H-1B वीजा संकट: भारत में 2027 तक इंटरव्यू स्लॉट बंद, ट्रंप नीति में बदलाव का असर
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ट्रंप की नीति की सख्ती, अतिरिक्त जांच और सीमित संसाधनों के चलते H-1B वीजा प्रक्रिया भारतीय पेशेवरों के लिए पहले से कहीं ज्यादा चुनौतीपूर्ण हो गई है।

H-1B वीजा संकट: भारत में 2027 तक इंटरव्यू स्लॉट बंद, ट्रंप नीति में बदलाव का असर

ट्रंप प्रशासन की सख्ती से भारतीय पेशेवरों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। दिल्ली, मुंबई, चेन्नई, हैदराबाद और कोलकाता स्थित वीजा कार्यालयों में अब नियमित साक्षात्कार के लिए स्लॉट उपलब्ध नहीं हैं।


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अमेरिकी H-1B वीजा के लिए आवेदन करने वाले भारतीय पेशेवरों की मुश्किलें तेजी से बढ़ गई हैं। भारत के सभी प्रमुख अमेरिकी वाणिज्य दूतावासों में 2027 तक के लिए नए इंटरव्यू स्लॉट उपलब्ध नहीं हैं। वीजा अपॉइंटमेंट वेबसाइट पर प्रतीक्षा अवधि कई जगह 'उपलब्ध नहीं' दिखाई दे रही है, जिससे हजारों आवेदकों की योजनाएं अधर में लटक गई हैं।

2026 की शुरुआत में ही झटका

अमेरिका में काम करने की तैयारी कर रहे भारतीय पेशेवरों के लिए साल 2026 की शुरुआत ही संकट भरी रही है। ट्रंप प्रशासन की सख्त वीजा नीतियों के चलते दिल्ली, मुंबई, चेन्नई, हैदराबाद और कोलकाता, किसी भी प्रमुख केंद्र में H-1B वीजा इंटरव्यू के लिए नियमित स्लॉट नहीं मिल रहे हैं। जनवरी–फरवरी 2026 की कई अपॉइंटमेंट्स को सीधे अप्रैल–मई 2027 तक टाल दिया गया है।

वेबसाइट पर ‘not available’ का संदेश

आव्रजन विशेषज्ञों के अनुसार हालात जल्द सुधरने के संकेत नहीं हैं। दूतावासों की वेबसाइट पर याचिका-आधारित वीजा (H, L, O, P, Q) के लिए अगली उपलब्ध अपॉइंटमेंट की प्रतीक्षा अवधि कई स्थानों, खासकर दिल्ली और कोलकाता, में 'उपलब्ध नहीं' दर्शाई जा रही है।

देरी की असली वजह क्या है?

इस देरी की जड़ ट्रंप प्रशासन के H-1B नियमों में किए गए बदलाव हैं। 29 दिसंबर 2025 को अमेरिकी नागरिकता और आव्रजन सेवा (USCIS) ने वित्तीय वर्ष 2027 के लिए नए नियम जारी किए। हालांकि वार्षिक वीजा सीमा 85,000 ही रखी गई है, जिसमें 20,000 वीजा अमेरिकी स्नातकोत्तर डिग्री धारकों के लिए आरक्षित हैं, लेकिन प्रक्रिया कहीं अधिक सख्त और समय लेने वाली हो गई है।

सोशल मीडिया जांच से बढ़ा बोझ

अब वीजा आवेदकों के लिए सोशल मीडिया की अनिवार्य जांच भी शुरू कर दी गई है। इस अतिरिक्त सत्यापन से हर आवेदक की प्रक्रिया लंबी हो रही है और दूतावासों में रोजाना लिए जाने वाले इंटरव्यू की संख्या घट गई है।

तीसरे देश का विकल्प भी बंद

कुछ सीमित अपवादों को छोड़कर अमेरिका अब तीसरे देशों में वीजा जारी करने की अनुमति नहीं देता। इसका मतलब है कि भारतीय आवेदकों की पूरी मांग भारत स्थित दूतावासों पर ही आ गई है, जिससे बैकलॉग और बढ़ गया है। इमिग्रेशन अटॉर्नी एमिली न्यूमैन के मुताबिक, पिछले 50 दिनों में भारत के लिए H-1B वीजा इंटरव्यू के नए स्लॉट खुलने की कोई जानकारी सामने नहीं आई है।

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