
Operation Sindoor के बाद 15.27% बढ़ गया डिफेंस बजट, 7.85 लाख करोड़ किया गया प्रावधान
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने FY27 के लिए जो बजट पेश किया उसमें रक्षा बजट के लिए 784678.28 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है. जिसमें रेवेन्यू एक्सपेंडिचर 553668.56 करोड़ रुपये है.
वित्त वर्ष 2026-27 में रक्षा बजट के लिए 7.85 लाख करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है जो कि पिछले वित्त वर्ष 2025-26 के मुकाबले 6.81 लाख करोड़ रुपये रहा था. नए वित्त वर्ष के लिए रक्षा बजट में 1.04 लाख करोड़ रुपये की बढ़ोतरी की गई है. यानी डिफेंस सेक्टर के बजट में 15.27 फीसदी का इजाफा किया गया है. जबकि पिछले वर्ष केवल 9.5 फीसदी रक्षा बजट में बढ़ोतरी की गई थी.
डिफेंस फोर्सेज के लिए सरकार ने खोला खजाना
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने FY27 के लिए जो बजट पेश किया उसमें रक्षा बजट के लिए 784678.28 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है. जिसमें रेवेन्यू एक्सपेंडिचर 553668.56 करोड़ रुपये है. जबकि ऑर्म्ड फोर्सेज के लिए नए हथियार और इक्विपमेंट खरीदने के लिए 231009.72 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है. 2025-26 में डिफेंस सर्विसेज के कैपिटल एक्सपेंडिचर के लिए 1.80 लाख करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया था. यानी नए वित्त वर्ष में 39,000 करोड़ रुपये ज्यादा कैपिटल एक्सपेंडिचर के लिए प्रावधान किया गया है. डिफेंस सर्विसेज (रेवेन्यू) के लिए 365478.98 करोड़ रुपये और डिफेंस में पेंशन के लिए 171338.22 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है. जबकि मिनिस्ट्री ऑफ डिफेंस (सिविल) के लिए 28554 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं.
राजनाथ सिंह बोले, देश की रक्षा में आएगी मजबूती
डिफेंस बजट के आवंटन में बढ़ोतरी पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का धन्यवाद देते हुए कहा,इस बजट में रक्षा क्षेत्र के लिए 7.85 लाख करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है जिसके लिए मैं पीएम मोदी का धन्यवाद देता हूं. ऑपरेशन सिंदूर की ऐतिहासिक सफलता के बाद इस बजट ने देश की रक्षा को और सुदृद्ध बनाने के लिए हमारे संकल्प को मजबूत किया है. रक्षा बजट के लिए आवंटन पिछले बजट की तुलना में 15 फीसदी से ज्यादा है और इस बार केंद्रीय बजट का सबसे बड़ा हिस्सा रक्षा मंत्रालय को मिला है.
सेनाओं का होगा आधुनिकरण
रक्षा क्षेत्र में कैपिटल एक्सपेंडिटर में बढ़ोतरी पर रक्षा मंत्री ने कहा, इस बार हमारे ऑर्म्ड फोर्सेज के कैपिटल एक्सपेंडिचर के लिएओ 2.19 लाख करोड़ रुपये का प्रॉविजन किया गया है. इस बजट का सबसे मजबूत पक्ष हमारे तीनों सेनाओं के आधुनिकरण का है. इसके लिए इस वर्ष के बजट में 1.85 लाख करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है जो पिछले वित्त वर्ष की तुलना में 24 फीसदी अधिक है. और इसके परिणाम स्वरूप हमारी सैन्य क्षमता और सशक्त होगी. उन्होंने कहा, पूर्व सैनिकों और उनके परिवार के कल्याण को भी बजट में प्रमुख स्थान मिला है. और एक्स-सर्विसमैन योगदान वाली हेल्थ स्कीम में वर्तमान स्कीम वर्तमान वर्ष के मुकाबले 45 फीसदी की बढ़ोतरी करते हुए 12100 करोड़ रुपये का प्रॉविजन किया गया है. ये बजट देश की सुरक्षा, विकास और आत्मनिर्भरता के संतुलन को मजबूत करता है.
डिफेंस सर्विसेज के लिए जो 3.76 लाख करोड़ जो आवंटित किए गए हैं उसमें 2.48 लाख करोड़ भारतीय सेना के लिए, 47670 करोड़ नौसेना के लिए और भारतीय वायु सेना के लिए 64,450 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है. यानी IAF के लिए आवंटन घटा है. जबकि डिफेंस सर्विसेज में रिसर्च एंड डेवलपमेंट के लिए 12150 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है.
ऑपरेशन सिंदूर के बाद बढ़ा डिफेंस बजट
दरअसल 2025 में हुए ऑपरेशन सिंदूर के बाद से ही ये कयास लगाया जा रहा था कि डिफेंस सेक्टर के बजट में इजाफा किया जाएगा. साल 2025 में जम्मू कश्मीर के पहलगाम में पर्यटकों पर आतंकी हमले के बाद ऑपरेशन सिंदूर के तहत भारत ने पाकिस्तान के आतंकी ठिकानों को नष्ट कर दिया जिसने भारत और पाकिस्तान के बीच युद्ध का रूप ले लिया. इस युद्ध में पाकिस्तान की चीन मदद कर रहा था तो हाल के दिनों में बांग्लादेश के साथ भी तनाव बढ़ा है. पाकिस्तान-चीन- बांग्लादेश के गठजोड़ के बाद से ही रक्षा बजट में इजाफा की उम्मीद की जा रही थी.

