
दीपिंदर गोयल ने Eternal के CEO पद से दिया इस्तीफा, अलबिंदर ढिंडसा 1 फरवरी से संभालेंगे पदभार
स्टॉक एक्सचेंज के पास रेगुलेटरी फाइलिंग में Eternal ने कहा कि ब्लिंकिट के संस्थापक और सीईओ अलबिंदर ढिंडसा अब दीपिंदर गोयल की जगह लेंगे.
जोमैटो (Zomato) और ब्लिंकिट (Blinkit) की पैरेंट कंपनी Eternal के संस्थापक और सीईओ दीपिंदर गोयल ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है. हालांकि, वह कंपनी से अलग नहीं हो रहे हैं. शेयरधारकों की मंजूरी के बाद वे वाइस चेयरमैन के रूप में बोर्ड में बने रहेंगे. अब ब्लिंकिट के संस्थापक अलबिंदर ढिंडसा इटरनल के नए ग्रुप सीईओ होंगे और कंपनी के रोज़मर्रा के कामकाज की जिम्मेदारी संभालेंगे.
दीपिंदर गोयल ने शेयरधारकों को लिखे पत्र में कहा कि हाल के समय में वह कुछ ऐसे नए विचारों पर काम करना चाहते हैं, जिनमें ज्यादा जोखिम और नए प्रयोग शामिल हैं. ऐसे प्रयोग किसी पब्लिक कंपनी के भीतर करना आसान नहीं होता. इसलिए उन्होंने तय किया कि इन नए विचारों पर वे इटरनल के बाहर काम करेंगे, ताकि कंपनी का फोकस उसके मौजूदा कारोबार पर बना रहे.
उन्होंने साफ किया कि यह फैसला कंपनी से दूरी बनाने का नहीं है. गोयल ने कहा कि उन्होंने अपनी ज़िंदगी के 18 साल इस कंपनी को बनाने में लगाए हैं और आगे भी वे कंपनी से जुड़े रहेंगे. इटरनल की लंबी अवधि की रणनीति, कंपनी की संस्कृति, नेतृत्व विकास और गवर्नेंस में उनकी भूमिका बनी रहेगी.
अब कंपनी के ऑपरेशनल फैसले अलबिंदर ढिंडसा लेंगे।.गोयल के मुताबिक, ब्लिंकिट को अधिग्रहण के बाद घाटे से निकालकर मुनाफे के करीब लाने का काम ढिंडसा के नेतृत्व में हुआ. उन्होंने टीम बनाई, सप्लाई चेन मजबूत की और कंपनी को स्थिर दिशा दी. गोयल का कहना है कि ढिंडसा एक जुझारू संस्थापक हैं और इटरनल का नेतृत्व करने के लिए पूरी तरह सक्षम हैं.
गोयल ने भरोसा दिलाया कि इस बदलाव से कंपनी की रफ्तार या दिशा पर कोई असर नहीं पड़ेगा. उनका मानना है कि इससे इटरनल और ज्यादा मजबूत संस्था बनेगी, जबकि उन्हें नए विचारों पर काम करने की आज़ादी मिलेगी.
उन्होंने कहा कि उनका सपना आज भी वही है, इटरनल को भारत की सबसे मूल्यवान कंपनी बनाना, एक अरब ग्राहकों तक पहुंचना, समाज पर सकारात्मक असर डालना और लाखों भारतीयों को रोज़गार देना. गोयल ने कहा कि यह बदलाव सिर्फ पद का है, प्रतिबद्धता का नहीं. इटरनल आज भी उनकी ज़िंदगी का सबसे अहम काम है.

