दिल्ली में एआई इम्पैक्ट समिट आज से, क्या है खास?
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दिल्ली में एआई इम्पैक्ट समिट आज से, क्या है खास?

भारत एआई इम्पैक्ट समिट 2026 का उद्घाटन पीएम मोदी करेंगे। 20 देशों के नेता, 3000 वक्ता और टेक दिग्गजों की मौजूदगी में एआई सहयोग और निवेश पर फोकस रहेगा।


भारत एआई इम्पैक्ट समिट 2026 की तैयारियां अंतिम चरण में हैं और जोरों पर चल रही हैं। इस वैश्विक सम्मेलन का उद्घाटन प्रधानमंत्री Narendra Modi सोमवार शाम (16 फरवरी) को नई दिल्ली के Bharat Mandapam में करेंगे। यह शिखर सम्मेलन 16 से 20 फरवरी तक आयोजित होगा।

यह चौथा एआई शिखर सम्मेलन है। इससे पहले ऐसे सम्मेलन यूनाइटेड किंगडम, दक्षिण कोरिया और फ्रांस में आयोजित हो चुके हैं। ग्लोबल साउथ में आयोजित होने वाला यह पहला बड़ा वैश्विक एआई सम्मेलन है। प्रधानमंत्री 19 फरवरी को मुख्य पूर्ण सत्र (प्लेनरी सेशन) को संबोधित करेंगे और सम्मेलन के दौरान लगभग 30-40 सीईओ से अलग से मुलाकात भी करेंगे।

वैश्विक नेताओं की मौजूदगी

सम्मेलन में दुनिया भर के राष्ट्राध्यक्षों और टेक उद्योग के दिग्गजों के शामिल होने की उम्मीद है। इनमें Sundar Pichai (गूगल), Sam Altman (ओपनएआई), Demis Hassabis (डीपमाइंड), Dario Amodei (एंथ्रोपिक) और माइक्रोसॉफ्ट के अध्यक्ष Brad Smith शामिल हैं।

विदेश मंत्रालय के अनुसार फ्रांस, ब्राजील, एस्टोनिया, नीदरलैंड, स्विट्जरलैंड, स्पेन, सर्बिया, फिनलैंड, बोलिविया, गुयाना, सेशेल्स, ग्रीस, श्रीलंका, भूटान, मॉरीशस, कजाकिस्तान, स्लोवाकिया, क्रोएशिया समेत लगभग 20 देशों के नेता सम्मेलन में भाग लेंगे।

संयुक्त राष्ट्र महासचिव Antonio Guterres, यूएई और लिकटेंस्टाइन के क्राउन प्रिंस, ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री Rishi Sunak और Tony Blair भी उपस्थित रहेंगे। माइक्रोसॉफ्ट के संस्थापक Bill Gates के भी सम्मेलन में शामिल होने की संभावना है। वह 16 फरवरी को आंध्र प्रदेश में मुख्यमंत्री से स्वास्थ्य और डिजिटल तकनीक से जुड़े मुद्दों पर चर्चा करेंगे। हालांकि, एनवीडिया के सीईओ Jensen Huang ने अप्रत्याशित कारणों से कार्यक्रम में शामिल न हो पाने की सूचना दी है।

3,000 से अधिक वक्ता

प्रधानमंत्री कार्यालय के अनुसार, इस कार्यक्रम में 500 से अधिक सत्रों में 3,000 से ज्यादा वक्ता भाग लेंगे। आयोजकों को उम्मीद है कि 2.5 लाख से अधिक लोग, जिनमें अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधि भी शामिल हैं, इस आयोजन में आएंगे। मंगलवार को एक “ऑल-वुमन हैकाथॉन” भी आयोजित किया जाएगा।

13 देशों के पवेलियन

एक्सपो में 13 देशों के पवेलियन होंगे, जिनमें ऑस्ट्रेलिया, जापान, रूस, ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी, इटली, नीदरलैंड, स्विट्जरलैंड, सर्बिया, एस्टोनिया, ताजिकिस्तान और अफ्रीका शामिल हैं। यह एक्सपो 300 से अधिक क्यूरेटेड प्रदर्शनी पवेलियनों और लाइव डेमो के साथ आयोजित होगा। इसे तीन थीमेटिक ‘चक्र’—पीपल, प्लेनेट और प्रोग्रेस—के आधार पर संरचित किया गया है।

भारत में बिग टेक की दिलचस्पी

भारत दुनिया के लगभग 20 प्रतिशत डेटा का उत्पादन करता है, एआई कार्यबल के मामले में दुनिया में दूसरे स्थान पर है और यहां 70 करोड़ से अधिक इंटरनेट उपयोगकर्ता हैं। यही कारण है कि वैश्विक टेक कंपनियां भारत में निवेश बढ़ा रही हैं। माइक्रोसॉफ्ट पहले ही चार वर्षों में 17.5 अरब डॉलर के निवेश की घोषणा कर चुका है, ताकि भारत में एआई इंफ्रास्ट्रक्चर स्थापित किया जा सके। ओपनएआई ने भारत में समर्पित सेल्स डिवीजन स्थापित किया है। गूगल सरकार और फिजिक्सवाला के साथ साझेदारी कर शिक्षा में एआई की भूमिका बढ़ा रहा है। इस वर्ष के बजट में भारत ने डेटा सेंटर स्थापित करने वाली अंतरराष्ट्रीय कंपनियों को 1947 तक टैक्स हॉलिडे देने की घोषणा की है।

प्रवेश व्यवस्था और पाबंदियां

16 फरवरी को उद्घाटन के कारण प्रवेश पर कुछ प्रतिबंध रहेंगे। एक्सपो 17 फरवरी से आम जनता के लिए खुल जाएगा। कार्यक्रम में पंजीकरण निःशुल्क है। इच्छुक व्यक्ति DigiYatra या इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट ऐप पर क्यूआर कोड स्कैन कर प्रवेश पा सकते हैं। भारत मंडपम के मुख्य हॉल में प्रवेश गेट 4, 7 और 10 से नियंत्रित तरीके से होगा। गेट 4 सुबह 7:30 बजे से दोपहर 2 बजे तक खुला रहेगा। दोपहर 2 बजे के बाद सुरक्षा प्रोटोकॉल के अनुसार प्रवेश सीमित होगा। गेट 7 दोपहर 2 बजे के बाद खुलेगा, जबकि गेट 10 मेट्रो से आने वाले प्रतिनिधियों के लिए सुविधाजनक रहेगा।

कार्यक्रम स्थल भारत मंडपम कन्वेंशन सेंटर और सुषमा स्वराज भवन सुबह 9:30 बजे से शाम 6 बजे तक खुले रहेंगे। पुराना किला, चिड़ियाघर और जेएलएन स्टेडियम पार्किंग से शटल सेवाएं उपलब्ध होंगी। मीडिया पेशेवरों के लिए भैरों मंदिर पार्किंग आरक्षित की गई है।

साझेदारी और अवसर

यह आयोजन वैश्विक एआई पारिस्थितिकी तंत्र में नई साझेदारियों और व्यावसायिक अवसरों को बढ़ावा देने का लक्ष्य रखता है। 70,000 वर्ग मीटर में फैले 10 एरिना में आयोजित यह एक्सपो वैश्विक टेक कंपनियों, स्टार्टअप्स, शिक्षाविदों, शोध संस्थानों, केंद्रीय मंत्रालयों, राज्य सरकारों और अंतरराष्ट्रीय साझेदारों को एक मंच पर लाएगा।

(एजेंसी इनपुट के साथ)

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