HAL  Update: स्वदेशी फाइटर जेट AMCA प्रोजेक्ट से हिंदुस्तान एरोनॉटिक्स लिमिटेड बाहर! 370 रु गिरा स्टॉक
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HAL Update: स्वदेशी फाइटर जेट AMCA प्रोजेक्ट से हिंदुस्तान एरोनॉटिक्स लिमिटेड बाहर! 370 रु गिरा स्टॉक

अगली पीढ़ी के लड़ाकू विमान बनाने के लिए जिन कंपनियों को शार्टलिस्ट किया है उसमें HAL का नाम शामिल नहीं है. इस प्रोजेक्ट के लिए तीन निजी डिफेंस कंपनियों को शॉर्टलिस्ट किया गया है जिसमें टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स, एलएंडटी (L&T) और भारत फोर्ज शामिल है.


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देश में लड़ाकू विमान बनाने वाली सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी हिंदुस्तान एरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) का शेयर, स्टॉक एक्सचेंज पर बुधवार 4 फरवरी 2026 के सेशन में औंधे मुंह गिर गया. इसकी वजह है HAL के लिए आई बुरी खबर. भारत अगली पीढ़ी के लड़ाकू विमान AMCA (Advanced Multirole Combat Aircraft) बनाने के लिए जो कवायद कर रहा है उस रेस से हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड बाहर हो चुकी है.

इकॉनॉमिक टाइम्स के खबर के मुताबिक सरकार ने अगली पीढ़ी के लड़ाकू विमान बनाने के लिए जिन कंपनियों को शार्टलिस्ट किया है उसमें HAL का नाम शामिल नहीं है. इस प्रोजेक्ट के लिए तीन निजी डिफेंस कंपनियों को शॉर्टलिस्ट किया गया है जिसमें टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स, एलएंडटी (L&T) और भारत फोर्ज शामिल है. इन तीनों में से विजेता कौन होगा वो अगले तीन महीने में तय कर लिया जाएगा. रिपोर्ट के मुताबिक, इस बड़े रक्षा प्रोजेक्ट के लिए कुल 7 भारतीय कंपनियों ने बोली लगाई थी. टेक्निकल जांच के बाद तीन कंपनियों को शार्टलिस्ट किया गया है जबकि PSU हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) इस रेस से बाहर हो गई है. शॉर्टलिस्ट की गई कंपनियां लड़ाकू विमान के प्रोटोटाइप बनाने के लिए अपनी ओर से फाइनेंशियल बोली लगाएंगी. इसके बाद सरकार अंतिम विजेता के नाम का ऐलान करेगी.

टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स, एलएंडटी (L&T) और भारत फोर्ज निजी क्षेत्र में डिफेंस सेक्टर की दिग्गज कंपनियों में शुमार है और उनका सेलेक्शन उनकी तकनीकी क्षमता, मैन्युफैक्चरिंग के अनुभव, मौजूदा ऑर्डर और आर्थिक स्थिति को देखकर किया गया है. उन्हें यह साबित करना था कि वे AMCA के डिजाइन को विकसित करने, टेस्ट करने और तैयार करने में सक्षम हैं. जिस कंपनी का चुनाव होगा वो एयरोनॉटिकल डेवलपमेंट एजेंसी (ADA) के साथ मिलकर AMCA के 5 प्रोटोटाइप बनाएगी. इसके लिए सरकार ने करीब ₹15,000 करोड़ का बजट तय किया है. भारतीय वायुसेना इस विमान को जब अपनाएगी, तो कुल ऑर्डर इससे कई गुना ज्यादा हो सकता है.

AMCA प्रोजेक्ट को भारत का अब तक का सबसे बड़ा रक्षा अनुसंधान और विकास कार्यक्रम माना जा रहा है. यह पांचवीं पीढ़ी का स्टेल्थ लड़ाकू विमान होगा, जो 2030 के दशक के मध्य से भारतीय वायुसेना की मुख्य ताकत बनेगा. पहले चरण में करीब 120 लड़ाकू विमान खरीदे जाने की योजना है. इनकी डिलीवरी 2035 से शुरू होने की उम्मीद है. इन नए विमानों में स्टेल्थ तकनीक, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), लंबी दूरी तक हमला करने की क्षमता और ड्रोन जैसे मानवरहित सिस्टम के साथ मिलकर काम करने की तकनीक शामिल होगी.

पिछले वर्ष ऑपरेशन सिंदूर के खत्म होने के बाद रक्षा क्षेत्र को मजबूत बनाने और देश में एयरोस्पेस उद्योग को बढ़ावा देने के लिए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने एडवांस्ड मीडियम कॉम्बैट एयरक्राफ्ट कार्यक्रम के लिए नया कार्य मॉडल की मंजूरी दी थी. तब उन्होंने कहा था कि सरकारी और निजी दोनों कंपनियों को बराबरी का मौका मिलेगा. कोई भी कंपनी अकेले, साझेदारी में या समूह बनाकर इस प्रोजेक्ट में हिस्सा ले सकते हैं. भाग लेने वाली कंपनी भारत की होनी चाहिए. रक्षा मंत्री ने खुद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर पोस्ट कर ये जानकारी दी.

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