
भारत के लिए ईरान ने खोल दिया स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज! क्या खत्म हो जाएगा तेल और गैस का संकट
ईरान ने भारत को इस रास्ते से गुजरने की इजाजत दी है, जिससे थोड़ी राहत मिली है. लेकिन यह छूट कुछ शर्तों के साथ है.
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा है कि स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज पूरी तरह बंद नहीं है, और ये केवल कुछ देशों के लिए ही खुला है जिसमें भारत, चीन, रूस, इराक और पाकिस्तान शामिल है. ईरान के मुताबिक, इन देशों के जहाजों को यहां से गुजरने की इजाजत दी गई है. हालांकि अराघची ने साफ कहा कि “यह रास्ता दुश्मनों के लिए बंद है.
अब्बास अराघची ने कहा कि, हमनें अपने फ्रेंडली देश जिसमें चीन, रूस, भारत, ईराक और पाकिस्तान शामिल है उन्हें स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज के रास्ते गुजरने की इजाजत दे दी है. दरअसल स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज के बंद होने के चलते भारत जैसे देश जो अपने तेल और गैस के खपत के लिए इस समुद्री मार्ग पर निर्भर हैं उनके सामने संकट खड़ा हो गया है. तेल और गैस की सप्लाई बाधित होने से इन देशों के नागरिकों को समस्या हो रही है. वहीं इस रास्ते के बंद होने के चलते क्रूड ऑयल की कीमतें तेजी से बढ़ रही है और अभी भी कच्चा तेल 105 डॉलर प्रति बैरल के करीब कारोबार कर रहा है क्योंकि सप्लाई में कमी आ गई है. डीजल, पेट्रोल और जेट फ्यूल जैसे ईंधन महंगे होने लगे हैं. एशियाई देशों पर इसका ज्यादा असर पड़ा है, क्योंकि वे खाड़ी के तेल पर निर्भर हैं.
संयुक्त राष्ट्र के प्रमुख एंतोनियो गुटेरेस ने कहा है कि इस रास्ते के बंद रहने से दुनिया की सप्लाई पर असर पड़ रहा है. उन्होंने तुरंत शांति की अपील की है और कहा कि युद्ध खत्म होना चाहिए.
भारत के लिए क्या मतलब है?
ईरान ने भारत को इस रास्ते से गुजरने की इजाजत दी है, जिससे थोड़ी राहत मिली है. लेकिन यह छूट कुछ शर्तों के साथ है. ईरान ने साफ किया है कि सिर्फ “गैर-शत्रुतापूर्ण” जहाज ही जा सकेंगे. इन देशों के जहाजों को ईरान के नियम मानने होंगे. स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज से गुजरने के लिए पहले से अनुमति और समन्वय जरूरी होगा. स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज दुनिया के सबसे अहम तेल मार्गों में से एक है. भारत को फिलहाल राहत जरूर मिली है, लेकिन स्थिति अभी भी अनिश्चितता बनी हुई है.

