
अजित पवार विमान हादसे में DGCA का बड़ा फैसला, VSR के चार विमान उड़ान से हटाए गए
अलग-अलग विषयों की विशेषज्ञ टीम ने संगठन में एयरवर्थिनेस, एयर सेफ्टी और फ्लाइट ऑपरेशंस से संबंधित स्वीकृत प्रक्रियाओं में कई गैर-अनुपालन (नॉन-कम्प्लायंस) पाए।
नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने मंगलवार को VSR वेंचर्स प्राइवेट लिमिटेड द्वारा संचालित चार विमानों को ग्राउंड कर दिया। यह कार्रवाई 28 जनवरी को महाराष्ट्र के बारामती में हुए घातक लियरजेट 45 विमान हादसे के बाद किए गए विशेष सुरक्षा ऑडिट में कई उल्लंघन सामने आने के बाद की गई। इस दुर्घटना में एनसीपी नेता और महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम अजित पवार की मृत्यु हो गई थी।
यह तीन वर्षों में VSR एविएशन और लियरजेट 45 मॉडल से जुड़ी दूसरी गंभीर घटना है।
DGCA की प्रेस रिलीज़ में बताया गया है,"28.01.2026 को बरामती में एम/एस वीएसआर वेंचर्स प्रा. लि. के लियरजेट 45 विमान (VT-SSK) की दुर्घटना के बाद, नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने संगठन का विशेष सुरक्षा ऑडिट करने का आदेश दिया। अलग-अलग विषयों की विशेषज्ञ टीम ने संगठन में एयरवर्थिनेस, एयर सेफ्टी और फ्लाइट ऑपरेशंस से संबंधित स्वीकृत प्रक्रियाओं में कई गैर-अनुपालन (नॉन-कम्प्लायंस) पाए।"
प्रेस रिलीज में बताया गया है, "गैर-अनुपालन स्थितियों तथा रखरखाव प्रक्रियाओं में कमियों को ध्यान में रखते हुए, तत्काल सुधारात्मक कदम उठाने का निर्णय लिया गया है और लियरजेट 40/45 विमान, जिनके पंजीकरण संख्या VT-VRA, VT-VRS, VT-VRV और VT-TRI हैं, को निरंतर एयरवर्थिनेस मानकों की बहाली तक ग्राउंड किया जाता है।"
मीडिया रिपोर्ट्स में बताया गया है कि ऑडिट का आदेश 2 फरवरी को दिया गया था। यह 4 फरवरी से शुरू हुआ और 16 फरवरी को पूरा हुआ। इसके बाद निष्कर्षों का विश्लेषण कर अंतिम निर्णय लिया गया।
ऑडिट टीम का नेतृत्व उप महानिदेशक आरके आनंद ने किया। टीम में डिप्टी डायरेक्टर (एयर सेफ्टी) पाथिक वाघेला, डिप्टी डायरेक्टर (एयरवर्थिनेस) सुशील मलिक और असिस्टेंट डायरेक्टर (एयर सेफ्टी) सिवा कुमार जडाला शामिल थे। टीम में वरिष्ठ फ्लाइट ऑपरेशंस इंस्पेक्टर (SFOI-A) कैप्टन अपूर्वा अग्रवाल और फ्लाइट ऑपरेशंस इंस्पेक्टर (FOI) कैप्टन लोकेश रामपाल भी शामिल थे।
यह ऑडिट कंपनी के लियरजेट 45 विमान (पंजीकरण संख्या VT-SSK) के दुर्घटनाग्रस्त होने के बाद किया गया, जिसमें महाराष्ट्र के पूर्व उपमुख्यमंत्री अजित पवार सहित पांच लोगों की मौत हुई थी। विमान अनियंत्रित (अनकंट्रोल्ड) हवाईअड्डे पर उतरने की दूसरी कोशिश के दौरान दुर्घटनाग्रस्त हुआ था।
DGCA ने ऑपरेटर को डिफिशिएंसी रिपोर्टिंग फॉर्म भी जारी किए हैं और ऑडिट में पाई गई खामियों पर मूल कारण विश्लेषण (रूट कॉज एनालिसिस) प्रस्तुत करने को कहा है। अधिकारी ने बताया, “VSR वेंचर्स प्राइवेट लिमिटेड को गैर-अनुपालन के कारणों का विश्लेषण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि DGCA आगे आकलन कर सके।”
हालिया दुर्घटनाओं, विशेषकर बरामती हादसे के बाद, चार्टर ऑपरेटरों की निगरानी बढ़ा दी गई है। DGCA फिलहाल देश के सभी नॉन-शेड्यूल्ड ऑपरेटरों का चरणबद्ध ऑडिट कर रहा है, जिसमें रखरखाव प्रथाओं और सुरक्षा प्रक्रियाओं के अनुपालन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
रिकॉर्ड के अनुसार, दुर्घटनाग्रस्त जेट VT-SSK कम से कम दिसंबर के अंतिम सप्ताह से सक्रिय रूप से उड़ान भर रहा था और मुंबई, गोवा (मोपा), मंगलुरु, दिल्ली, कोल्हापुर, नागपुर, पुणे, सूरत और मुंबई के जुहू हवाईअड्डे के लिए चार्टर उड़ानें संचालित कर रहा था।

