडल से की और इसे श्रमिक-स्वामित्व वाले सफल व्यवसाय का उदाहरण बताया। उन्होंने कहा, “करीब 36 लाख महिलाओं ने मात्र ₹50-₹50 का निवेश करके अमूल को ₹1.25 लाख करोड़ का संगठन बनाया। निजी कंपनियों में मुनाफा मालिकों को जाता है, जबकि अमूल में अधिकांश मुनाफा उत्पादकों को लौटता है। भारत टैक्सी भी मोबिलिटी सेक्टर में इसी विचार का अनुसरण करती है।”
उन्होंने बताया कि ड्राइवर ₹500 का शेयर खरीदकर सह-मालिक बन सकते हैं। सदस्यता बढ़ने के साथ ड्राइवरों को सहकारी संस्था के निदेशक मंडल में प्रतिनिधित्व भी मिलेगा। शाह ने कहा, “अगर कोई निर्णय ड्राइवरों के खिलाफ जाता है, तो आपका प्रतिनिधि सवाल उठाएगा और आपके हितों की रक्षा करेगा।”
विस्तार योजना और शुरुआत
शाह ने कहा कि अगले दो वर्षों में 15 करोड़ तक ड्राइवरों को जोड़ने और तीन वर्षों में सभी नगर निगम वाले शहरों तक विस्तार करने का लक्ष्य है। फिलहाल भारत टैक्सी दिल्ली-एनसीआर और राजकोट में संचालित हो रही है। उन्होंने बताया कि मुनाफा-वितरण प्रणाली को पूरी तरह स्थिर होने में करीब तीन साल लग सकते हैं और शुरुआती दौर में ड्राइवरों से धैर्य रखने की अपील की।
8 प्रमुख सहकारी संगठनों के समर्थन से 5 फरवरी को लॉन्च हुई भारत टैक्सी ने आधिकारिक शुरुआत से पहले दो महीने का पायलट प्रोजेक्ट पूरा किया। यह सेवा देशभर में विस्तार की योजना बना रही है और ओला, उबर तथा रैपिडो जैसे बड़े एग्रीगेटर्स से प्रतिस्पर्धा करने का लक्ष्य रखती है। मौजूदा प्लेटफॉर्म जहां ड्राइवरों से 25–30 प्रतिशत तक कमीशन लेते हैं, वहीं भारत टैक्सी फिलहाल कोई कमीशन नहीं काटती और खुद को ड्राइवर-स्वामित्व व मुनाफा-साझेदारी पर आधारित सहकारी विकल्प के रूप में पेश कर रही है।

