‘2047 तक ग्लोबल लीडर बनेगा भारत’, सीतारमण के 9वें बजट का बड़ा विजन
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‘2047 तक ग्लोबल लीडर बनेगा भारत’, सीतारमण के 9वें बजट का बड़ा विजन

बजट 2026 में निर्मला सीतारमण ने मजबूत अर्थव्यवस्था, रोजगार, निवेश और समावेशी विकास पर जोर देते हुए भारत को 2047 तक ग्लोबल लीडर बनाने का विजन रखा।


Budget 2026 Highlights: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज लोकसभा में मोदी 3.0 कार्यकाल का तीसरा बजट पेश किया। यह उनके वित्त मंत्री के रूप में नौवां बजट है। बजट भाषण की शुरुआत करते हुए उन्होंने भारतीय अर्थव्यवस्था की मजबूती और भविष्य की दिशा पर जोर दिया। सीतारमण ने कहा कि भारत बहुत जल्द दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में शामिल होने जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि भारत 2047 तक एक वैश्विक नेता के रूप में उभरे।

2047 का विजन और गरीबी में कमी

वित्त मंत्री ने बताया कि मौजूदा सरकार के कार्यकाल में देश में करीब 25 करोड़ लोग गरीबी से बाहर निकले हैं और उन्हें बेहतर जीवन स्थितियां मिली हैं। सरकार का मानना है कि समावेशी विकास की इसी राह पर चलते हुए भारत 2047 तक ग्लोबल लीडर बनेगा।

ग्रोथ, रोजगार और निर्यात पर फोकस

अपने भाषण की शुरुआत में निर्मला सीतारमण ने कहा कि सरकार का फोकस गरीबों, किसानों और युवाओं की समृद्धि पर रहा है। रोजगार सृजन, आर्थिक विकास को गति देने और निवेश को बढ़ावा देने के लिए लगातार नीतिगत फैसले लिए गए हैं। इसका असर देश की जीडीपी पर भी दिखा है, जो 7 प्रतिशत से ऊपर रही। उन्होंने कहा कि घरेलू उत्पादन और निर्यात को बढ़ाने के साथ-साथ भारत की वैश्विक बाजारों में मौजूदगी को मजबूत किया गया है।

बजट भाषण की 10 प्रमुख बातें

वित्त मंत्री के बजट भाषण की प्रमुख घोषणाएं इस प्रकार रहीं—

यह बजट युवाओं, किसानों, गरीबों और आम आदमी को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है।

सरकार का फोकस राजकोषीय घाटा कम करने पर है।

उत्पादकता बढ़ाने और वैश्विक अनिश्चितताओं से निपटने की रणनीति अपनाई गई है।

‘सबका साथ, सबका विकास’ के सिद्धांत पर काम जारी रहेगा।

बुनियादी ढांचे (इंफ्रास्ट्रक्चर) के विस्तार और निवेश को मजबूत करने पर जोर।

रोजगार सृजन और व्यापार सुधारों को प्राथमिकता।

सार्वजनिक निवेश को बढ़ावा देने की योजना।

आर्थिक विकास को तीन प्रमुख कर्तव्यों के इर्द-गिर्द केंद्रित किया गया है।

इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग सर्विसेज (EMS) PLI योजना का दायरा बढ़ाकर 40 हजार करोड़ रुपये करने का प्रस्ताव।

तमिलनाडु, केरल और आंध्र प्रदेश में रेयर अर्थ मिनरल कॉरिडोर विकसित किए जाएंगे।

इसके अलावा, बजट में 10,000 करोड़ रुपये का एमएसएमई ग्रोथ फंड, ISM 2.0 की शुरुआत, सेमीकंडक्टर सेक्टर को बढ़ावा देने और इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग के लिए 40,000 करोड़ रुपये के प्रावधान की भी घोषणा की गई।

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