
LPG के मामले में पैनिक न करने की सरकार की सलाह, कहा-कीमतें कंट्रोल करने के कदम उठा रहे हैं
केंद्र सरकार ने कहा है कि एलपीजी की कीमतों को नियंत्रित रखने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं। इसलिए लोग घबराकर खरीदारी न करें।
ईरान युद्ध के कारण देशभर में एलपीजी की कमी की खबरों के बीच पेट्रोलियम मंत्रालय ने बुधवार को लोगों को घबराकर एलपीजी खरीदने से बचने की सलाह दी। मंत्रालय ने कहा कि केंद्र सरकार ने यह सुनिश्चित करने के लिए कई कदम उठाए हैं कि गैस की कीमतें नियंत्रण में रहें।
मीडिया ब्रीफिंग के दौरान पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने कहा कि संकट के कारण बढ़ी लागत का एक बड़ा हिस्सा सरकार ने खुद वहन किया है ताकि उपभोक्ताओं को राहत मिल सके।
उन्होंने कहा, “दिल्ली में घरेलू एलपीजी सिलेंडर की मौजूदा कीमत 913 रुपये है। इसमें 60 रुपये की बढ़ोतरी शामिल है। अगर सरकार ने हस्तक्षेप नहीं किया होता तो बाजार में इसकी कीमत इससे भी ज्यादा होती।”
उन्होंने बताया कि घरेलू एलपीजी उत्पादन में 25 प्रतिशत की बढ़ोतरी की गई है और इसे घरेलू उपभोक्ताओं की ओर मोड़ा जा रहा है ताकि पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके।
पैनिक बुकिंग की खबरों के बीच शर्मा ने कहा कि घरेलू एलपीजी की सामान्य डिलीवरी साइकिल अभी भी लगभग 2.5 दिन की है और लोगों से अपील की कि वे सिलेंडर बुक कराने के लिए जल्दबाजी न करें।
उन्होंने कहा, “वैश्विक संकट के बीच सरकार लगातार ऊर्जा आपूर्ति की निगरानी कर रही है और जरूरी कदम उठा रही है। हम सभी से ईंधन की बचत करने की अपील करते हैं।”
सरकार की यह प्रतिक्रिया ऐसे समय आई है जब ईरान और अमेरिका-इज़राइल के बीच युद्ध के कारण आपूर्ति बाधित होने से भारत के कई हिस्सों में एलपीजी की कमी की खबरें सामने आ रही हैं।
पेट्रोलियम मंत्रालय ने 6 मार्च को आवश्यक वस्तु अधिनियम लागू करते हुए इंडियन ऑयल (IOCL), भारत पेट्रोलियम (BPCL) और हिंदुस्तान पेट्रोलियम (HPCL) जैसी तेल विपणन कंपनियों को निर्देश दिया कि वे उद्योगों की तुलना में 30 करोड़ घरेलू कनेक्शन, अस्पतालों और स्कूलों को प्राथमिकता दें।
एलपीजी स्टॉक की निगरानी के लिए तीन सदस्यीय पैनल बनाया गया है। इसके अलावा रिफिल बुकिंग के बीच का अंतर 25 दिन कर दिया गया है और जमाखोरी पर सख्त कार्रवाई की जा रही है।

