पेट्रोल-डीजल पर एक्साइज ड्यूटी में कटौती, क्या कीमतें होंगी कम
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पेट्रोल-डीजल पर एक्साइज ड्यूटी में कटौती, क्या कीमतें होंगी कम

केंद्र सरकार ने पेट्रोल-डीजल पर एक्साइज ड्यूटी घटाकर कीमतों में करीब ₹10 की कमी की है। लेकिन सवाल यह है कि आम लोगों का क्या इसका फायदा मिलेगा।


मध्य पूर्व में बढ़ते संकट और कच्चे तेल की आपूर्ति में आई कमी के बीच केंद्र सरकार ने आम जनता को राहत देने के लिए बड़ा फैसला लिया है। सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर लगने वाली एक्साइज ड्यूटी में भारी कटौती की है, जिससे ईंधन की कीमतों में कमी आई है।

एक्साइज ड्यूटी में बड़ी कटौती

सरकार ने पेट्रोल पर एक्साइज ड्यूटी 10 रुपये घटाकर 13 रुपये से 3 रुपये प्रति लीटर कर दी है। वहीं, डीजल पर एक्साइज ड्यूटी को पूरी तरह समाप्त कर दिया गया है, यानी इसे शून्य कर दिया गया है।

केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप पुरी ने कहा, '' पिछले एक महीने में अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमतों में जबरदस्त उछाल देखा गया है, जो लगभग 70 डॉलर प्रति बैरल से बढ़कर करीब 122 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई हैं। इसके परिणामस्वरूप दुनिया भर में उपभोक्ताओं के लिए पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी हुई है। दक्षिण-पूर्व एशिया में कीमतें लगभग 30% से 50% तक बढ़ी हैं, उत्तर अमेरिका में 30%, यूरोप में 20% और अफ्रीकी देशों में करीब 50% तक वृद्धि दर्ज की गई है।

ऐसी स्थिति में मोदी सरकार के सामने दो विकल्प थे या तो अन्य देशों की तरह भारत के नागरिकों पर ईंधन की कीमतों का पूरा बोझ डाल दिया जाए, या फिर अंतरराष्ट्रीय उतार-चढ़ाव से भारतीय नागरिकों को बचाने के लिए इसका भार खुद वहन किया जाए''।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रूस-यूक्रेन संघर्ष की शुरुआत से पिछले चार वर्षों में अपनी सरकार की प्रतिबद्धता को जारी रखते हुए, एक बार फिर भारतीय नागरिकों के हित में सरकारी वित्त पर दबाव झेलने का निर्णय लिया। सरकार ने कर राजस्व में बड़ी कमी स्वीकार करते हुए यह सुनिश्चित किया है कि तेल कंपनियों को होने वाले भारी नुकसान (पेट्रोल पर लगभग ₹24 प्रति लीटर और डीजल पर ₹30 प्रति लीटर) को कम किया जा सके, जबकि अंतरराष्ट्रीय कीमतें बेहद ऊंचे स्तर पर हैं।इसके साथ ही, पेट्रोल और डीजल की अंतरराष्ट्रीय कीमतों में तेज वृद्धि को देखते हुए निर्यात पर टैक्स भी लगाया गया है, ताकि विदेशी बाजारों में निर्यात करने वाली रिफाइनरियों को इस पर कर देना पड़े।

राज्यों का वैट रहेगा लागू

हालांकि, केंद्र सरकार की इस राहत के बावजूद राज्य सरकारों द्वारा लगाया जाने वाला वैट (VAT) जारी रहेगा। इसी कारण अलग-अलग राज्यों में ईंधन की कीमतों में अंतर बना रह सकता है। सरकार का यह कदम बढ़ती महंगाई के बीच आम जनता को राहत देने और तेल संकट के प्रभाव को कम करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।

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