
डीज़ल निर्यात शुल्क में भारी बढ़ोतरी, ATF भी महंगा, पेट्रोल पर शून्य ही रखा गया शुल्क
भारत सरकार ने डीज़ल और एविएशन टरबाइन फ्यूल (ATF) पर निर्यात शुल्क में भारी बढ़ोतरी की है। यह कदम बढ़ते राजकोषीय दबाव के बीच सरकारी राजस्व बढ़ाने के उद्देश्य से उठाया गया है।
पीएम नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने शनिवार को घोषणा की कि डीज़ल पर निर्यात शुल्क को ₹21.5 प्रति लीटर से बढ़ाकर ₹55.5 प्रति लीटर कर दिया गया है। ATF पर भी शुल्क बढ़ाया गया है, जबकि पेट्रोल पर निर्यात शुल्क पहले की तरह शून्य ही रखा गया है।
ये बदलाव तुरंत प्रभाव से लागू हो गए हैं। केंद्र ने डीज़ल निर्यात शुल्क में भारी बढ़ोत्तरी की। अब इसे बढ़ाकर ₹55.5/लीटर किया गया है। हाई-स्पीड डीज़ल पर उत्पाद शुल्क ₹24 और इंफ्रा सेस ₹36; ATF शुल्क ₹42 तक बढ़ा
नई संरचना के तहत स्पेशल एडिशनल एक्साइज ड्यूटी बढ़ाकर ₹24 प्रति लीटर कर दी गई है, जबकि रोड और इंफ्रास्ट्रक्चर सेस अब ₹36 प्रति लीटर हो गया है। वहीं, एविएशन टरबाइन फ्यूल (ATF) पर शुल्क ₹29.5 प्रति लीटर से बढ़ाकर ₹42 प्रति लीटर कर दिया गया है, जबकि पेट्रोल पर निर्यात शुल्क अभी भी शून्य बना हुआ है।
सरकार का मकसद
यह घोषणा 1 अप्रैल की तारीख वाले वित्त मंत्रालय के नोटिफिकेशनों के जरिए की गई है और यह तुरंत प्रभाव से लागू हो गई है। इस फैसले को बढ़ते वित्तीय दबाव के बीच सरकारी राजस्व को मजबूत करने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है। सरल शब्दों में कहें तो सरकार ज्यादा टैक्स लेकर अपनी कमाई (राजस्व) बढ़ाना चाहती है, क्योंकि उस पर खर्च और आर्थिक दबाव बढ़ रहा है।
हालांकि, इस कदम पर सरकार की ओर से विस्तृत आधिकारिक स्पष्टीकरण जल्द आने की उम्मीद है। लेकिन इसका असर ये हो सकता है कि डीज़ल और फ्लाइट फ्यूल महंगा हो सकता है। जिससे ट्रांसपोर्ट और हवाई यात्रा की लागत बढ़ सकती है।

