
शेयर बाजार में हाहाकार: सेंसेक्स 1200 अंक लुढ़का, निवेशकों के डूबे अरबों, जानें गिरावट के 5 बड़े कारण
मंगलवार को भारतीय शेयर बाजार में बड़ी गिरावट दर्ज की गई, जहां सेंसेक्स 1,221 अंक और निफ्टी 337 अंक गिर गए। बाजार में चौतरफा बिकवाली के बीच निवेशकों ने भारी नुकसान झेलना पड़ा।
Stock Market Crash: भारतीय शेयर बाजार के लिए मंगलवार का दिन 'ब्लैक ट्यूजडे' साबित हुआ। सप्ताह के दूसरे कारोबारी दिन बाजार में जबरदस्त बिकवाली देखने को मिली, जिससे सेंसेक्स और निफ्टी दोनों ही धराशायी हो गए। दोपहर के कारोबार तक सेंसेक्स करीब 1.5 प्रतिशत यानी 1,221 अंक गिरकर 82,072 के स्तर पर आ गया, वहीं निफ्टी भी 337 अंक फिसलकर 25,375 के करीब पहुंच गया।
बाजार में इस गिरावट की सबसे बड़ी गाज IT सेक्टर पर गिरी है। इसके अलावा रियल्टी, ऑटो और मिडकैप शेयरों में भी जमकर बिकवाली हुई। बाजार का हाल इतना बुरा था कि करीब 2800 से ज्यादा शेयर गिरावट के साथ लाल निशान में कारोबार कर रहे थे।
बाजार गिरने के 5 प्रमुख कारण
1. IT शेयरों में भारी बिकवाली (AI का डर)
बाजार में गिरावट की सबसे मुख्य वजह IT सेक्टर में मची भगदड़ है। ग्लोबल स्तर पर चर्चा है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पारंपरिक सॉफ्टवेयर सेक्टर को नुकसान पहुंचा सकता है। एंथ्रोपिक (Anthropic) के 'क्लाउड कोड' टूल्स के दावों के बाद निवेशकों को डर है कि पुराने सॉफ्टवेयर सिस्टम को अपडेट करने की लागत कम होगी, जिससे बड़ी IT कंपनियों के मुनाफे पर असर पड़ सकता है। इन्फोसिस और HCL टेक जैसे दिग्गज शेयर 4% तक टूट गए।
2. डोनाल्ड ट्रंप की चेतावनी और ग्लोबल संकेत
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के हालिया बयानों ने वैश्विक बाजारों में हलचल मचा दी है। ट्रंप ने उन देशों को चेतावनी दी है जो नए व्यापार समझौतों से पीछे हट रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट द्वारा इमरजेंसी टैरिफ को रद्द किए जाने के बाद ट्रंप ने कहा कि अन्य कानूनों के तहत ड्यूटी बढ़ाई जा सकती है। इस व्यापार युद्ध की आशंका से अमेरिकी बाजार 2% गिरकर बंद हुए, जिसका असर भारत पर भी दिखा।
3. कच्चे तेल की कीमतों में उछाल
वैश्विक बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड 1% की तेजी के साथ 72.13 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। भारत अपनी जरूरत का ज्यादातर तेल आयात करता है, इसलिए कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी से व्यापार घाटा बढ़ने और महंगाई बढ़ने का डर रहता है, जो निवेशकों के सेंटीमेंट को बिगाड़ देता है।
4. रुपये की कमजोरी
अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया 7 पैसे गिरकर 90.96 के स्तर पर आ गया। डॉलर की मजबूती और कच्चे तेल के बढ़ते दाम ने रुपये पर दबाव बनाया। जब रुपया कमजोर होता है, तो विदेशी निवेशकों (FIIs) के लिए भारतीय बाजार से मुनाफा निकालना महंगा हो जाता है।
5. निफ्टी की वीकली एक्सपायरी
मंगलवार को निफ्टी डेरिवेटिव्स कॉन्ट्रैक्ट्स की साप्ताहिक एक्सपायरी भी थी। एक्सपायरी के दिन ट्रेडर्स अपनी पुरानी पोजीशन को खत्म करते हैं या आगे बढ़ाते हैं, जिससे बाजार में उतार-चढ़ाव (Volatility) काफी बढ़ जाता है। आज की भारी बिकवाली में एक्सपायरी के प्रेशर ने आग में घी का काम किया।
दिग्गज शेयरों का हाल- बेहाल
गिरावट के इस दौर में HCL टेक, ईटरनल (ETERNAL) और इन्फोसिस सबसे ज्यादा गिरने वाले शेयरों में शामिल रहे। दूसरी ओर, पावर ग्रिड और एशियन पेंट्स जैसे कुछ ही शेयर थे जो मामूली बढ़त के साथ हरे निशान में टिके रह सके। विशेषज्ञों का मानना है कि निफ्टी के लिए 25,300 का स्तर बेहद महत्वपूर्ण है। अगर बाजार इसके नीचे फिसलता है, तो आने वाले दिनों में और गिरावट देखी जा सकती है। फिलहाल निवेशकों को संभलकर रहने की सलाह दी जा रही है।

