टैरिफ पर अमेरिकी SC के फैसले पर भारत सरकार ने तोड़ी चुप्पी, वाणिज्य मंत्रालय ने कहा - करे रहे अध्ययन
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टैरिफ पर अमेरिकी SC के फैसले पर भारत सरकार ने तोड़ी चुप्पी, वाणिज्य मंत्रालय ने कहा - करे रहे अध्ययन

वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय ने प्रेस रिलीज जारी कर अपने आधिकारिक बयान में कहा, टैरिफ पर अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के फैसले को देखा है.


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अमेरिका के सुप्रीम कोर्ट द्वारा राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के रेसिप्रोकल टैरिफ को असंवैधानिक करार देने के फैसले पर भारत सरकार की पहली प्रतिक्रिया आ गई है. वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय ने कहा कि उसने अमेरिका के सुप्रीम कोर्ट के टैरिफ पर आए फैसले का संज्ञान लिया है और वो ट्रंप प्रशासन के अगले कदमों के संभावित प्रभावों का अध्ययन कर रहा है.

वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय ने प्रेस रिलीज जारी कर अपने आधिकारिक बयान में कहा, टैरिफ पर अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के फैसले को देखा है. राष्ट्रपति ट्रंप ने भी इस बारे में प्रेस कॉंफ्रेंस किया है. अमेरिकी प्रशासन ने कुछ कदम उठाये हैं. इस पूरे घटनाक्रम और पड़ने वाले प्रभावों का हम अध्ययन कर रहे हैं.

इससे पहले शुक्रवार 20 फरवरी 2026 को अमेरिका के सबसे ऊपरी अदालत में राष्ट्रपति ट्रंप के रेसिप्रोकल टैरिफ लगाने के फैसले को असंवैधानिक करार दे दिया. अमेरिकी शीर्ष अदालत ने माना कि ट्रंप प्रशासन ने 1977 के आपातकालीन कानून IEEPA का हवाला देकर व्यापक ‘रेसिप्रोकल टैरिफ’ लगाकर अपनी सीमाओं का अतिक्रमण किया है. 6-3 के फैसले में कहा गया कि ऐसे बड़े व्यापारिक कदमों के लिए कांग्रेस की मंजूरी बेहद जरूरी है.

राष्ट्रपति ट्रंप ने अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर तीखी प्रतिक्रिया दी है. व्हाइट हाउस में एक प्रेस ब्रीफिंग के दौरान ट्रंप ने इस फैसले को 'बेहद निराशाजनक' बताया और बहुमत का साथ देने वाले जजों पर जमकर निशाना साधा. ट्रंप ने कहा कि उन्हें अदालत के कुछ सदस्यों पर "शर्म" आती है. उन्होंने जजों को "कायर" बताते हुए कहा कि उनमें देश के लिए सही कदम उठाने की हिम्मत नहीं है. इसके साथ ही ट्रंप ने 10 फीसदी का नया ग्लोबल टैरिफ घोषित किया है. ट्रंप का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट में हार के बाद वह 10% ग्लोबल टैरिफ लागू करने के लिए कार्यकारी आदेश पर जल्द साइन करेंगे.

बहरहाल अमेरिका की शीर्ष अदालत ने ‘इंटरनेशनल इमरजेंसी इकोनॉमिक पावर्स एक्ट’ (IEEPA) के तहत व्यापक टैरिफ लगाने को असंवैधानिक करार दिया. इस फैसले से वैश्विक व्यापार में नई अनिश्चितता पैदा हुई है. कानूनी झटके के बावजूद ट्रंप ने कहा कि भारत-अमेरिका व्यापार संबंधों पर इसका असर नहीं पड़ेगा. उन्होंने फैसले के बाद कहा, “कुछ भी नहीं बदलता. वे टैरिफ देंगे और हम नहीं देंगे. प्रधानमंत्री मोदी एक महान व्यक्ति हैं. हम उन्हें टैरिफ नहीं दे रहे, वे दे रहे हैं. ट्रंप ने इसे व्यापार शर्तों के पुनर्संतुलन के रूप में पेश किया और दोहराया कि पहले भारत अमेरिकी सामान पर ज्यादा टैरिफ लगाता था.

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