सोना-चांदी के भाव में आग! FD तोड़कर महिलाएं कर रहीं निवेश, बाज़ार में डर !
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सोना-चांदी के भाव में आग! FD तोड़कर महिलाएं कर रहीं निवेश, बाज़ार में डर !

बाज़ार में डर! पल-पल बदलते भाव से तंग आकर कई ज्वैलर्स ने रोकी खरीद-फरोख्त। FD तोड़कर सोने में निवेश कर रहे लोग। क्या सट्टेबाजी है इस महंगाई की वजह? पूरी रिपोर्ट।


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Gold and Sliver Price : सोने और चांदी की कीमतों में आई सुनामी ने बाज़ार का पूरा नक्शा ही बदल दिया है. अनिश्चितता इतनी बढ़ गई है कि बाज़ार में हर पल ट्रेंड बदल रहा है. आम लोगों ने अब गहनों से दूरी बना ली है. इसके बजाय अब सोने और चांदी के सिक्कों में भारी निवेश किया जा रहा है. एक बहुत ही चौंकाने वाली बात सामने आई है. गृहणियां अपनी बरसों की सेविंग और फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) तोड़ रही हैं. वे उस पैसे को अब सोने-चांदी में सुरक्षित कर रही हैं. लेकिन इस चमक के पीछे व्यापारियों का अंधेरा है. उनके लिए अब व्यापार करना मुश्किल हो चला है. वजह है पल-पल बदलते भाव और बढ़ता अविश्वास. इसी डर से कई व्यापारियों ने फिलहाल काम ही रोक दिया है. 'द फेडरल देश' ने दिल्ली के दिल, चांदनी चौक का हाल जाना. वहां के व्यापारियों और बुलियन ट्रेडर से बात की.


दरीबा कलां का हाल: गहने नहीं, सिक्के बिक रहे
चांदनी चौक के दरीबा कलां व्यापार मंडल के महासचिव मनीष वर्मा ने बाज़ार का सच बताया. उनका कहना है कि आज बाज़ार में गहने के खरीदार न के बराबर हैं. दाम बढ़ने की वजह से लोग अब सिर्फ सिक्के खरीद रहे हैं. खास तौर पर महिलाएं अब जमकर निवेश कर रही हैं. वे बैंक से अपनी जमा पूंजी निकालकर उसे सोने-चांदी में बदल रही हैं. लेकिन असली समस्या व्यापारियों के सामने खड़ी है. यह तेजी पूरी तरह से अप्रत्याशित है.

'MCX सट्टा बाज़ार बन गया है'
मनीष वर्मा का सीधा आरोप है कि इस तेजी के पीछे MCX (कमोडिटी एक्सचेंज) है. यह अब पूरी तरह सट्टे की तरह चल रहा है. वहां सोना खरीदने के लिए सिर्फ 25 प्रतिशत कीमत देनी होती है. यानी 1 करोड़ का सोना खरीदने के लिए सिर्फ 25 लाख देने पड़ते हैं. यही वजह है कि दाम बेतहाशा भाग रहे हैं. MCX पर चंद लोगों का कब्ज़ा हो गया है. वे सट्टेबाजी की तरह बाज़ार को नचा रहे हैं.

डॉलर नहीं, सट्टेबाजी है जिम्मेदार
लोग कह रहे हैं कि डॉलर के मुकाबले रुपया कमजोर हुआ है. लेकिन रुपया इतना भी नहीं टूटा, जितनी तेजी से सोना भागा है. मनीष वर्मा बताते हैं कि महज 24 घंटे में 10 ग्राम सोना 15-16 हजार महंगा हुआ. चांदी तो 40 हजार रुपये तक बढ़ गई. ऐसी भयानक तेजी पिछले 40-50 साल में कभी नहीं दिखी. उन्होंने सरकार से मांग की है कि MCX को तुरंत सस्पेंड किया जाए. भारत में सट्टेबाजी अवैध है, इसे रुकना चाहिए. इसका सीधा असर गरीब कारीगरों पर पड़ रहा है.

कूचा महाजनी: एक रात में बदल जाते हैं वादे
कूचा महाजनी के 'ऑल ज्वेलर्स बुलियन एसोसिएशन' के अध्यक्ष योगेश सिंघल ने एक और दर्द बयां किया. बढ़ते भाव ने व्यापारियों का आपसी भरोसा तोड़ दिया है. शाम को जिस रेट पर सौदा तय होता है, सुबह वह बदल जाता है. रात भर में कीमतें इतनी भागती हैं कि सब कुछ बिगड़ जाता है. या तो खरीदार पीछे हटता है या बेचने वाला. एसोसिएशन को रोज ऐसे विवाद सुलझाने पड़ते हैं.

शादियों में भी खरीदार नहीं
योगेश सिंघल बताते हैं कि गहनों की डिमांड गिर गई है. शादियों का सीजन है, फिर भी लोग बहुत सीमित खर्च कर रहे हैं. दाम बढ़ने से हर कोई हाथ खींच रहा है. बड़ी संख्या में व्यापारियों ने खरीद-फरोख्त रोक दी है. बाज़ार किसी की समझ में नहीं आ रहा. इसलिए लोग सिर्फ सिक्के खरीदकर काम चला रहे हैं.

ज्वैलर्स का सबसे बुरा हाल
एसोसिएशन के जॉइंट सेक्रेटरी पवन कुमार गुप्ता का कहना है कि ज्वैलर्स सबसे ज्यादा परेशान हैं. दुकान पर खरीदार बिल्कुल नहीं हैं. अगर हम आज 10 ग्राम सोना बेचते हैं. तो कल नया 10 ग्राम खरीदने के लिए हमें जेब से ज्यादा पैसे देने पड़ते हैं. सुबह रेट कुछ होता है, शाम को कुछ और. रात को बात करके सोओ, सुबह रेट बदला मिलता है. कुल मिलाकर, यह समय व्यापार के लिए सही नहीं है. इसलिए कई ज्वैलर्स ने काम रोक दिया है और सिर्फ बाज़ार देख रहे हैं.

बुलियन बाज़ार में डर का माहौल
बुलियन बाज़ार में ट्रेडिंग करने वाले विनोद देशमुख भी डरे हुए हैं. उन्होंने बताया कि पहले चांदी में निवेश बढ़ा था. लेकिन अब दामों में जैसी आग लगी है, ट्रेडिंग रुक सी गई है. सोना और चांदी, दोनों का कारोबार सीमित हो गया है. आगे क्या होगा, कुछ समझ नहीं आ रहा. मन में एक गहरा डर बैठ गया है. अगर भाव अचानक गिर गए, तो हम कहां जाएंगे?



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