
नए साल में सिगरेट और तंबाकू हुआ महंगा, सरकार ने लगाई एक्साइज ड्यूटी, गजेट नोटिफिकेशन जारी
दिसंबर महीने में शीतकालीन सत्र के दौरान केंद्र सरकार एक नया विधेयक 'सेंट्रल एक्साइज (अमेंडमेंट) बिल 2025 लेकर आई थी जिसे संसद से मंजूरी मिल चुकी है. जिसके बाद सिगरेट पर एक्साइज ड्यूटी में बढ़ोतरी का फैसला 1 फरवरी 2026 से लागू होने जा रहा है.
नए साल में सिगरेट पीने वालों की जेब पर झटका लगने वाला है. केंद्र सरकार ने सिगरेट और तंबाकू प्रोडक्ट्स पर एक्साइज ड्यूटी लगाने का फैसला किया है. वित्त मंत्रालय ने इसे लेकर गजेट नोटिफिकेशन जारी कर दिया है. एक फरवरी 2026 से नई बढ़ी हुई एक्साइज ड्यूटी लागू होगी.
दिसंबर महीने में शीतकालीन सत्र के दौरान केंद्र सरकार एक नया विधेयक 'सेंट्रल एक्साइज (अमेंडमेंट) बिल 2025 लेकर आई थी जिसे संसद से मंजूरी मिल चुकी है. अब सरकार ने बुधवार 31 दिसंबर 2025 नोटिफिकेशन जारी कर दिया है जिसके बाद सिगरेट पर एक्साइज ड्यूटी में बढ़ोतरी का फैसला 1 फरवरी 2026 से लागू होने जा रहा है. इस कानून के जरिए सिगरेट और अन्य तंबाकू उत्पादों पर लगने वाले अस्थायी टैक्स को हटाकर स्थायी एक्साइज ड्यूटी लागू की गई है. सिगरेट पर ये ड्यूटी प्रोडक्ट की लंबाई के आधार पर प्रति हजार स्टिक पर 2050 रुपये से 8500 रुपये की रेंज में लगाई गई है.
सिगरेट और तंबाकू प्रोडक्ट्स पर लगाया गया एक्साइज ड्यूटी पुराने टैक्स की जगह लेगा. वित्त मंत्रालय के मुताबिक की 1 फरवरी से पान मसाला, सिगरेट, तंबाकू और इसी तरह के प्रोडक्ट्स पर मौजूदा 40 फीसदी जीएसटी (GST) के अलावा एक्साइज ड्यूटी भी लगाई जाएगी. बीड़ी पर 18 फीसदी जीएसटी लगेगा. पान मसाला पर 1 फरवरी से स्वास्थ्य एवं राष्ट्रीय सुरक्षा सेस लगाया जाएगा जिससे जुड़े विधेयक को शीतकालीन सत्र के दौरान संसद से मंजूरी मिली है.
भारत में सिगरेट पर कुल टैक्स फिलहाल रिटेल कीमतों का करीब 53 फीसदी है. इसमें 28 फीसदी GST और सिगरेट के आकार के आधार पर एक एडिशनल वैल्यू-बेस्ड टैक्स भी शामिल है. यह तंबाकू खपत को कम करने के लिए वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन के 75 फीसदी टैक्स के बेंचमार्क से काफी कम है. नए टैक्स के बाद सिगरेट की कीमतों में और बढ़ोतरी होने के आसार है. ICICI सिक्योरिटीज के एनालिस्ट्स के मुताबिक, 75 से 85 मिमी लंबी सिगरेट की कुल लागत 22–28% तक बढ़ सकती है. उन्होंने बताया कि 75 मिमी से लंबी सिगरेट ITC की कुल बिक्री का करीब 16% हिस्सा हैं और इनकी कीमतें 2–3 प्रति सिगरेट तक की बढ़ोतरी आ सकती है.

