
अब पाकिस्तान नहीं करेगा कोई हिमाकत, भारत ने 114 राफेल लड़ाकू विमान खरीद को दी मंजूरी
DAC के राफेल विमान खरीद को मंजूरी देने के बाद भारतीय वायु सेवा की ताकत में इजाफा भारतीय वायु सेना के पास फिलहाल करीब 30 स्क्वाड्रन हैं, जबकि स्वीकृत संख्या 42 स्क्वाड्रन की है.
भारतीय वायुसेना की मारक क्षमता आने वाले बढ़ने वाली है. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में हुई रक्षा अधिग्रहण परिषद (Defence Aquisition Council) की बैठक में 3.25 लाख करोड़ रुपये की लागत से 114 राफेल लड़ाकू विमान खरीद को मंजूरी दे दी है. डिफेंस प्रक्योरमेंट बोर्ड ने पहले ही इस खरीद प्रस्ताव पर अपनी मुहर लगा दी थी. पिछले कुछ वर्षों में ये सबसे बड़ी डिफेंस डील में से एक है.
DAC ने जिस 114 राफेल विमान खरीद को मंजूरी दी है उसमें से 18 लड़ाकू विमान सीधे उड़ान-योग्य (फ्लाई-अवे) स्थिति में मिलेंगे, जबकि बाकी विमानों की मैन्युफैक्चरिंग भारत में की जाएगी. 114 राफेल लड़ाकू विमानों में से करीब 90 विमान मेक इन इंडिया पहल के तहत देश में बनाया जाएगा. इस समझौते के बाद भारत के राफेल विमानों की कुल संख्या 176 हो जाएगी. इसमें पहले से वायु सेना में शामिल 36 राफेल और नौसेना द्वारा विमानवाहक पोत संचालन के लिए ऑर्डर किए गए 26 राफेल-एम विमान भी शामिल हैं.
DAC के राफेल विमान खरीद को मंजूरी देने के बाद भारतीय वायु सेवा की ताकत में इजाफा भारतीय वायु सेना के पास फिलहाल करीब 30 स्क्वाड्रन हैं, जबकि स्वीकृत संख्या 42 स्क्वाड्रन की है. पश्चिमी और उत्तरी सीमाओं पर चीन पाकिस्तान से मिल रही चुनौतियों के बीच ये खरीद को बेहद अहम माना जा रहा है.
इस खरीद डील के तहत वायु सेना को 88 सिंगल-सीट और 26 ट्विन-सीट राफेल विमान मिलेंगे. भारत में प्रोडक्शन फ्रांस की एयरोस्पेस कंपनी डसॉल्ट एविएशन और भारतीय निजी क्षेत्र की कंपनियों के सहयोग से किया जाएगा, जिससे घरेलू रक्षा निर्माण क्षेत्र को बड़ा बढ़ावा मिलेगा.

