
दिसंबर 2025 में खुदरा महंगाई दर में मामूली उछाल, लेकिन RBI के टोलरेंस बैंड है नीचे
सरकार ने बताया कि यह 2012 बेस ईयर पर आधारित उपभोक्ता मूल्य सूचकांक की आखिरी ये रिपोर्ट है. अब महंगाई के नए आंकड़े 2024 = 100 बेस पर जारी किए जाएंगे, जिसकी पहली रिपोर्ट 12 फरवरी 2026 को जारी की जाएगी.
दिसंबर 2025 में खुदरा महंगाई दर में उछाल आया है. दिसंबर में उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) 1.33 फीसदी रही है जो कि नवंबर 2025 में 0.71 फीसदी रही थी. ये लगातार चौथा महीना है जब खुदरा महंगाई दर आरबीआई के टोलरेंस बैंड की निचली सीमा 2 फीसदी से कम बनी हुई है.
सांख्यिकी मंत्रालय ने जो खुदरा महंगाई दर का का आंकड़ा जारी किया है उसके मुताबिक खाने-पीने की चीजों की महंगाई लगातार सातवें महीने भी नेगेटिव बनी रही है. दिसंबर में खाद्य महंगाई -2.71 प्रतिशत दर्ज की गई, यानी खाद्य वस्तुएं पिछले साल की तुलना में सस्ती हुईं. ग्रामीण इलाकों में फूड इन्फ्लेशन -3.08 फीसदी और शहरी इलाकों में -2.09 फीसदी रही है.
सरकार के मुताबिक दिसंबर में खुदरा महंगाई में आई हल्की बढ़ोतरी की वजह कुछ जरूरी चीजों के दामों में बढ़ोतरी है. इनमें सब्जियां, दालें, अंडा, मांस और मछली, मसाले और पर्सनल केयर से जुड़े उत्पाद शामिल हैं.
दिसंबर में मकानों की महंगाई 2.86 फीसदी, शिक्षा 3.32 फीसदी और स्वास्थ्य सेवाओं की महंगाई 3.43 फीसदी रही है. ट्रांसपोर्ट और संचार सेवाओं में महंगाई 0.76 फीसदी, जबकि ईंधन और बिजली की महंगाई 1.97 फीसदी दर्ज की गई है. कम महंगाई और खासकर खाद्य वस्तुओं में गिरावट से आम लोगों को राहत मिली है. वहीं फरवरी महीने में आरबीआई की मॉनिटरी पॉलिसी कमिटी की बैठक होगी. ये माना जा रहा है कि आरबीआई रेपो रेट में और भी कमी कर सकता है.
सरकार ने बताया कि यह 2012 बेस ईयर पर आधारित उपभोक्ता मूल्य सूचकांक की आखिरी ये रिपोर्ट है. अब महंगाई के नए आंकड़े 2024 = 100 बेस पर जारी किए जाएंगे, जिसकी पहली रिपोर्ट 12 फरवरी 2026 को जारी की जाएगी.

