सेंसेक्स 1100 अंक लुढ़का, जानें- गिरावट के पीछे 3 बड़ी वजहें
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सेंसेक्स 1100 अंक लुढ़का, जानें- गिरावट के पीछे 3 बड़ी वजहें

तेल कीमतों में उछाल और मिडिल ईस्ट तनाव से बाजार टूटा। सेंसेक्स 1100 अंक गिरा, निफ्टी 22,500 के नीचे आ गया। लेकिन बैंकिंग शेयरों में भारी बिकवाली हुई है।


कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल का असर भारतीय शेयर बाजार पर साफ दिखाई दे रहा है। आज घरेलू बाजार में भारी गिरावट दर्ज की गई, जहां बीएसई सेंसेक्स 1,100 अंकों से ज्यादा टूट गया, जबकि एनएसई का निफ्टी 50 इंडेक्स 22,500 के नीचे फिसल गया। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 1,166 अंकों की गिरावट के साथ 72,417 पर और निफ्टी 333 अंकों की कमजोरी के साथ 22,486 पर ट्रेड करता दिखा। इससे पहले भी पिछले सत्र में बाजार में बड़ी गिरावट दर्ज की गई थी।

बाजार में बिकवाली का दबाव इतना ज्यादा रहा कि सेंसेक्स के सभी 30 शेयर लाल निशान में कारोबार करते नजर आए। एक्सिस बैंक और इटरनल में 3% से ज्यादा गिरावट आई, जबकि कोटक बैंक, एसबीआई और महिंद्रा एंड महिंद्रा जैसे दिग्गज शेयरों में 2% से अधिक की कमजोरी देखी गई। व्यापक बाजार भी दबाव में रहा, जहां मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स में करीब 2% तक की गिरावट दर्ज हुई। सेक्टर के लिहाज से बैंकिंग और पीएसयू बैंक शेयरों में सबसे ज्यादा बिकवाली हुई।

इस गिरावट की मुख्य वजह पश्चिम एशिया में बढ़ता तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में उछाल है। ब्रेंट क्रूड 115 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया, जबकि डब्ल्यूटीआई क्रूड भी 100 डॉलर से ऊपर कारोबार कर रहा है। इसका असर वैश्विक बाजारों पर भी पड़ा है—जापान का शेयर बाजार शुरुआती कारोबार में करीब 5% टूट गया, वहीं यूरोप में जेट फ्यूल की कीमतों में हाल के हफ्तों में 100% तक की बढ़ोतरी हुई है।

दिन के दौरान कच्चे तेल की कीमतें 120 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच गई थीं। अमेरिका द्वारा ईरान में संभावित जमीनी सैन्य कार्रवाई की खबरों ने पश्चिम एशिया के संकट को और गहरा कर दिया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिका लंबे समय तक चलने वाले ऑपरेशन की तैयारी कर रहा है और यूएस सेंट्रल कमांड ने मिडिल ईस्ट में 3,500 मरीन और सेलर्स की तैनाती की पुष्टि की है। इसे क्षेत्र में पिछले दो दशकों का सबसे बड़ा अमेरिकी सैन्य जमावड़ा माना जा रहा है।

शेयर बाजार में आई तेज गिरावट के पीछे तीन बड़े कारण

पहला: एशियाई बाजारों में भारी गिरावट का सीधा असर भारतीय बाजार पर पड़ा। सेंसेक्स और निफ्टी दबाव में आ गए, वहीं गिफ्ट निफ्टी भी कमजोर संकेत दे रहा था, जिससे निवेशकों का भरोसा डगमगा गया।

दूसरा: कच्चे तेल की कीमतों में अचानक तेज उछाल ने बाजार की चिंता बढ़ा दी। ब्रेंट क्रूड 116 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया, जिससे महंगाई बढ़ने का खतरा गहरा गया और निवेशकों में घबराहट फैल गई।

तीसरा: अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने वैश्विक अनिश्चितता को बढ़ा दिया है। डोनाल्ड ट्रंप द्वारा संभावित ग्राउंड ऑपरेशन की तैयारी की खबरों से बाजार में डर का माहौल बना, जिसका असर शेयर बाजारों पर साफ दिखा।

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